रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कॉर्पोरेट जगत से सशस्त्र बल झंडा दिवस कोष (एएफएफडीएफ) में उदारतापूर्वक योगदान देने और देश की संप्रभुता एवं अखंडता की रक्षा में अपना जीवन व्यतीत करने वाले बहादुर सैनिकों का कल्याण सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। रक्षा मंत्री 29 नवंबर, 2023 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित सशस्त्र बल झंडा दिवस कोष संस्थागत सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सम्मेलन के अवसर पर कॉर्पोरेट जगत के प्रमुखों को संबोधित कर रहे थे।
राजनाथ सिंह ने सेवानिवृत्त और सेवारत सशस्त्र बल कर्मियों को उनकी अद्वितीय वीरता तथा बलिदान के लिए कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण सुनिश्चित करना पूरे देश का सामूहिक कर्तव्य है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सैनिक दुर्गम परिस्थितियों में अपना कर्तव्य निभाते हैं और साहस व तत्परता के साथ सामने आने वाली चुनौतियों से निपटते हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि व्यवसायियों, उद्योगों एवं कॉर्पोरेट जगत के प्रमुखों को धन का सृजनकर्ता होते हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान देते हैं और देश की समृद्धि तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग करते हैं। उन्होंने कॉरपोरेट जगत से अपने कर भुगतान दायित्वों का निर्वहन करने के साथ ही अर्जित धन या लाभ को समाज के अन्य लोगों, विशेष रूप से सशस्त्र बलों के कर्मियों के साथ साझा करने का आग्रह किया। राजनाथ सिंह ने इस बात पर बल दिया कि स्वैच्छिक योगदान अनिवार्य दायित्वों से अधिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि जब आपके कर का पैसा सैनिकों तक पहुंचता है, तो यह एक कानूनी दायित्व की तरह होता है। लेकिन, स्वैच्छिक योगदान करने पर ऐसा नहीं होता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि एक सैनिक को कर के रूप में दिए गए 100 रुपये से अधिक स्वैच्छिक योगदान के रूप में दिए गए 5 रुपये से जुड़ाव महसूस होगा।
इस अवसर पर, राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बल झंडा दिवस कोष के प्रमुख संस्थागत सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व योगदानकर्ताओं को भी सम्मानित किया। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, इंडस टावर्स लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन, ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड, ईसीजीसी लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एलआईसी गोल्डन जुबली फाउंडेशन, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड शामिल हैं।
इस सम्मेलन में थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे, सचिव (पूर्व सैनिक कल्याण) विजय कुमार सिंह, रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सेवारत तथा सेवानिवृत्त सशस्त्र बल के जवान भी शामिल हुए।
पूर्व सैनिकों के कल्याण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा कई पहल की गई हैं। हाल ही में, वयोवृद्धों/आश्रितों हेतु चिकित्सा उपचार अनुदान को 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये, विधवाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण अनुदान को 20,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये तथा गंभीर रोग अनुदान को 1 लाख 25 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये कर दिया गया है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 99,000 से अधिक लाभार्थियों को लगभग 250 करोड़ रुपये का अनुदान वितरित किया गया है। इसके अलावा, पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर, किर्की और मोहाली, चेशायर होम, देहरादून, लखनऊ व दिल्ली तथा देश भर में 36 युद्ध स्मारक छात्रावासों को भी संस्थागत अनुदान दिया गया है।
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