उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट से पहले सूबे में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो चुकी हैं। दबंग नेता और कुंडा विधानसभा सीट से विधायक राजा भैया भी भारत के बहुभाषी माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू ऐप से जुड़ चुके हैं। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया अब इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लोगों से उनकी ही भाषा में जुड़ने के लिए कर रहे हैं ताकि ताजा गतिविधियों और उनकी पार्टी द्वारा की जा रही पहल की जानकारी दी जा सके।कू ऐप पर राजा भैया का आधिकारिक हैंडल @raghurajbhadri है।
राजा भैया ने अपने आधिकारिक हैंडल कू से किए गए अपने ताजा में चुनाव प्रचार की तैयारियां दिखाती तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, “आज कुण्डा व बाबागंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजा भइया जी व एम.एल.सी. प्रतापगढ़ माननीय गोपाल भैया जी।”
रघुराजभद्री दरअसल, देश के सबसे ज़्यादा विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं। पिछले कई चुनावों से बढ़ती सोशल मीडिया की भूमिका के चलते अब राजनेता और राजनीतिक दल जनसंपर्क के लिए घर-घर जाने के परंपरागत तरीक़े के अलावा अपने मतदाताओं से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया पर भी ज़रूर सक्रिय रहते हैं। इस कड़ी में देश के पहले बहुभाषी कू ऐप पर राजनेताओं के जुड़ने का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश में हिंदी भाषी लोगों की भारी तादाद के साथ ही कू ऐप यूजर्स को उनकी ही ज़ुबान में चर्चा करने का मौक़ा दे रहा है।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीट से वर्ष 1993 से लेकर अब तक लगातार विधानसभा चुनाव जीतने वाले राजा भैया 2017 में छठी बार विधायक चुने गए थे। दबंग छवि वाले राजा भैया कुंडा ने वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के जानकी शरण को 1 लाख 3 हजार 647 मतों के भारी अंतर से हराया था।
लखनऊ विश्वविद्यालय से 1989 में स्नातक करने वाला भदरी रियासत का यह राजकुमार आज तक बिना किसी राजनीतिक दल के सहयोग से कुंडा में अपराजेय बना हुआ है। पिछले विधानसभा चुनाव के क़रीब डेढ़ वर्ष बाद 16 नवंबर 2018 को राजा भैया ने लोकसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के गठन की घोषणा की थी। हाल ही में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा भैया ने समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात भी की थी। विधानसभा चुनाव से पहले इस मुलाकात के तमाम सियासी मायने भी देखे जा रहे हैं। जबकि इससे पहले उन्होंने ऐलान किया था कि यूपी चुनाव में उनकी पार्टी सौ से अधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, हालांकि सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जाएगा।
राजा भैया कई समाजसेवा के काम भी जुटे हैं। पेशे से किसान राजा भैया ने नवंबर 2019 में विदुषी नाम के एक छह वर्षीय कैंसर मरीज के इलाज से संबंधित सभी खर्चों को वहन करने की घोषणा की थी। जबकि वर्ष 1993 से हर साल वह उन सैकड़ों लड़कियों का सामूहिक विवाह आयोजित करते हैं, जिनका परिवार शादी का खर्च वहन नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि कू ऐप उत्तर प्रदेश में काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और प्रदेश के 250 से ज्यादा विधायकों और लगभग 41 सांसदों ने जनता से सीधा संवाद करने के लिए इसे चुना है। वहीं, देश के 18 राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं।
वर्तमान में इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उत्तर प्रदेश की प्रमुख हस्तियों द्वारा अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व किया जा रहा है। इनमें सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ; उपमुख्यमंत्री और फूलपुर विधानसभा से विधायक केशव प्रसाद मौर्य; लखनऊ से विधायक और उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा; कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही; इलाहाबाद दक्षिण से विधायक और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और चित्रकूट से भाजपा विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय भी शामिल हैं। इसके अलावा, प्रयागराज से सांसद प्रो. रीता बहुगुणा जोशी, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री और अमेठी लोकसभा क्षेत्र से सांसद स्मृति जुबिन ईरानी; भारत सरकार की वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, मिर्जापुर से सांसद सुब्रत पाठक; कानपुर से सांसद सत्यदेव पचौरी और जौनपुर लोकसभा से सांसद श्याम सिंह यादव के कू ऐप पर सक्रिय हैंडल हैं।
इसके अलावा, भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी; देवरिया से बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा; वाराणसी से आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद; आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह; इटावा से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संस्थापक और अध्यक्ष शिवपाल यादव और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के गाजीपुर विधायक ओम प्रकाश राजभर इस मंच पर सक्रिय हैं। समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), आजाद समाज पार्ट, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेताओं के अलावा एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश और पीस पार्टी जैसे राजनीतिक दलों के भी कू ऐप पर आधिकारिक अकाउंट हैं।
ग़ौरतलब है कि हाल ही में मेड-इन-इंडिया प्लेटफॉर्म कू ऐप ने डेढ़ करोड़ डाउनलोड के आँकड़े को पार कर लिया है, जो केवल 20 महीने पुराने ऐप के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। दमदार तकनीक और भाषाओं के अनुवाद की बेहतरीन सुविधाओं वाले कू ऐप को अगले एक वर्ष में 10 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड किए जाने की उम्मीद है।
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