भारत का पहला सौर अनुसंधान उपग्रह आदित्य एल-1 आज अपने गंतव्य तक पहुंचा। एल-1 पॉइंट पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है और इस स्थान से सूर्य की दूरी भी 15 लाख किलोमीटर ही है।
आदित्य एल-1 उपग्रह को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से पिछले वर्ष 2 सितंबर को प्रक्षेपित किया गया था। अनुमान है कि यह उपग्रह अगले पांच वर्ष तक अपनी कक्षा में रहेगा। इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा कि यह उपग्रह पृथ्वी की ही गति से सूर्य की परिक्रमा करेगा और ग्रहण के समय भी सूर्य पर नजर बनाए रख सकेगा।
आदित्य एल-वन सूर्य की परिधि, इसकी ऊष्मा और पृथ्वी पर इसके प्रभाव के अध्ययन में सहायक होगा।
एल-वन अर्थात लैंगेरियन प्वाइंट उस स्थान को कहा जाता है जहां सूर्य और पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल एक समान होता है। एल-वन से सूर्य को ग्रहण-काल में भी देखा जा सकता है।
श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किए जाने के बाद से अब तक आदित्य एल-वन को चार बार पृथ्वी की अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किया गया है।
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ… Read More
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More
कटरीना की जिंदगी में आ गए 'गजपति कुलपति', कनेक्शन जानकर होगी हैरानी, फैमिली टाइम में… Read More
JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment