मुंबई 4 और 5 जुलाई के दौरान जी-20 रिसर्च एंड इनोवेशन इनिशिएटिव गैदरिंग (आरआईआईजी) शिखर सम्मेलन और अनुसंधान मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा।
केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह 5 जुलाई 2023 को जी-20 अनुसंधान मंत्रियों (आरएमएम) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में आमंत्रित 29 जी-20 सदस्य देशों के अनुसंधान मंत्रियों सहित अतिथि देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के कुल लगभग 107 विदेशी प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है।
आरआईआईजी शिखर सम्मेलन कल यानी 4 जुलाई 2023 को मुंबई में हो रहा है और इसकी अध्यक्षता विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव डॉ. श्रीवारी चंद्रशेखर करेंगे।
भारत ने 2023 में अपनी अध्यक्षता के दौरान “समान समाज के लिए अनुसंधान और नवाचार” विषय के तहत अनुसंधान और नवाचार पहल (आरआईआईजी) को आगे बढ़ाया है। इस वर्ष भारत द्वारा “एक न्यायसंगत समाज के लिए अनुसंधान और नवाचार” विषय के तहत कुल 5 आरआईआईजी बैठकें आयोजित की गईं। आरआईआईजी की स्थापना बैठक कोलकाता में आयोजित की गई, इसके बाद चार विषयगत सम्मेलन हुए: i) रांची में ‘सतत ऊर्जा के लिए सामग्री’ विषय पर: ii) डिब्रूगढ़ में: ‘सर्कुलर बायोइकोनॉमी’ पर iii) धर्मशाला में: ‘इको-इनोवेशन फॉर एनर्जी ट्रांजिशन’ पर; और iv) दीव में, ‘सस्टेनेबल ब्लू-इकोनॉमी’ विषय पर।
विज्ञान और अर्थव्यवस्था के बीच मजबूत संबंध सामाजिक परिवर्तन के साधन के रूप में कार्य कर सकते हैं। इन इकोसिस्टमों के बीच बातचीत एक समतापूर्ण समाज को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है और यह केवल अनुसंधान और नवाचार को बनाए रखने वाले एक उपयुक्त वातावरण में ही हो सकता है। आरआईआईजी बैठकें सभी स्तरों पर हितधारकों को विचारों को साझा करने और सामाजिक-आर्थिक समानता प्राप्त करने के एक साधन के रूप में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ाने के लिए नई साझेदारी बनाने के लिए एक मंच प्रदान करती हैं। बैठकों की श्रृंखला का समापन अनुसंधान मंत्रियों की बैठक में होगा, जिसमें पहले के विचार-विमर्श का सार होगा, जो ‘वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार’ के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक समानता प्राप्त करने के पहलुओं का समाधान करने पर ध्यान देने के साथ, जी-20 सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ाएगा।
कल से मुंबई में शुरू होने वाले दो दिवसीय आरआईआईजी शिखर सम्मेलन और अनुसंधान मंत्रियों की बैठक में जी-20 विज्ञान सहभागिता से जुड़े मंत्रिस्तरीय घोषणा-पत्र पर चर्चा की जाएगी और इसे अपनाया जाएगा।
मंत्रिस्तरीय घोषणा-पत्र को अपनाना भारत की 2023 में जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत के विभिन्न हिस्सों में आयोजित बैठकों की श्रृंखला में हुई जी-20 आरआईआईजी की गतिविधियों की परिणति का प्रतीक होगी।
आरआईआईजी शिखर सम्मेलन और अनुसंधान मंत्रियों की बैठक में 6 जुलाई 2023 को, भाग लेने वाले जी-20 प्रतिनिधि आईआईटी बॉम्बे में अनुसंधान और नवाचार सुविधाओं को देखने के लिए वहां का दौरा करेंगे।
जी-20 एक अंतरसरकारी मंच है जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं जो वैश्विक अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रमुख मुद्दों, जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता, जलवायु परिवर्तन शमन और सतत विकास के समाधान के लिए काम करता है। इसमें औद्योगिक और विकासशील देशों सहित दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।
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