प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए हिरोशिमा की यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रमुख जापानी हस्तियों डॉ. तोमियो मिज़ोकामी और हिरोको ताकायामा से मुलाकात की, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किये हैं।
ओसाका विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ फॉरेन स्टडीज में प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. तोमियो मिजोकामी एक प्रसिद्ध लेखक और भाषाविद् हैं तथा हिंदी और पंजाबी भाषाओं के विशेषज्ञ हैं। जापान में भारतीय साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए डॉ. तोमियो मिजोकामी को 2018 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने व्यापक रूप से प्रशंसित लेखन संग्रह “ज्वालामुखी” प्रस्तुत की, जो 1980 के दशक के जापानी विद्वानों के एक समूह, जिन्होंने जापान में हिंदी सीखने की नींव रखी थी, द्वारा लिखी गई रचनाओं का संकलन है।
हिरोशिमा में जन्म लेने वाली हिरोको ताकायामा, पश्चिमी शैली की चित्रकार हैं, जिनकी रचनाएँ दो दशकों से अधिक समय तक भारत के साथ उनके गहरे लगाव से प्रभावित हैं। उन्होंने भारत में कई कार्यशालाएं और प्रदर्शनियां आयोजित की हैं और अल्प काल के लिए विश्व भारती विश्वविद्यालय, शांति निकेतन में विजिटिंग प्रोफेसर भी थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपने प्रमुख कार्यों में से एक – 2022 में निर्मित भगवान बुद्ध की एक तेल चित्रकला के साथ प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की बातचीत से हमारे देशों के बीच आपसी समझ, सम्मान और मजबूत संबंध बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस तरह के समृद्ध वैचारिक आदान-प्रदान के और अवसरों के प्रति आशान्वित होने की बात कही, जो भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी संबंधों को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
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