केंद्र और राज्य के सहयोग से ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) पहल के तहत उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग और आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा 21 जनवरी, 2022 को एक राज्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता सुमिता डावरा, अपर सचिव, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने किया। सम्मेलन में सभी राज्यों के उद्योग विभागों के प्रधान सचिवों और अन्य प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया।
सुमिता डावरा, अपर सचिव, डीपीआईआईटी ने एक विशेष संबोधन के साथ बैठक की शुरुआत की और ओडीओपी के तहत अब तक की गई सफल गतिविधियों और राज्यों द्वारा किए गए बेहतरीन कार्यों के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद रंजन प्रकाश ठाकुर, प्रधान सचिव उद्योग, जम्मू और कश्मीर द्वारा ‘जम्मू और कश्मीर में विनिर्माण क्षेत्र के लिए बदलते स्वरूप पर विस्तृत जानकारी दी गई और जम्मू और कश्मीर में ओडीओपी पहल के कार्य विशेष रूप से अखरोट और सेब के लिए व्यापार सुविधा पर चर्चा की। दुबई एक्सपो 2020 में जम्मू और कश्मीर के प्रतिनिधित्व की ओडीओपी पहल की सुविधा और सफल खरीदार-विक्रेता बैठक के साथ-साथ उसमें आयोजित केंद्रित व्यापार चर्चाओं पर भी प्रकाश डाला गया। बाकी राज्यों को भी जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेने की सुविधा दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य के ओडीओपी मॉडल ने अपनी उल्लेखनीय सफलता से सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके तहत राज्य के सभी जिलों के कारीगरों और उत्पादकों को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत प्रोत्साहन और सहायता प्रदान की गई है। नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और निर्यात संवर्धन, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रस्तुति दी गई।
उत्तर प्रदेश ने दूसरे राज्यों को अपने उत्पाद के माध्यम से प्रत्येक जिले को आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक लागू करने को लेकर मॉडल प्रदान किया है।
स्वप्ना देबनाथ, अपर निदेशक, उद्योग और वाणिज्य विभाग, त्रिपुरा ने ‘दूरस्थ जिलों को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने’ के लिए एक रोडमैप की रूपरेखा तैयार की। इसमें राज्य सरकार और ओडीओपी टीम के बीच अब तक के सफल सहयोग और त्रिपुरा के सभी 8 जिलों से उत्पाद विकास और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले अगले कदमों पर चर्चा की गई।
राज्यों की प्रस्तुतियों के बाद, डीपीआईआईटी के तहत इन्वेस्ट इंडिया द्वारा सुगम की जा रही ओडीओपी पहल के तहत काम के दायरे, अब तक की गई गतिविधियों और संतुलित क्षेत्रीय आर्थिक विकास की दृष्टि को बढ़ावा देने के तरीके पर एक प्रस्तुति दी।
इन्वेस्ट इंडिया ने व्यापार सुविधा, क्षमता निर्माण और उत्पादों के विकास के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण की कुछ मौजूदा कहानियों पर प्रकाश डाला।
कुछ प्रमुख उदाहरणों में राजसमंद जिले, राजस्थान में मोलेला कारीगरों के लिए डिजाइन प्रशिक्षण शामिल हैं। कामरूप, असम के मुगा सिल्क बुनकरों के लिए कौशल प्रशिक्षण, पश्चिम जयंतिया हिल्स, मेघालय से लकडोंग हल्दी की लंबी अवधि के लिए व्यापार सुविधा और दुबई एक्सपो 2020 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में जिलों और श्रेणियों के ओडीओपी उत्पादों का प्रचार जैसे पहले शामिल हैं।
ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग में ओडीओपी के काम और ओडीओपी के लिए समर्पित स्टोरफ्रंट के माध्यम से वेब-आधारित बिक्री का लाभ उठाने में ग्रामीण कारीगरों का समर्थन करने के लिए बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ इसके घनिष्ठ साझेदारी पर भी चर्चा की गई।
ओडीओपी पहल के साथ राज्य को आगे बढ़ाने के लिए एक रोडमैप भी रखा गया था। राज्यों से विक्रेताओं के डेटा को साझा करने के माध्यम से, ओडीओपी टीम खरीदारों का डेटा के साथ व्यापार सुविधा को आगे बढ़ाएगी। इसके अलावा, ओडीओपी पहल के साथ मिलकर काम करने के लिए हर राज्य में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करेगी जो भविष्य की गतिविधियों की सफलता को सुनिश्चित करेगी।
सम्मेलन को प्रतिभागियों ने खूब सराहा और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख सचिव, उद्योग हेगे तारी सहित कुछ लोगों ने अपने राज्य में इसमें भाग लेने और पूरे दिल से समर्थन करने के लिए अपनी गहरी रुचि व्यक्त की। सभी प्रमुख सचिवों ने भी उत्सुकता से संपर्क विवरण साझा किया और ओडीओपी के तहत चल रही गतिविधियों से जुड़े रहने और अपडेट रहने की मांग की।
डीपीआईआईटी के निदेशक बी. रामंजनेयुलु ने धन्यवाद प्रस्ताव और समापन टिप्पणी के साथ सम्मेलन का समापन किया। उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उद्योग विभागों से देश की सभी तरफ ओडीओपी पहल के सफल कार्यान्वयन के लिए सक्रिय समर्थन सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि अर्थव्यवस्था को आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ाया जा सके। उन्होंने लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए वार्षिक प्रधान मंत्री पुरस्कारों के लिए सिविल सेवकों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक श्रेणी के रूप में ‘एक जिला एक उत्पाद’ पहल को शामिल करने पर हो रहे विचार से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
सफल राज्य सम्मेलन ओडीओपी पहल की उत्कृष्ट सफलता की मान्यता का प्रतीक है, जबकि यह स्वीकार करते हुए कि यह आत्मानिर्भर भारत और #वोकलफॉरलोकर के परिकल्पना की दिशा में और अधिक प्रभावशाली कार्य की दिशा में पहला कदम है।
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