केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के विशेष डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम (CCMS) का उद्घाटन किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने जम्मू और केरल स्थिति NIA के दो ब्रांच ऑफिस और रायपुर में एक आवासीय परिसर का ई-उद्घाटन भी किया। अमित शाह ने तीन नए आपराधिक आपराधिक कानूनों पर NCRB के मोबाइल ऐप ‘संकलन’ को भी लॉन्च किया।
तीन परिवर्तनकारी नए आपराधिक कानूनों को नेविगेट करने के लिए, एनसीआरबी ने पुराने और नए कानूनों के बीच एक सेतु के रूप में डिज़ाइन किए गए “संकलन” ऐप को तैयार किया है। यह ऐप एक कॉम्प्रिहेन्सिव गाइड के रूप में कार्य करेगा, जो पुराने और नए कानूनी प्रावधानों की विस्तार से तुलना करने में सक्षम है। हमारे देश की विविध प्रकार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, ‘संकलन’ ऐप को ऑफ़लाइन मोड में काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, इसकी उपलब्धता सुदूर इलाकों में भी सुनिश्चित की गई है, ताकि सभी हितधारकों को हर समय वांछित जानकारी प्राप्त हो सके। ‘संकलन’ ऐप, गूगल प्ले स्टोर, एप्पल स्टोर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगा और एप्लिकेशन का डेस्कटॉप वर्ज़न, गृह मंत्रालय व राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, नई CCMS प्रणाली NIA को आतंकवाद और संगठित अपराध के मामलों में बेहतर तालमेल करने में सक्षम बनाएगी जिससे न्याय व्यवस्था में सुधार आएगा। CCMS के विशेष प्रकार के नए वर्जन को NIA ने उपयोग करने वालों के अनुकूल, आसानी से तैनात होने वाले एवं कस्टमाइज करने लायक ब्राउज़र आधारित सॉफ्टवेयर के रूप में विकसित किया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में आवासीय परिसर और जम्मू एवं केरल के कोच्चि में दो नए कार्यालय परिसरों से एनआईए की पहुंच और मौजूदगी को बल मिलेगा। साथ ही इससे एनआईए के अधिकारियों एवं कर्मियों को आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सुरक्षित माहौल प्रदान करेगा।
CCMS को लॉन्च करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के पुलिस महानिदेशकों से कहा कि वे प्रभावी और त्वरित जांच एवं अभियानों के लिए नए जमाने के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के पुलिस बलों को जांच के दौरान एकत्रित डेटा, जैसे- केस से जुड़े दस्तावेज़, एकत्र किए गए साक्ष्य और अदालत में पेश आरोप-पत्रों को व्यवस्थित, एकीकृत करने और डिजिटल बनाने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2023 में आयोजित ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन’ के दौरान गृह मंत्री ने देशभर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने पर ज़ोर दिया था, जो राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों को सही तरीके और तालमेल के साथ जांच पूरी करने में सक्षम बनाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया था कि इससे देशभर में संवेदनशील और जटिल मामलों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
गृह मंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक CCMS सॉफ्टवेयर न केवल जांच में मानकीकरण लाएगा बल्कि देशभर में आतंक से संबंधित डेटा के आसान और सुव्यवस्थित संकलन को आसान बनाएगा। इस सॉफ्टवेयर को ऐसे समय में लॉन्च किया जा रहा है जब भारत विभिन्न आतंकवादी संगठनों से बढ़ते खतरों, साइबर-स्पेस, डार्क-वेब, ड्रोन, क्राउडफंडिंग, क्रिप्टो-करेंसी के उपयोग, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफार्मों के व्यापक उपयोग के रूप में नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके साथ ही, आतंकवाद के वित्तपोषण, हथियारों और अन्य आतंकवाद समर्थक गतिविधियों की स्मगलिंग के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। NIA इन खतरों का सख्ती से सामना कर रहा है पिछले कुछ साल में इसकी क्षमता बढ़ाने, इसे सशक्त बनाने और इसके विस्तार पर काफी काम किया गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि CCMS राज्य पुलिस के आतंकवाद-निरोधक दस्तों सहित केन्द्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग को बढ़ावा देगा। यह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अभियोजकों, दोनों द्वारा मूल्यांकन और मार्गदर्शन के लिए स्पष्ट रूपरेखा प्रदान करके पर्यवेक्षण को बढ़ावा देगा। यह NIA और राज्य पुलिस बलों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता के रूप में औपनिवेशिक युग के बाद बनाए गए नए क्रिमिनल कोड को लागू करने के लिए तैयार होने में भी मदद करेगा।
एजेंसी के फिज़िकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, जिसमें नए ब्रांच ऑफिस, आवासीय परिसर और किराए पर नए कार्यालय लेना शामिल है, से संगठन को मज़बूत बनाने में मदद मिली है। जम्मू, कोच्चि और रायपुर स्थित एनआईए के जिन शाखा कार्यालयों का आज उद्घाटन किया गया वे क्रमश: 2016, 2012 और 2016 में गृह मंत्रालय द्वारा स्वीकृत किए जाने के बाद से किराए के परिसरों से काम कर रहे थे। रायपुर शाखा 2022 में निर्माणाधीन रहे अपने भवन में स्थानांतरित हो गई थी लेकिन इससे सटे आवासीय परिसर का निर्माण कार्य अब पूरा हुआ है। ये आधुनिक इमारतें NIA कर्मियों को सुरक्षित और अच्छे माहौल में मजबूत तरीके से अपना काम करने में मदद करेंगी।
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