रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई) से अपनी आंतरिक कानूनी प्रणाली को मजबूत बनाने तथा अनावश्यक भूमि संबंधी विवादों से कारगर ढंग से निपटने के लिए राज्य भूमि राजस्व कानूनों में विशेषज्ञता हासिल करने का आह्वान किया। 16 दिसंबर 2022 को नई दिल्ली में रक्षा संपदा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने बल देते हुए कहा कि कुछ तत्व कभी कभार जमीन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों में जालसाजी करके तथा कानून की खामियों का लाभ उठाकर सरकार जमीन पर अतिक्रमण करते हैं। इससे मुकदमेबाजी होती है, जो वर्षों चलती है। उन्होंने बल देकर कहा कि इस प्रक्रिया में नष्ट होने वाले समय, धन और ऊर्जा से बचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डीजीडीई को ऐसे विषयों से निपटने में हमेशा तैयार रहने में स्वयं को तैयार करना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे देश में कानून के अनेक विश्वविद्यालय और कॉलेज हैं जिनके साथ डीजीडीई जमीन से जुड़े कानूनों से अपने अधिकारियों को प्रशिक्षित करने और उन्हें अद्यतन बनाने के लिए सहयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों को विभिन्न अदालतों के निर्णयों की नवीनतम जानकारी होनी चाहिए। क्षमता निर्माण तथा नई टेक्नोलॉजी का उपयोग करके साधारण और बेहतर प्रक्रिया बनाने पर फोकस होना चाहिए। विभाग को अपनी प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करते हुए भूमि प्रबंधन तथा स्थानीय क्षेत्र प्रशासन के क्षेत्र में अपनी दक्षताओं को निरंतर बढ़ाना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने रक्षा भूमि के रखरखाव तथा प्रंबधन को राष्ट्रीय महत्व के कार्यों में से एक बताया। उन्होंने इस दिशा में अनेक कदम उठाने के लिए डीजीडीई की सराहना की। इन कदमों में 18 लाख एकड़ रक्षाभूमि का सर्वेक्षण तथा डिजिटलीकरण और भूमि सर्वेक्षण में नवीनतम टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ाने देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना शामिल है।
राजनाथ सिंह ने रक्षा भूमि पर अनधिकृत निर्माण तथा अतिक्रमण का पता लगाने के लिए डीजीडीई द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित सॉफ्टवेयर का विशेष उल्लेख किया, जिसका उपयोग देश की विभिन्न छावनियों में किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले अनिधिकृत निर्माण और अतिक्रमण का पता भौतिक सत्यापन के आधार पर लगाया जाता था जो समय लेने वाला और त्रुटिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर होल्डिंग तथा भूमि उपयोग विभागों द्वारा निगरानी बढ़ाएगा और अनिधिकृत निर्माण और अतिक्रमण को रोकेगा।
रक्षा मंत्री ने इस तथ्य की भी प्रशंसा की ई-छावनी सॉफ्टवेयर को नागरिकों के डिजिटल सशक्तिकरण के अंतर्गत डिजिटल इंडिया पुरस्कार 2022 के लिए चुना गया है। उन्होंने इस उपलब्धि को इस बात का प्रमाण बताया कि इस सॉफ्टवेयर ने छावनियों के निवासियों को नागरिक केंद्रित सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रक्षा मंत्री ने डीजीडीई से जनसाधारण के लाभ के लिए इस एप्लिकेशन को विकसित करने तथा बढ़ाने का आग्रह किया।
राजनाथ सिंह ने बताया कि गृह मंत्रालय ने डीजीडीई से भारत के लिए शत्रु संपत्ति के संरक्षक (सीईपीआई) के लिए एक सर्वेक्षण किए जाने का अनुरोध किया है। यह रक्षा मंत्रालय के बाहर पहला सर्वेक्षण है जिसे उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के राजस्व अधिकारियों के सहयोग से डीईओ दिल्ली द्वारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने डीजीडीई से नवीनतम तकनीक का उपयोग करके सीईपीआई के लिए अद्यतन मानचित्र तथा जमीन का विवरण तैयार करने का आग्रह किया।
रक्षा मंत्री ने डीजीडीई को सिविल सोसाइटी को सशस्त्र बलों से जोड़ने वाले सेतु बताते हुए संगठन से भागीदारी के साथ विकास के दृष्टिकोण से काम करने तथा दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिक जन केंद्रित नीतियों के साथ आगे आने के लिए इस संपर्क को मजबूत करने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री द्वारा सुविद्या (बहुभाषी कैंट बोर्ड स्कूल प्रबंधन मॉड्यूल) और भूमि रक्षा (अतिक्रमण हटाने का मॉडयूल) का उद्घाटन भी किया गया।
सुविद्या (बहुभाषी कैंट बोर्ड स्कूल प्रबंधन मॉड्यूल)
छावनी बोर्ड क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा विभिन्न कौशल प्रदान करने के लिए देश की 52 छावनियों में विभिन्न स्कूलों का संचालन करते हैं। वर्तमान में छावनी बोर्डों के अंतर्गत प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक 194 स्कूल हैं। इन स्कूलों में 63,400 विद्यार्थी नामांकित हैं। छावनी क्षेत्रों में नागरिकों के लिए जीवन की सुगमता को बढ़ाने के लिए 194 स्कूलों में स्कूल प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। प्रमुख ऑनलाइन मॉड्यूल हैं:
ऑनलाइन प्रवेश
स्थानांतरण प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी करना
ऑनलाइन होमवर्क तथा असाइनमेंट
ऑनलाइन शिकायत/ घटना रिपोर्टिंग
ऑनलाइन अधिसूचना
ऑनलाइन फिडबैक तथा सुझाव
हितधारकों की आवश्यकताओं और सुझावों को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजी के अतिरिक्त छह स्थानीय भाषाओं में बहुभाषी सुविधा को शामिल करके सुविद्या की कार्य क्षमता को बढ़ाया गया है। ये भाषाएं हैं- बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मराठी तथा तमिल। यह उन कुछ एप्लिकेशनों में से एक होने जा रहा है जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक और माता-पिता क्षेत्रीय भाषाओं में सुविधा का लाभ उठाएंगे। स्कूलों के कार्य प्रदर्शन की निगरानी के लिए डैशबोर्ड और रिपोर्ट को भी सुविद्या में शामिल किया गया है।
भूमि रक्षा (भूमि अतिक्रमण हटाने का मॉड्यूल)
रक्षा मंत्रालय के पास छावनियों के भीतर और बाहर लगभग 18 लाख एकड़ जमीन है। सशस्त्र बलों को विभिन्न गतिविधियों के लिए भूमि के बड़े क्षेत्रों की आवश्यकता होती है। रक्षा भूमि का प्रबंधन डीजीजीई/डीईओ सहित विभिन्न रक्षा संगठनों के पास है जो अपने प्रबंधन के तहत सुरक्षा के लिए उत्तरदायी हैं। सुरक्षा उपायों में अन्य बातों के साथ-साथ रक्षा भूमि से अतिक्रमण हटाना शामिल है।
रक्षा भूमि से अतिक्रमण हटाने की कुशल और कारगर निगरानी के लिए डीजीडीई ने रियल टाइम रिकॉर्ड प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत अतिक्रमण मॉड्यूल विकसित किया है। इससे डीईओ/सीईओ को सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जा करने वालों की बेदखली) अधिनियम 1971 के अंतर्गत नियुक्त संपदा अधिकारियों को अतिक्रण के मामलों की रिपोर्ट करने में सुविधा होगी जो अनिधिकृत कब्जा करने वालों को बेदखल करने के लिए अधिनियम के अनुसार विभिन्न नोटिस और आदेश जारी करने में सक्षम होंगे। मामले को ऑनलाइन संसाधित किया जाएगा, इसलिए यह अतिरिक्त डेटा इंट्री की आवश्यकता को समाप्त कर देगा।
अतिक्रमणों और उन्हें हटाने की स्थिति के बारे में विवरण की निगरानी सॉफ्टवेयर का उपयोग करके डीईओ/सीईओ से लेकर डीजीडीई तक सभी कार्यालय द्वारा आसानी से की जा सकती है। इसके अतिरिक्त अतिक्रमणों की संख्या का वर्ष के अनुसार जारी किए गए नोटिस/आदेश आदि की संख्या का कमांड के अनुसार और कार्यालय के अनुसार तथा अतिक्रमण हटाने की प्रगति का आकलन करने के लिए सॉफ्टवेयर से विभिन्न रिपोर्ट/आंकड़े तैयार किए जा सकते हैं। इससे रक्षा भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए समय पर कार्रवाई शुरू करने में सभी स्तरों को सहायता मिलेगी।
रक्षा मंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार
राजनाथ सिंह ने सार्वजनिक सेवा और भूमि प्रबंधन के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा तथा स्वच्छता के क्षेत्र में नवाचार तथा डिजिटल उपलब्धियों के लिए उत्कृष्टता के लिए रक्षा मंत्री पुरस्कार भी प्रदान किए। 2020 तथा 2021 में कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए दो श्रेणियों को पुरस्कार नहीं दिए गए थे। इन श्रेणियों में दिव्यांग बच्चों के लिए केंद्रों को बनाए रखने तथा कैंट बोर्ड स्कूलों के कामकाज में सुधार के लिए रक्षा मंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार थे। स्कूलों के खुल जाने से इन पुरस्कारों को फिर से शुरू किया गया है। जिन श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए वे इस प्रकार हैं।
क्रम संख्या
पुरस्कार
विजेता
1
स्वच्छ छावनी स्वस्थ छावनी
श्रेणी ए – कैंट बोर्ड दिल्लीश्रेणी बी – कैंट बोर्ड, बरैलीश्रेणी सी – कैंट बोर्ड, बकलोह
2
डिजिटल उपलब्धियां
डीईओ, दिल्ली सर्किल
3
भूमि और रिकॉर्ड प्रबंधन
डीईओ, चेन्नई सर्किल
4
छावनी जनरल अस्पताल में सुधार
छावनी बोर्ड, इलाहाबाद
5
‘ई छावनी’ परियोजना का क्रियान्वयन
छावनी बोर्ड, देवलाली
6
दिव्यांग बच्चों के लिए केंद्रों का रखरखाव
छावनी बोर्ड, इलाहाबाद
7
कैंट बोर्ड स्कूलों (प्राथमिक/मिडिल स्कूल)
छावनी बोर्ड, महोव
8
कैंट बोर्ड स्कूलों के कामकाज में सुधार (माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय)
छावनी बोर्ड, जालंधर
इस अवसर पर रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, रक्षा सचिव गिरिधर अरमने, रक्षा संपदा महानिदेशक अजय कुमार शर्मा तथा रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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