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गृह मंत्री अमित शाह ने सुशासन दिवस के अवसर पर सुशासन सूचकांक- 2021 जारी किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में सुशासन दिवस के अवसर पर सुशासन सूचकांक- 2021 जारी किया। इस सूचकांक को प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने तैयार किया है।

सुशासन दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में अमित शाह ने कहा कि जनता लंबे समय से सुशासन की प्रतीक्षा कर रही थी, इस काम को पिछले सात वर्षों में नरेन्द्र मोदी सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने आगे कहा कि 2014 के बाद से लोकतंत्र में लोगों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि उन्हें मोदी सरकार के किए गए विकास कार्यों का लाभ मिलना शुरू हो गया है।

सुशासन का उदाहरण देते हुए अमित शाह ने कहा कि पिछले सात वर्षों में मोदी सरकार के खिलाफ एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है, क्योंकि यह एक स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन है।

इस अवसर पर कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नागरिक केंद्रित प्रशासन, मोदी सरकार के शासन प्रारूप के केंद्र में है। उन्होंने आगे कहा कि सुशासन सूचकांक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शासन की स्थिति का आकलन करने में सहायता करेगा।

सुशासन सूचकांक (जीजीआई) 2021 के ढांचे में दस क्षेत्र और 58 संकेतक शामिल किए गए हैं। जीजीआई 2020-21 के क्षेत्र हैं : 1) कृषि और संबद्ध क्षेत्र, 2) वाणिज्य और उद्योग, 3) मानव संसाधन विकास, 4) सार्वजनिक स्वास्थ्य, 5) सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और उपयोगिताएं, 6) आर्थिक शासन, 7) समाज कल्याण और विकास, 8) न्यायिक और सार्वजनिक सुरक्षा, 9) पर्यावरण और 10) नागरिक-केंद्रित शासन। सुशासन सूचकांक 2020-21 में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। ये श्रेणी हैं: (i) अन्य राज्य – समूह ए, (ii) अन्य राज्य – समूह बी, (iii) उत्तर-पूर्व व पहाड़ी राज्य और (iv) केंद्रशासित प्रदेश।

10 क्षेत्रों को कवर करते हुए गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा सम्मिलित रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर हैं। जीजीआई- 2021 के अनुसार जीजीआई 2019 संकेतकों पर गुजरात ने 12.3 फीसदी और गोवा ने 24.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। गुजरात ने 10 में से 5 क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया है। इनमें आर्थिक शासन, मानव संसाधन विकास, सार्वजनिक बुनियादी ढांचा व उपयोगिताएं, सामाजिक कल्याण व विकास और न्यायिक व सार्वजनिक सुरक्षा हैं। वहीं, महाराष्ट्र ने कृषि व संबद्ध क्षेत्र, मानव संसाधन विकास, सार्वजनिक बुनियादी ढांचा व उपयोगिताएं और सामाजिक कल्याण व विकास में प्रभावी प्रदर्शन किया है। गोवा ने कृषि व संबद्ध क्षेत्र, वाणिज्य व उद्योग, सार्वजनिक बुनियादी ढांचा व उपयोगिताएं, आर्थिक शासन, सामाजिक कल्याण व विकास और पर्यावरण के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है।

सुशासन सूचकांक- 2021 के अनुसार उत्तर प्रदेश ने जीजीआई- 2019 के प्रदर्शन की तुलना में 8.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। उत्तर प्रदेश ने सभी क्षेत्रों के बीच वाणिज्य व उद्योग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। वहीं, समाज कल्याण व विकास और न्यायिक व सार्वजनिक सुरक्षा में भी वृद्धि प्रदर्शित की है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ने लोक शिकायत निवारण सहित नागरिक केंद्रित शासन में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।

सुशासन सूचकांक- 2021 के अनुसार झारखंड ने जीजीआई- 2019 के प्रदर्शन की तुलना में 12.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। झारखंड ने 10 में से 7 क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं, राजस्थान ने जीजीआई- 2019 के प्रदर्शन की तुलना में 1.7 फीसदी की क्रमिक वृद्धि प्रदर्शित की है। राजस्थान ने अन्य राज्यों (ग्रुप बी) की श्रेणी में न्यायिक व सार्वजनिक सुरक्षा, पर्यावरण और नागरिक केंद्रित शासन के क्षेत्र में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

सुशासन सूचकांक- 2021 के अनुसार उत्तर-पूर्व और पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में मिजोरम व जम्मू और कश्मीर ने जीजीआई- 2019 की तुलना में क्रमशः 10.4 फीसदी और 3.7 फीसदी की सम्मिलित बढ़ोतरी दर्ज की है। मिजोरम ने वाणिज्य व उद्योग, मानव संसाधन विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य और आर्थिक शासन में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं, जम्मू और कश्मीर ने वाणिज्य व उद्योग क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। इसके अलावा कृषि व संबद्ध क्षेत्र, सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और उपयोगिताएं और न्यायिक व सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में अपने अंक में सुधार किया है।

सुशासन सूचकांक- 2021 के अनुसार केंद्रशासित प्रदेशों की श्रेणी में दिल्ली जीजीआई- 2019 संकेतकों की तुलना में 14 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज करने के साथ सम्मिलित रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर है। दिल्ली ने कृषि व संबद्ध क्षेत्रों, वाणिज्य व उद्योग, सार्वजनिक बुनियादी ढांचा व उपयोगिताएं और समाज कल्याण व विकास में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है।

सुशासन सूचकांक- 2021 के अनुसार 20 राज्यों ने जीजीआई- 2019 तुलना में अपने सम्मिलित जीजीआई अंक में सुधार किया है। राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के प्राप्त क्षेत्रवार अंक एक या अन्य क्षेत्र में ठोस प्रदर्शन को दिखाता है। अंकों के विश्लेषण से यह बात भी सामने आती है कि राज्यों के बीच उनके सम्मिलित शासन अंकों में बहुत ही मामूली अंतर है। यह इसका संकेत करता है कि भारत के राज्यों में व्यापक शासन सकारात्मक दिशा की ओर बढ़ रहा है।

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