रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली छावनी में भारतीय नौसेना की नवनिर्मित मुख्यालय इमारत नौसेना भवन का आधिकारिक तौर पर 15 मार्च, 2024 को उद्घाटन किया। इस भवन का शुभारंभ किया जाना, भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसने दिल्ली में अपना पहला स्वच्छंद मुख्यालय स्थापित किया है।
इससे पहले, नौसेना की आधिकारिक गतिविधियां 13 अलग-अलग स्थानों से संचालित होती थी, जिसकी वजह से नौसेना भवन जैसी समेकित और उद्देश्यों को पूरा करने वाली एक इमारत की आवश्यकता महसूस होती थी। नौसेना भवन की वास्तुशिल्प रूपरेखा को एक कड़ी अखिल भारतीय प्रतिस्पर्धा प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया था, जिससे भवन की कार्यक्षमता और सौंदर्य आकर्षण को सुनिश्चित किया गया है। चार मंजिलों में तीन अलग-अलग खण्ड वाली इस इमारत में दक्षता और स्थिरता को अनुकूलित करने के लिए नवीनतम निर्माण प्रौद्योगिकियों को शामिल किया गया है।
सौर ऊर्जा उत्पादन प्रणालियों और उन्नत निर्माण सामग्री के एकीकरण के साथ, ऊर्जा एवं जल संरक्षण की दिशा में किये गए प्रयास पूरे परिसर में स्पष्ट रूप से नजर आते हैं। हाइब्रिड रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट निर्माण प्रणाली अधिकतम गति के साथ बड़े आकार के निर्माण को सक्षम बनाती है, जबकि इमारत की रूपरेखा प्राकृतिक दृश्यों वाले उद्यानों एवं आंतरिक प्रांगणों के माध्यम से प्राकृतिक तत्वों के साथ एकीकरण पर बल देती है।
नवनिर्मित नौसेना भवन आंतरिक रूप से, एक आरामदायक और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराता है, जिसमें उन्नत ऑक्सीकरण प्लाज्मा प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए एक सेंट्रल हीटिंग, वेंटिलेशन तथा एयर कंडीशनिंग प्रणाली द्वारा सुविधा प्रदान की गई है। इसके अलावा, यह परिसर अत्याधुनिक एकीकृत भवन प्रबंधन प्रणाली से सुसज्जित है, जो सुरक्षा सेवाओं एवं उपयोगिता प्रणालियों का कुशल समन्वय और निगरानी को सुनिश्चित करता है।
इस नई इमारत ने एकीकृत आवास मूल्यांकन के तहत ग्रीन रेटिंग IV हासिल की है, जो टिकाऊ कार्य प्रणालियों के प्रति अपनी वचनबद्धता को रेखांकित करती है। इसके अलावा, इस भवन में एक व्यापक त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रणाली है, जिसमें वाहनों की स्वचालित अंडरबेली स्कैनिंग, बिजली के तारों का घेरा, चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे, बोलार्ड, वाहन स्टॉपर्स, प्रवेश नियंत्रण प्रणाली और सुरक्षा हेतु कैमरे जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं।
नया नौसेना भवन आधुनिक कार्यालय की कार्य प्रणालियों के अनुरूप, यूपीएस सिस्टम के साथ व्यापक सूचना प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे से सुसज्जित है, जो कागज रहित कार्य करने के माहौल को बढ़ावा देता है और नौसेना की आवश्यक नेटवर्क जरूरतों को पूरा करता है। भारतीय नौसेना के लिए नवनिर्मित नौसेना भवन बनना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इसे एक केंद्रीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत मुख्यालय बना देता है। यह समुद्री उत्कृष्टता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति देश की वचनबद्धता को दर्शाता है।
National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More
RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment