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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 8 से 10 मार्च तक असम, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 8 से 10 मार्च, 2024 तक असम, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे।

असम में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व का दौरा करेंगे। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है। पार्क में हाथी, जंगली भैंस, दलदली हिरण और बाघ भी पाए जाते हैं।

प्रधानमंत्री मुगलों को पराजित करने वाले असम के अहोम साम्राज्य की शाही सेना के प्रसिद्ध जनरल लाचित बोरफुकन की 84 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस परियोजना में लाचित और ताई-अहोम संग्रहालय और 500 बैठने की क्षमता वाले सभागार का निर्माण भी शामिल था। यह परियोजना लाचित बोरफुकन की वीरता का उत्सव मनाने और उनके बारे में जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

जोरहाट में सार्वजनिक कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य, तेल और गैस, रेल तथा आवास क्षेत्रों को सुदृढ़ बनाने वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल (पीएम-डेवाइन) योजना के तहत शिवसागर में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल और गुवाहाटी में एक हेमाटो-लिम्फोइड केंद्र सहित अन्प रियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री डिगबोई तेल संयंत्र की क्षमता 0.65 से 1 एमएमटीपीए (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) तक विस्तार सहित तेल और गैस क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे; कैटेलिटिक रिफॉर्मिंग यूनिट (सीआरयू) की स्थापना के साथ गुवाहाटी रिफाइनरी विस्तार (1.0 से 1.2 एमएमटीपीए), और बेतकुची (गुवाहाटी) टर्मिनल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा अन्य संस्थानों में सुविधाओं के उन्नयन की योजनाएं शुरू करेंगे।

प्रधानमंत्री तिनसुकिया में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे; और अन्य योजनाओं के अतिरिक्त 3,992 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई 718 किलोमीटर लंबी बरौनी-गुवाहाटी पाइपलाइन (प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना का हिस्सा) का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत लगभग 8,450 करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित लगभग 5.5 लाख आवासों का भी उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री असम में धूपधारा-छायगांव खंड (न्यू बोंगाईगांव-गुवाहाटी वाया गोलपारा दोहरीकरण परियोजना का हिस्सा) और न्यू बोंगाईगांव-सोरभोग खंड (न्यू बोंगाईगांव-अगथोरी दोहरीकरण परियोजना का हिस्सा) सहित 1300 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।)

अरुणाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री

पूर्वोत्तर की प्रगति और विकास के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को सुदृढ़ किया जा रहा है। इस संदर्भ में ईटानगर में ‘विकसित भारत विकसित पूर्वोत्तर’ कार्यक्रम कई विकास पहलों का साक्षी बनेगा। मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में रेल सड़क, स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा, सीमा अवसंरचना, प्रौद्योगिकी, बिजली, तेल और गैस, आदि की विकास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर के लिए नई औद्योगिक विकास योजना उन्नति (पूर्वोत्तर परिवर्तनकारी औद्योगीकरण योजना) का शुभारंभ करेंगे। यह योजना पूर्वोत्तर में औद्योगिक इको-सिस्टम को सुदृढ़ बनाएगी, नए निवेश को आकर्षित करेगी, नई विनिर्माण और सेवा इकाइयों को स्थापित करने में मदद करेगी और पूर्वोत्तर राज्यों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी। 10,000 करोड़ रुपए की यह योजना पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है और सभी 8 पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करती है। यह योजना अनुमोदित इकाइयों को पूंजी निवेश, ब्याज छूट और विनिर्माण और सेवाओं से जुड़े प्रोत्साहन के लिए सहायता प्रदान करेगी। पात्र इकाइयों के आसान एवं पारदर्शी पंजीकरण के लिए एक पोर्टल भी शुरू किया जा रहा है। उन्नति औद्योगिक विकास को उत्प्रेरित करने और पूर्वोत्तर क्षेत्र के आर्थिक विकास में सहायता करेगी।

लगभग 825 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सेला सुरंग परियोजना एक इंजीनियरिंग का चमत्कार है। यह अरुणाचल प्रदेश में बालीपारा-चारिदुआर-तवांग रोड पर सेला दर्रे के पार तवांग तक सभी मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसका निर्माण नई ऑस्ट्रियाई टनलिंग पद्धति का उपयोग करके किया गया है और इसमें उच्चतम मानकों की सुरक्षा विशेषताएं शामिल हैं। यह परियोजना न केवल क्षेत्र में तेज़ और अधिक कुशल परिवहन मार्ग प्रदान करेगी बल्कि देश के लिए रणनीतिक महत्व की है। प्रधानमंत्री ने सेला सुरंग की आधारशिला फरवरी 2019 में रखी थी।

प्रधानमंत्री अरुणाचल प्रदेश में 41,000 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री अरुणाचल प्रदेश की निचली दिबांग घाटी जिले में दिबांग बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस पर 31,875 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आएगी और यह देश का सबसे सर्वोच्च बांध ढांचा होगा। यह बिजली पैदा करेगा, बाढ़ नियंत्रण में मदद करेगा और क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करेगा और सामाजिक आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

जिन अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के अंतर्गत कई सड़क, पर्यावरण और पर्यटन परियोजनाएं शामिल हैं; इनमें स्कूलों को 50 स्वर्ण जयंती स्कूलों में अपग्रेड करना, जिनमें अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से समग्र शिक्षा प्रदान की जाएगी; डोनयी-पोलो हवाई अड्डे से नाहरलागुन रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए दो लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री, अरुणाचल प्रदेश में कई सड़क परियोजनाओं सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे; इनमें जल जीवन मिशन की लगभग 1100 परियोजनाएं, यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) के तहत 170 दूरसंचार टावर, 300 से अधिक गांवों को लाभ पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण दोनों) के तहत लाभार्थियों को 450 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 35,000 से अधिक आवास भी सौंपेंगे।

प्रधानमंत्री मणिपुर में 3400 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें नीलाकुथी में यूनिटी मॉल का निर्माण शामिल है; मंत्रीपुखरी में मणिपुर आईटी एसईजेड के प्रसंस्करण क्षेत्र के बुनियादी ढांचे का विकास; विशेष मनोरोग देखभाल प्रदान करने के लिए लैंपझेलपत में 60 बिस्तरों वाले राजकीय अस्पताल का निर्माण और मणिपुर तकनीकी विश्वविद्यालय, इंफाल पश्चिम जिले के लिए बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। प्रधानमंत्री अन्य परियोजनाओं के अलावा मणिपुर में विभिन्न सड़क परियोजनाओं और कई जल आपूर्ति योजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री नागालैंड में 1700 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें कई सड़क परियोजनाएं शामिल हैं; चुमौकेदिमा जिले में यूनिटी मॉल का निर्माण; और 132 किलोवाट सब-स्टेशन नागार्जन, दीमापुर में क्षमता परिवर्तन का उन्नयन किया जाएगा। प्रधानमंत्री चेंडांग सैडल से नोकलाक (चरण-1) तक सड़क के उन्नयन की परियोजना और कोहिमा-जेसामी रोड सहित कई अन्य सड़क परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री मेघालय में 290 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें तुरा में आईटी पार्क का निर्माण और न्यू शिलांग टाउनशिप में नई चार-लेन सड़क का निर्माण और मौजूदा दो-लेन को चार-लेन में परिवर्तित करना शामिल है। प्रधानमंत्री ऊपरी शिलांग में किसान छात्रावास-सह-प्रशिक्षण केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री सिक्किम में 450 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे उनमें रंगपो रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और कई सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री सिक्किम में थारपू और दरमदीन को जोड़ने वाली नई सड़क का भी उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री त्रिपुरा में 8,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें अगरतला पश्चिमी बाईपास का निर्माण और राज्य भर में कई सड़क परियोजनाएं शामिल हैं; सेकेरकोटे में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का नया डिपो बनाया जाएगा; और नशे के आदी व्यक्तियों के लिए एकीकृत पुनर्वास केंद्र का निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे; 1.46 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल कनेक्शन के लिए परियोजना; और दक्षिण त्रिपुरा जिले के सबरूम में भूमि लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से बंदरगाह का निर्माण शामिल है।

