केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत-संयुक्त अरब अमीरात व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) 1 मई, 2022 को परिचालित हो जाएगा। भारत-संयुक्त अरब अमीरात व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर सोमवार को दुबई में आयोजित बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह यह ऐतिहासिक सौदा नई शुरुआत, विशेष परिणामों और हमारे व्यापार संबंधों में एक आदर्श बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगा।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत संयुक्त अरब अमीरात को अफ्रीका, अन्य जीसीसी और मध्य पूर्वी देशों, सीआईएस देशों और कुछ यूरोपीय देशों के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में देखता है।
यह उल्लेखनीय रूप से पूरी दुनिया में महत्वपूर्ण बाजारों के द्वार खोलता है। इसलिए जब हम एक-दूसरे के साथ जुड़ने के लिए तैयार हुए, तो हम न केवल संयुक्त अरब अमीरात की 10 मिलियन आबादी के साथ ही नहीं जुड़ रहे थे, बल्कि मेरे मन में यह भाव था और हमारा यह विजन था कि यह सीईपीए दोनों पक्षों को व्यवसाय के लिए बड़े जुड़ाव का प्रस्ताव पेश करने जा रहा है। पीयूष गोयल ने ऐसा संयुक्त अरब अमीरात के विदेश व्यापार राज्य मंत्री, थानी अल जायोदी के साथ मिलकर बिजनेस-टू-बिजनेस बैठक को संबोधित करते हुए कहा।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-संयुक्त अरब अमीरात व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए), केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के बारे में ही नहीं है, बल्कि इसमें यह तथ्य भी शामिल है कि इस व्यापार समझौते पर 88 दिनों के रिकॉर्ड कम समय में मुहर लगी है और इसमें कई ऐसी बातें भी शामिल हैं जो पहली बार हुई हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार के बारे में नहीं है, यह केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के बारे में नहीं है; बल्कि मेरा मानना है कि यह संयुक्त अरब अमीरात में प्रवासी भारतीयों की भारी संख्या में उपस्थिति को देखते हुए इसका एक विशाल भू-राजनीतिक, आर्थिक और कुछ अर्थों में महान मानवीय मूलतत्व भी है।
पीयूष गोयल ने इस भारत-संयुक्त अरब अमीरात साझेदारी को ‘‘21वीं सदी की परिभाषित रणनीतिक साझेदारी’’ की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि यह समझौता इस रिश्ते को एक नई दिशा और आदर्श बदलाव प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि भारत-संयुक्त अरब अमीरात व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन पर आधारित है। भारत संयुक्त अरब अमीरात के बाजार का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त करना चाहता है क्योंकि भारत सरकार वर्ष 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर मूल्य के माल का निर्यात लक्ष्य हासिल करने पर ध्यान केन्द्रित किए हुए है।
उन्होंने कहा कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं में सेवाओं की बढ़ती भूमिका के साथ, मुझे लगता है कि इससे आने वाले वर्षों में हमारे द्विपक्षीय संबंधों को अधिक बढ़ावा मिलेगा।
पीयूष गोयल ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात ने भारतीय बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और वस्तु क्षेत्र में निवेश करने के लिए अपनी रुचि के बारे में प्रतिबद्धता दर्शायी है। संयुक्त अरब अमीरात के उद्यमियों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने अभी हाल में जम्मू-कश्मीर का भी दौरा किया है।
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