प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नई दिल्ली में एक भविष्य विषय पर जी-20 शिखर सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन तीसरे सत्र की अध्यक्षता कर रहे हैं। विश्व नेता और प्रतिनिधि सत्र में भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सम्मेलन के आखिर में ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डी सिल्वा को आधिकारिक रूप से जी-20 की अध्यक्षता सौंपेंगे।
विश्व नेताओं ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित कर दिन की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजघाट पर नेताओं का स्वागत किया। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक यिओल सहित अन्य नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। बाद में सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जी-20 परिवार ने प्रसिद्ध राजघाट पर शान्ति, सेवा, अनुकंपा और अहिंसा की मिसाल महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि विविधता पूर्ण राष्ट्रों में महात्मा गांधी के अटूट आदर्श सौहार्दपूर्ण, समावेशी और समृद्ध वैश्विक भविष्य के लिए हमारे सामूहिक विजन के मार्गदर्शक हैं।
जी-20 शिखर सम्मेलन से अलग आज कई द्विपक्षीय बैठकें होनी हैं। प्रधानमंत्री फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ के साथ बैठक करेंगे। वे कनाडा, कोमोरोस, तुर्किए, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया, यूरोपीय संघ, यूरोपीय आयोग, ब्राजील और नाइजीरिया के नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
शिखर सम्मेलन के पहले दिन जी-20 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणा स्वीकार की। इसे भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है। इस घोषणा में समावेशी वृद्धि, जलवायु परिवर्तन से निपटने की कार्रवाई तेज करने और स्वास्थ्य आपातकाल में भविष्य के लिए चिकित्सा आपूर्ति बढाने जैसे मुद्दे शामिल किए गए हैं। सदस्य देशों ने टिकाऊ, संतुलित और समावेशी वृद्धि के साथ सतत विकास के लिए 2030 के एजेंडे को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन कम करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, जलवायु अनुकूलन और पर्यावरण के अनुकूल सतत विकास के जरिये जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटने की कार्रवाई तेज करने की भी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
भारत की जी-20 अध्यक्षता की बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में अफ्रीकी संघ को समूह का स्थायी सदस्य बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक कायाकल्प के लिए दुनिया से एकजुट होने का आह्वान किया ताकि परस्पर विश्वास और भरोसे की कमी को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह समय सबके लिए एकजुट होने का अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि भोजन, ईंधन, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस समाधान तलाशने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी विश्व को नई दिशा दिखाने का महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मानव केन्द्रित दृष्टिकोण के साथ विश्व को अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने सिंगापुर, बांग्लादेश, इटली, अमरीका, ब्राजील, अर्जेंटीना, मॉरीशस और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के साथ वैश्विक जैव इंधन संगठन की भी शुरुआत की। शिखर सम्मेलन से अलग भारत – मध्य पूर्व- यूरोप महा आर्थिक गलियारा समझौते की भी घोषणा की गई।
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