प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के गांधीनगर में ग्लोबल आयुष निवेश और नवोन्मेष शिखर सम्मेलन 2022 का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय आयुष वैश्विक शिखर सम्मेलन में उद्यमियों, उद्योग, स्टार्टअप और अन्य हितधारकों के साथ बातचीत होगी ताकि उन्हें आयुष में नवाचार के लिए निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके क्योंकि इस क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं।
ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट 2022 के उद्घाटन सत्र में मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, केन्द्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेन्द्र कालूभाई और राजदूत, विदेशी गणमान्य व्यक्ति, निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ और अन्य महत्वपूर्ण हितधारक उपस्थित थे।
अपने उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “हम पहले से ही आयुष औषधियों, सप्लीमेंट्स और सौंदर्य प्रसाधनों के उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि देख रहे हैं। 2014 में जहां आयुष क्षेत्र 3 अरब डॉलर से भी कम था, आज वह बढ़कर 18 अरब डॉलर को पार कर गया है। आयुष उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्षों में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं।”
प्रधानमंत्री द्वारा आयुष क्षेत्र में अनेक नई पहलों की घोषणा में, सबसे पहले आयुष उत्पादों के लिए एक विशेष आयुष चिह्न था। इससे पूरी दुनिया के लोगों को गुणवत्तापूर्ण आयुष उत्पादों का भरोसा मिलेगा। सरकार देश भर में आयुष उत्पादों के प्रचार, अनुसंधान और उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए आयुष पार्कों का एक नेटवर्क विकसित करेगी। ‘आयुष आहार’ नाम की एक नई श्रेणी की घोषणा की गई, जो हर्बल पोषक तत्वों वाले सप्लीमेंट्स के उत्पादकों को बहुत सुविधा प्रदान करेगी।
इसके अलावा, आयुष चिकित्सा का लाभ लेने के लिए भारत आने के इच्छुक विदेशी नागरिकों के लिए एक और बड़ी पहल की घोषणा की गई। भारत जल्द ही एक विशेष आयुष वीजा श्रेणी पेश करेगा। वर्तमान युग को यूनिकॉर्न का युग बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में ही अब तक भारत के 14 स्टार्ट-अप यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि हमारे आयुष स्टार्ट-अप से बहुत जल्द ही यूनिकॉर्न निकलेंगे।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष निर्यात संवर्धन परिषद और चार आयुष आईसीटी पहल शुरू करने की घोषणा की जिसमें आयुष सूचना हब, आयुसॉफ्ट, आयुष नेक्स्ट और आयुष जीआईएस शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने ‘प्रोफेसर आयुष्मान’ नामक एक कॉमिक बुक का भी विमोचन किया, जिसमें बताया गया है कि कैसे आयुष प्रणालियों और उत्पादों ने न केवल कोविड-19 बल्कि अन्य बीमारियों से भी लड़ने में मदद की।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्टार्ट-अप इंडिया के सहयोग से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) द्वारा आयोजित ‘आयुष स्टार्ट-अप चैलेंज’ के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। उद्घाटन सत्र में वैश्विक संस्थानों और सरकारों के बीच 5 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी शामिल थे। आयुर्वेद और चिकित्सा की अन्य परम्परारगत प्रणालियों के क्षेत्र में सहयोग के लिए राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी) का अर्जेंटीना के साथ समझौता ज्ञापन, आयुर्वेद में शैक्षणिक सहयोग स्थापित करने पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) और ब्राजील के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और यूनिवर्सिटी हेल्थ नेटवर्क, टोरंटो (यूएचएन), कनाडा के बीच समझौता ज्ञापन, यूनिवर्सिडैड ऑटोनोमा डी न्यूवो लियोन (यूएएनएल), मैक्सिको में आयुर्वेद की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन और एनआईए, जयपुर और फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेडिशनल एंड ऑल्टरनेटिव हेल्थ केयर (पीआईटीएएचसी) के बीच समझौता ज्ञापन।
सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. टेड्रोस ने कहा कि आयुष क्षेत्र 2014 से प्रति वर्ष 17 प्रतिशत की दर से उल्लेखनीय रूप से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक आयुष उद्योग के 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। “हम ऐसे मामलों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रभाव का दस्तावेजीकरण करने के लिए नवीन अध्ययन डिजाइन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग का पता लगा रहे हैं, जब मानक आकस्मिक परीक्षण संभव नहीं हैं या शुरू करना मुश्किल है। बेहतर स्वास्थ्य परिणामों, आर्थिक लाभ और समग्र प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए समुदायों द्वारा पारंपरिक चिकित्सा का व्यवहारिक आधार मजबूत कर इसके उपयोग की सुविधा होनी चाहिए।
इस अवसर पर प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर ऑफ ट्रेडिशनल मेडिसिन के शुभारंभ पर गुजरात सरकार को बधाई दी और कहा कि मॉरीशस ने माना है कि पारंपरिक चिकित्सा आधुनिक चिकित्सा का पूरक है।
अपने संबोधन में, केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “वैश्विक आयुष निवेश और नवोन्मेष शिखर सम्मेलन से व्यवसाय के अवसरों के बारे में हितधारकों के बीच जागरूकता विकसित होने की उम्मीद है, युवा उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर अवसरों को उजागर करने के लिए आधुनिक तकनीकों और आधुनिक नवाचारों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। शिखर सम्मेलन में विचार-विमर्श से युवा उद्यमियों को आयुर्वेद क्षेत्र में व्यवसाय विकास की विभिन्न संभावनाओं के बारे में शिक्षित करने की उम्मीद है।”
उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक उद्योगों के बीच उद्यमिता विकसित कर रहे हैं। आयुष मंत्रालय ने प्रधानमंत्री की स्टार्टअप इंडिया पहल के अनुरूप युवा उद्यमियों को आयुष में स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) भी विकसित किया है।
तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में लगभग 90 प्रख्यात वक्ताओं और 100 प्रदर्शकों की उपस्थिति के साथ 5 पूर्ण सत्र, 8 गोलमेज सम्मेलन, 6 कार्यशालाएं और 2 संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। शिखर सम्मेलन निवेश क्षमता को उजागर करने में मदद करेगा, और नवाचार, अनुसंधान और विकास, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और कल्याण उद्योग को बढ़ावा देगा। यह उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और विद्वानों को एक साथ लाने में मदद करेगा और भविष्य के सहयोग के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।
वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन 22 अप्रैल, 2022 तक गांधीनगर, गुजरात में जारी रहेगा और प्रधानमंत्री ने कल जामनगर में डब्ल्यूएचओ-ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की आधारशिला रखी थी।
National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More
RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment