भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत तीसरी शिक्षा कार्य समूह (EDWG) बैठक आज भुवनेश्वर में आरंभ हुई। बैठक के पहले दिन केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने उद्घाटन भाषण दिया।
उच्चतर शिक्षा सचिव के. संजय मूर्ति, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव संजय कुमार और कौशल, विकास और उद्यमशीलता सचिव अतुल कुमार तिवारी एवं मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष (यूनिसेफ), संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) तथा आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (आईसीडी) सहित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों समेत आमंत्रित एवं जी 20 सदस्य देशों के 60 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सुभाष सरकार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत की अध्यक्षता के तहत शिक्षा कार्य समूह समान वास्तविकताओं को रेखांकित करने के लिए सामूहकि रूप से काम कर रहा है और शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता और परिणामों में सुधार लाने के लिए संयुक्त कार्रवाई के लिए समान प्रतिबद्धताओं को दुहरा रहा है।
सुभाष सरकार ने कहा कि आज के विश्व में कृत्रिम आसूचना, इंडस्ट्री 4.0 तथा वेब 3.0 जैसे मेगा ट्रेंड देखे जा रहे हैं जो कार्यस्थल पर उल्लेखनीय रूप से प्रभाव डालेंगे। उन्होंने कहा कि इस उभरती कार्य इकोसिस्टम के अनुकूल बनाने के लिए हमारे युवाओं को आवश्यक कौशलों और दृष्टिकोण के साथ सुसज्जित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने सभी व्यक्ति से हमारी साझा समस्याओं के टिकाऊ समाधान विकसित करने के लिए सहयोग करने की अपील की। उन्होंने समाजगत लाभ अर्जित करने के लिए हमारी सामूहिक विशेषज्ञता का दोहन करने और मजबूत अनुसंधान एवं नवोन्मेषण इकोसिस्टम का निर्माण करने की अपील की।
इस बैठक से पूर्व, कौशल, विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के सहयोग से सामग्री और खनिज अवयव प्रौद्योगिकी संस्थान ( सीएसआईआर-आईएमएमटर ) में ‘ कार्य के भविष्य के संदर्भ में जीवन पर्यंत सीखने को बढ़ावा देना ‘ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। संगोष्ठी के साथ साथ एक सप्ताह भर चलने वाली मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने किया।
बैठक के आयोजन के लिए अग्रवर्ती कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की गई जिसमें संगोष्ठियां, पैनल चर्चा एवं जीवन पर्यंत सीख तथा भविष्य के कार्य विषयवस्तु पर कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में शिक्षा क्षेत्र, उद्योग, सरकार तथा सिंगापुर उच्चायोग की सहभागिता देखी गई। ‘ भविष्य के काम में उन्नत प्रौद्योगिकी पर फोकस के साथ डीप टेक ‘,लॉजिस्ट्क्सि को रूपांतरित करना – तटीय क्षेत्र अर्थव्यवस्थाओं पर फोकस ‘ एवं कौशल वास्तुकला एवं शासन मॉडल – सिंगापुर मॉडल के सबक ‘ विषयों पर चर्चाएं आयोजित की गईं।
युवाओं को सम्मिलित करने के लिए, ओडिशा में 1 अप्रैल, 2023 को ‘ उत्कल दिवस ‘ या ओडिशा दिवस ‘ से आरंभ होने वाली महीने भर की ‘ जन भागीदारी ‘ कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। ये कार्यक्रम भुवनेश्वर में वर्तमान में जारी तीसरी इडीडब्ल्यूजी बैठक के बारे में जागरूकता पैदा करने का भी एक प्रयास है। इस पहल के तहत राज्य के तीस जिलों में युवाओं को शमिल करने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं और जागरूकता रैलियों, मैराथन, निबंध लेखन, रंगेली निर्माण, योग सत्रों, क्विज, वाद-विवाद, भाषण, मौक जी20 तथा कई अन्य कार्यकलापों का आयोजन किया गया। इस अभियान में पूरे ओडिशा के 35 संस्थानों से एक लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।
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