प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल को 09 अक्टूबर, 2023 को भारत गणराज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा तंजानिया संयुक्त गणराज्य के सूचना, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच हस्ताक्षरित डिजिटल बदलावों के लिए आबादी के पैमाने पर कार्यान्वित सफल डिजिटल समाधानों को साझा करने के क्षेत्र में सहयोग संबंधी एक समझौता ज्ञापन से अवगत कराया गया।
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दोनों देशों की डिजिटल परिवर्तनकारी पहल के कार्यान्वयन में निकट सहयोग व अनुभवों के आदान-प्रदान तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों को बढ़ावा देना है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के क्षेत्र में जी2जी और बी2बी स्तर पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाया जाएगा। इस समझौता ज्ञापन में विचार की गई गतिविधियों का वित्त पोषण उनके प्रशासन के नियमित संचालन आवंटन के माध्यम से किया जाएगा।
इस समझौता ज्ञापन में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने वाले बेहतर सहयोग की परिकल्पना की गई है।
एमईआईटीवाई आईसीटी क्षेत्र में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने हेतु कई देशों एवं बहुपक्षीय एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। हाल के वर्षों में, एमईआईटीवाई ने आईसीटी के क्षेत्र में सहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न देशों के अपने समकक्ष संगठनों/एजेंसियों के साथ एमओयू/एमओसी/समझौता किया है। यह कदम देश को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने हेतु भारत सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया आदि जैसी विभिन्न पहलों के अनुरूप है। इस बदलते प्रतिमान को ध्यान में रखते हुए, आपसी सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से व्यावसायिक अवसरों की खोज करने, सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करने और डिजिटल क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की तत्काल आवश्यकता है।
पिछले कुछ वर्षों के दौरान, भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के कार्यान्वयन में अग्रणी रहा है और उसने कोविड महामारी के दौरान भी जनता को सेवाओं की सफलतापूर्वक आपूर्ति सुनिश्चित की है। परिणामस्वरूप, कई देशों ने भारत के अनुभवों से सीखने और भारत के अनुभवों से सीखने हेतु उसके साथ समझौता ज्ञापन करने में रुचि दिखाई है।
इंडिया स्टैक सॉल्यूशंस सार्वजनिक सेवाओं की सुलभता और उसकी आपूर्ति प्रदान करने हेतु आबादी के पैमाने पर भारत द्वारा विकसित और कार्यान्वित किए गए डीपीआई हैं। इसका उद्देश्य सार्थक कनेक्टिविटी प्रदान करना, डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना और सार्वजनिक सेवाओं तक निर्बाध पहुंच संभव करना है। ये खुली प्रौद्योगिकियों पर निर्मित व अंतरसंचालनीय हैं और इनका डिज़ाइन उद्योग एवं सामुदायिक भागीदारी का उपयोग करने हेतु किया गया है जो नवाचार को बढ़ावा देते हैं। हालांकि,डीपीआई के निर्माण में प्रत्येक देश के समक्ष विशिष्ट आवश्यकताएं और चुनौतियां होती हैं, फिर भी बुनियादी कार्यक्षमता समान होती है, जो वैश्विक स्तर पर सहयोग की अनुमति देती है।
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