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कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक नीलामी के अंतर्गत आवंटित खदानों से उत्पादन की समीक्षा की

एम नागराजू, कोयला मंत्रालय के अपर सचिव और नामित प्राधिकारी, ने 3 जनवरी 2024 को नई दिल्ली में कैप्टिव तथा वाणिज्यिक कोयला खदानों के “उत्पादन और उत्पादन की आशा” की स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान, उन्होंने कोयला उत्पादन में सराहनीय वृद्धि के लिए सभी आवंटियों के प्रयत्नों की सराहना की और उन्हें वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रतिबद्ध कोयला उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए और प्रयत्न करने की सलाह दी। इस बैठक के दौरान, अपर सचिव ने आवंटियों को उन कोयला ब्लॉकों को चालू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया, जो परिचालन के उन्नत चरण में हैं।

31 दिसंबर 2023 तक, 50 कैप्टिव/वाणिज्यिक कोयला खदानें उत्पादन अधीन थीं, जिनमें से 32 खदानें बिजली क्षेत्र को, 11 खदानें गैर-विनियमित क्षेत्र को और सात खदानें कोयले की बिक्री के लिए आवंटित की गई हैं। 2020 में वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी शुरू होने के साढ़े तीन वर्ष के अंदर, 14.87 मिलियन टन (एमटी) की संचयी पीक रेटेड क्षमता (पीआरसी) वाली छह खदानों ने पहले ही उत्पादन शुरू कर दिया है।

दिसंबर 2023 में, कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों से कुल कोयला उत्पादन 14.04 मीट्रिक टन था, जो पिछले वर्ष के इसी महीने में 10.14 मीट्रिक टन से 38 प्रतिशत अधिक था। वहीं, कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों से भेजा गया कुल कोयला 13.32 मीट्रिक टन था, जो दिसंबर 2022 में 9.58 मीट्रिक टन से 39 प्रतिशत अधिक था। दिसंबर 2023 के महीने में औसत दैनिक कोयला प्रेषण 4.3 लाख टन प्रति दिन था।

1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2023 के दौरान, कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों से कोयला उत्पादन और प्रेषण में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। 1 अप्रैल 2023 से 31 दिसंबर 2023 की अवधि के दौरान, कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों से कुल कोयला उत्पादन लगभग 98 मीट्रिक टन था, जबकि कुल कोयला प्रेषण 103 मीट्रिक टन था, जो वित्त वर्ष 2022-23 की समान अवधि से तुलना करने पर क्रमशः 26 प्रतिशत और 32 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। कोयला उत्पादन में सबसे ज्यादा बढ़ौतरी गैर-विनियमित क्षेत्र और वाणिज्यिक कोयला खदानों से हुई, जिसमें क्रमशः 98 प्रतिशत और 101 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।

कोयला मंत्रालय महत्वाकांक्षी उत्पादन और प्रेषण लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करते हुए इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। कोयले की निरंतर आपूर्ति को सुनिश्चित बना के, मंत्रालय का उद्देश्य भारत के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित रखना और इसके आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

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