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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने रूस की ज्वाइंट स्टॉक कंपनी रोसजियोलोजिया और भारत के भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के बीच भूविज्ञान के क्षेत्र में सहयोग से संबंधित एक समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने ज्‍वाइंट स्‍टॉक कंपनी रोसजियोलोजिया (स्‍टेट होल्डिंग कंपनी) (जिसे रोसजियो कहा जाता है), जोकि रूसी संघ के कानूनों के तहत एक निगमित इकाई है और भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के बीच भूविज्ञान के क्षेत्र में सहयोग से संबंधित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर को मंजूरी दे दी है।

इस समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य “भूविज्ञान के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच” गहरे और/ या छिपे हुए खनिज भंडार के अन्वेषण में तकनीकी सहयोग; वायु-भूभौतिकीय (एरो– जियोफिजिकल) डेटा का विश्लेषण और उसकी व्याख्या; पीजीई और आरईई अन्वेषण एवं अनुसंधान; रूसी अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से भारतीय भूविज्ञान डेटा भंडार का संयुक्त विकास; डेटा की सटीकता एवं अधिकतम लागत प्राप्त करने के लिए ड्रिलिंग, नमूनाकरण (सैंपलिंग) एवं प्रयोगशाला विश्लेषण के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और ज्ञान का आदान-प्रदान; और भू– विज्ञान से जुड़े वैज्ञानिकों एवं अन्य कर्मियों आदि के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में आपसी सहयोग का विस्तार करना है।

रोसजियो और जीएसआई के समृद्ध अनुभव और उनकी सहयोग की क्षमता को देखते हुए, यह समझौता ज्ञापन भूविज्ञान के क्षेत्र में जीएसआई और रोसजियो के बीच सहयोग का एक व्यापक ढांचा प्रदान करने की दृष्टि से विशेष रूप से फायदेमंद है।

पृष्ठभूमि: ज्वाइंट स्टॉक कंपनी रोसजियोलोजिया (रोसजियो) रूसी संघ की सबसे बड़ी भूवैज्ञानिक स्टेट होल्डिंग कंपनी है, जोकि विकसित उत्पादन और तकनीकी क्षमताओं, उच्च पेशेवर दक्षताओं और संचित भूवैज्ञानिक जानकारी की एक अनूठी संभावनाओं से लैस है। यह कंपनी सभी प्रकार के खनिज संसाधनों के लिए क्षेत्रीय सर्वेक्षणों से लेकर संचित भंडार का अनुमान लगाने एवं खनन की शुरुआत करने जैसी सभी प्रकार के भूवैज्ञानिक पूर्वेक्षण और अन्वेषण संबंधी गतिविधियों का संचालन करती है। इस कंपनी को अपतटीय भूवैज्ञानिक और ऑन-शेल्फ संचालन के क्षेत्र में अद्वितीय महारत हासिल है।

वर्ष 2020 में भारत की यात्रा के दौरान, अन्वेषण कार्यों में सहयोग के संदर्भ में चर्चा करने के लिए रोसजियो के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में खान मंत्रालय और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के साथ बैठक की थी। इस बैठक में भूविज्ञान के क्षेत्र में सहयोग के संबंध में जीएसआई और रोसजियो के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव किया गया था। उसकी अनुरूप, जीएसआई ने अपने रूसी समकक्ष यानी रोसजियो के साथ परामर्श करके एक मसौदा समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिया।

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