नया विकसित सबरूम लैंड पोर्ट भारत और बांग्लादेश के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है। भूमि बंदरगाह में यात्री टर्मिनल भवन, कार्गो प्रशासनिक भवन, गोदाम, फायर स्टेशन भवन, विद्युत सबस्टेशन, पंप हाउस इत्यादि जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इससे भारत और बांग्लादेश के बीच यात्रियों की आवाजाही में सुविधा होगी और माल ढुलाई आसान होगी। नए बंदरगाह के माध्यम से कोई भी सीधे बंगलाादेश के चटगांव बंदरगाह तक जा सकता है जो 75 किलोमीटर दूर है, जबकि पश्चिम बंगाल में कोलकाता/हल्दिया बंदरगाह तक जा सकता है जो लगभग 1700 किलोमीटर दूर है। सबरूम लैंड पोर्ट की आधारशिला मार्च 2021 में प्रधान मंत्री द्वारा रखी थी।

पश्चिम बंगाल में पीएम

प्रधानमंत्री सिलीगुड़ी में विकसित भारत विकसित पश्चिम बंगाल कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. वह रेल और सड़क क्षेत्र में 4500 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे।

प्रधानमंत्री उत्तर बंगाल और आसपास के क्षेत्र के लोगों को लाभ पहुंचाने वाली रेल लाइनों के विद्युतीकरण की कई परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। परियोजनाओं में एकलाखी-बालुरघाट खंड; बारसोई-राधिकापुर खंड; रानीनगर-जलपाईगुड़ी-हल्दीबाड़ी खंड; बागडोगरा के रास्ते सिलीगुड़ी-अलुआबारी खंड और सिलीगुड़ी-सिवोक-अलीपुरद्वार जंक्शन-समुक्तला (अलीपुरद्वार जंक्शन-न्यू कूच बिहार सहित) खंड शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मणिग्राम-निमटीटा खंड में रेलवे लाइन के दोहरीकरण की परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को भी समर्पित करेंगे; और न्यू जलपाईगुड़ी में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सहित अंबारी फालाकाटा-अलुआबारी में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग शामिल हैं। प्रधानमंत्री सिलीगुड़ी और राधिकापुर के बीच एक नई यात्री रेलगाड़ी सेवा को भी रवाना करेंगे। ये रेल परियोजनाएं रेल कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी, माल ढुलाई की सुविधा प्रदान करेंगी और क्षेत्र में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में योगदान देंगी।

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में 3,100 करोड़ रुपये की दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें परियोजनाओं में एनएच 27 का चार-लेन घोसपुकुर-धूपगुड़ी खंड और एनएच 27 पर चार-लेन इस्लामपुर बाईपास शामिल है। घोसपुकुर-धूपगुड़ी खंड पूर्वी भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे का हिस्सा है। इस खंड के चार लेन बनने से उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी हो जाएगी। चार लेन वाला इस्लामपुर बाईपास, इस्लामपुर शहर में यातायात की भीड़ को कम करने में मदद करेगा। सड़क परियोजनाएं क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेंगी।

उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास पहलों का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

नागरिक उड्डयन क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री देश भर में 9800 करोड़ रुपये से अधिक की 15 हवाईअड्डा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे पुणे, कोल्हापुर, ग्वालियर, जबलपुर, दिल्ली, लखनऊ, अलीगढ़, आज़मगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद, श्रावस्ती और आदमपुर हवाई अड्डों के 12 नए टर्मिनल भवनों का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कडप्पा, हुबली और बेलगावी हवाई अड्डों के तीन नए टर्मिनल भवनों की आधारशिला रखेंगे।

12 नए टर्मिनल भवनों की संयुक्त क्षमता सालाना 620 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करने की होगी, जबकि जिन तीन टर्मिनल भवनों की आधारशिला रखी जा रही है, उनके पूरा होने के बाद इन हवाई अड्डों की संयुक्त यात्री प्रबंधन क्षमता बढ़कर 95 लाख यात्री प्रति वर्ष हो जाएगी। इन टर्मिनल भवनों में अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं हैं और ये डबल इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम, ऊर्जा बचत के लिए कैनोपी का प्रावधान, एलईडी लाइटिंग आदि जैसी विभिन्न सुविधाओं से भी सज्जित हैं। इन हवाई अड्डों की डिजाइन उस राज्य और शहर के धरोहर अवसंरचनाओं के साझा तत्वों से प्रभावित है। इस तरह हवाई अड्डे उस क्षेत्र की स्थानीय संस्कृति तथा विरासत को उजागर करते हैं।

