राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि न्याय प्रणाली को और भी मजबूती मिलती है जब देश की तीनों संवैधानिक संस्थाएं– न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका सामंजस्य के साथ अस्तित्व में हों। राष्ट्रपति कोविंद ने उच्चतम न्यायालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 72वें संविधान दिवस के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। राष्ट्रपति ने इस बात के लिए न्यायपालिका की सराहना की कि लोगों का इसमें अभी भी विश्वास बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह न्यायाधीशों का दायित्व है कि वे अदालतों में अपने फैसलों में अत्यधिक विवेक का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि नेक इरादे से की गई कोई भी अभद्र टिप्पणी न्यायपालिका को नीचा दिखाने के लिए संदेहात्मक व्याख्याओं को जन्म देती है।
राष्ट्रपति कोविंद ने आशा व्यक्त की कि आने वाले दिनों में सभी को कानूनी सहायता और परामर्श की सेवाएं उपलब्ध होंगी। राष्ट्रपति ने कहा कि यह एक आंदोलन अथवा बेहतर संस्थागत प्रणाली का रूप ले सकता है। उन्होंने न्यायालयों में बडी संख्या में लम्बित मुकदमों पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायाधीशों की ज्यादा से ज्यादा नियुक्ति होनी चाहिए और इसमें लिंग समानता का ध्यान रखा जाना चाहिए। राष्ट्रपति ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर न्यायपालिका के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की चीजें जल्द ही बंद होनी चाहिए।
समारोह में भारत के प्रधान न्यायाधीश एन0 वी0 रमना और कानून मंत्री किरेन रिजिजू भी उपस्थित थे।
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ… Read More
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More
कटरीना की जिंदगी में आ गए 'गजपति कुलपति', कनेक्शन जानकर होगी हैरानी, फैमिली टाइम में… Read More
JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment