प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 अक्टूबर को उत्तराखंड की यात्रा पर जायेंगे। प्रधानमंत्री सुबह करीब साढ़े आठ बजे पिथौरागढ़ जिले के जोलिंगकोंग पहुंचेंगे, जहां वे पार्वती कुंड में पूजा और दर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री इस स्थान पर पवित्र आदि-कैलाश से आशीर्वाद की कामना भी करेंगे। यह क्षेत्र अपने आध्यात्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विख्यात है।
प्रधानमंत्री सुबह करीब साढ़े नौ बजे पिथौरागढ़ जिले के गुंजी गांव पहुंचेंगे, जहां वे स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे तथा स्थानीय कला और उत्पादों पर आधारित एक प्रदर्शनी भी देखेंगे। वे सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मियों के साथ बातचीत भी करेंगे।
प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे जागेश्वर, जिला अल्मोड़ा पहुंचेंगे, जहां वे जागेश्वर धाम में पूजा और दर्शन करेंगे। लगभग 6200 फीट की ऊंचाई पर स्थित जागेश्वर धाम में लगभग 224 पत्थर के मंदिर हैं।
इसके बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 2:30 बजे पिथौरागढ़ पहुंचेंगे, जहां वे ग्रामीण विकास, सड़क, बिजली, सिंचाई, पेयजल, बागवानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 4200 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
प्रधानमंत्री द्वारा जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया जाएगा, उनमें शामिल हैं – पीएमजीएसवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित 76 ग्रामीण सड़कें और 25 पुल; 9 जिलों में बीडीओ कार्यालयों के 15 भवन; केंद्रीय सड़क निधि के तहत निर्मित तीन सड़कों, अर्थात कौसानी बागेश्वर सड़क, धारी-दौबा-गिरिछीना सड़क और नगला-किच्छा सड़क, का उन्नयन; राष्ट्रीय राजमार्गों, अर्थात् अल्मोड़ा पेटशाल – पनुवानौला – दन्या (एनएच 309बी) और टनकपुर – चल्थी (एनएच 125) पर दो सड़कों का उन्नयन; पेयजल से संबंधित तीन परियोजनाएं, यानि 38 पंपिंग पेयजल योजनाएं, 419 गुरुत्वाकर्षण आधारित जल आपूर्ति योजनाएं और तीन ट्यूबवेल आधारित जल आपूर्ति योजनाएं; पिथोरागढ़ में थरकोट कृत्रिम झील; 132 केवी पिथौरागढ-लोहाघाट (चंपावत) बिजली पारेषण लाइन; उत्तराखंड में 39 पुल और विश्व बैंक द्वारा वित्त-पोषित उत्तराखंड आपदा रिकवरी परियोजना के तहत देहरादून में निर्मित उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) भवन आदि।
जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उनमें शामिल हैं – 21,398 पॉली-हाउस के निर्माण की योजना, जिससे फूलों और सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने और उनकी गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी; उच्च घनत्व वाले सघन सेब के बगीचों की खेती के लिए एक योजना; एनएच सड़क उन्नयन के लिए पांच परियोजनाएं; राज्य में आपदा तैयारियों और सुदृढ़ता के लिए कई कदम, जैसे पुलों का निर्माण, देहरादून में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का उन्नयन, बलियानाला, नैनीताल में भूस्खलन की रोकथाम के लिए उपाय और आग, स्वास्थ्य तथा वन से संबंधित अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार; राज्य भर के 20 मॉडल डिग्री कॉलेजों में छात्रावास और कंप्यूटर लैब का विकास; सोमेश्वर, अल्मोड़ा में 100 बिस्तरों वाला उप जिला अस्पताल; चंपावत में 50 बिस्तरों वाला अस्पताल ब्लॉक; हल्दवानी स्टेडियम, नैनीताल में एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, रुद्रपुर में वेलोड्रोम स्टेडियम; जागेश्वर धाम (अल्मोड़ा), हाट कालिका (पिथौरागढ़) और नैना देवी (नैनीताल) मंदिरों सहित मंदिरों की अवसंरचना के विकास के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना; हलद्वानी में पेयजल की व्यवस्था से जुड़ी परियोजनाएँ, सितारगंज, उधम सिंह नगर में 33/11 केवी उपकेंद्र का निर्माण आदि।
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