प्रधानमंत्री के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक सभी के लिए आवास उपलब्ध कराना रहा है। इस दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, इसे प्राप्त करने का एक अभिनव साधन लाइट हाउस परियोजना की संकल्पना है। प्रधानमंत्री लखनऊ और रांची में लाइट हाउस परियोजना (एलएचपी) का उद्घाटन करेंगे, जिसके तहत आधुनिक आधारभूत संरचना के साथ 2000 से अधिक किफायती फ्लैट बनाए गए हैं। इन एलएचपी में नियोजित नवीन निर्माण तकनीक परिवारों को एक सतत और भावी जीवन का अनुभव प्रदान करेगी। इससे पहले प्रधानमंत्री चेन्नई, राजकोट और इंदौर में भी ऐसे ही लाइट हाउस परियोजना का उद्घाटन कर चुके हैं। इन एलएचपी की आधारशिला एक जनवरी 2021 को प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी।

रांची एलएचपी के लिए जर्मनी की प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम – 3डी वॉल्यूमेट्रिक तकनीक को अपनाया गया है। एलएचपी रांची की एक अनूठी विशेषता यह है कि प्रत्येक कमरे को अलग तरह से बनाया गया है और फिर पूरी संरचना को लेगो ब्लॉक खिलौनों की तरह जोड़ा गया है। एलएचपी लखनऊ का निर्माण प्री-इंजीनियर्ड स्टील स्ट्रक्चरल सिस्टम के साथ कनाडा के स्टे इन प्लेस पीवीसी फॉर्मवर्क का उपयोग करके किया गया है।

प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश में 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। राष्ट्र को समर्पित परियोजनाओं में चार लेन की लखनऊ रिंग रोड के तीन पैकेज और एनएच-2 के चकेरी से इलाहाबाद खंड को छह लेन का बनाना शामिल है। प्रधानमंत्री रामपुर-रुद्रपुर के पश्चिमी हिस्से के चार लेन मार्ग की आधारशिला भी रखेंगे; कानपुर रिंग रोड को छह लेन का बनाने और एनएच-24बी/एनएच-30 के रायबरेली-प्रयागराज खंड को चार लेन करने के दो पैकेज भी इसमें शामिल हैं। सड़क परियोजनाओं से कनेक्टिविटी में सुधार होगा, यातायात की भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित 3700 करोड़ रुपये से अधिक की लगभग 744 ग्रामीण सड़क परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में 5,400 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का समग्र निर्माण होगा, जिससे राज्य के लगभग 59 जिलों को लाभ होगा। इससे कनेक्टिविटी बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री लगभग 8200 करोड़ रुपये की अनेक रेल परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश में रेल आधारभूत संरचना मजबूत होगी। वे अनेक प्रमुख रेल खंडों के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का लोकार्पण करेंगे। वे भटनी-पियोकोल बाइपास लाइन भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे भटनी में इंजन को पलटकर डिब्बों में उसे दूसरी तरफ से जोड़ने की समस्या खत्म हो जाएगी तथा ट्रेनों का निर्बाध संचालन हो सकेगा। प्रधानमंत्री बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड नामक रेल खंड के आमान परिवर्तन का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह क्षेत्र ब्रॉड गेज लाइन के माध्यम से महानगरों से जुड़ जाएगा, जिससे तेजी से विकास हो सकेगा। प्रधानमंत्री गंगा नदी पर एक रेल पुल सहित ग़ाज़ीपुर शहर और ग़ाज़ीपुर घाट से तारीघाट तक एक नई रेल लाइन का भी उद्घाटन करेंगे। वे गाजीपुर सिटी-तारीघाट-दिलदारनगर जंक्शन के बीच एमईएमयू ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री प्रयागराज, जौनपुर और इटावा में अनेक सीवेज उपचार संयंत्रों और ऐसी अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे।

महतारी वंदना योजना

छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को बड़ा बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री महतारी वंदना योजना के तहत पहली किस्त का वितरण करेंगे। यह योजना राज्य की पात्र विवाहित महिलाओं को मासिक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के रूप में 1000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ में शुरू की गई है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने, उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और परिवार में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को मजबूत करने के लिए इसकी परिकल्पना की गई है।

यह योजना राज्य की सभी पात्र विवाहित महिलाओं को लाभ प्रदान करेगी, जिनकी आयु एक जनवरी 2024 तक 21 वर्ष से अधिक है। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। योजना से करीब 70 लाख महिलाओं को फायदा होगा।

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