केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने आज केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार की उपस्थिति में एम्स देवघर के नए आयुष भवन और रैन बसेरा को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने नए आयुष भवन में संस्थान की ओपीडी सेवाओं का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री, झारखंड, हाफिजुल हसन, खेल और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, झारखंड, निशिकांत दुबे, संसद सदस्य, गोड्डा लोकसभा और समीर उरांव, सांसद, राज्यसभा (झारखंड) भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में अपनी खुशी व्यक्त करते हुए मनसुख मंडाविया ने कहा कि अब लोगों को देवघर में सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं मिलेगी। उन्होंने दर्शकों को याद दिलाया कि संस्थान की आधारशिला माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 25 मई 2018 को रखी गई थी। उन्होंने कहा कि ओपीडी सेवाओं के साथ, दूर-दराज के लोगों के लिए रैन बसेरा में रहने और अपना इलाज कराने की सुविधा से पूरे झारखंड राज्य के लोगों को मदद मिलेगी। संस्थान न केवल देवघर के 15 लाख निवासियों बल्कि झारखंड के 3.19 करोड़ लोगों की भी चिकित्सा जरूरतों को पूरा करेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में केंद्र सरकार महामारी के दौरान हमेशा राज्यों के साथ खड़ी रही है। ईसीआरपी-1 और ईसीआरपी -II (आपातकालीन कोविड-19 रिस्पांस पैकेज) ने कोविड के लिए एक मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य सिस्टम को बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। इसी तरह, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) ने क्षेत्रीय असंतुलन को पाटने का काम किया है और पिछड़े राज्यों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्रदान कर रही है।
मनसुख मंडाविया ने कहा कि केंद्र ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में झारखंड की हर संभव मदद की है। उन्होंने पीएमएसएसवाई को लागू करने के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रयासों के मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित समाज में अंतिम नागरिक की सेवा करने की ‘अंत्योदय’ की अवधारणा का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल, भुवनेश्वर, रायपुर, पटना, जोधपुर और ऋषिकेश के छह एम्स अब पूरी तरह क्रियाशील हैं।
एम्स, देवघर के ओपीडी सुविधाओं में चिकित्सा और इसकी संबद्ध विशेषताएं शामिल हैं- सामान्य चिकित्सा, पल्मोनोलॉजी (टीबी और श्वसन रोग), मनोरोग, त्वचाविज्ञान (त्वचा), सर्जिकल और संबद्ध विशेषता- सामान्य सर्जरी, हड्डी रोग, ईएनटी, नेत्र विज्ञान, बाल रोग- नवजात और बच्चों का टीकाकरण, प्रसूति एवं स्त्री रोग, दंत चिकित्सा, विकृति विज्ञान और सूक्ष्म जीव विज्ञान, रेडियोलॉजी आदि।
एम्स देवघर के पूरे समुदाय को बधाई देते हुए, डॉ. भारती पवार ने कहा, “केंद्र सरकार ने 30 जनवरी 2020 को एक गजट अधिसूचना द्वारा झारखंड के देवघर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना की है। यह जल्द ही 750 बिस्तरों वाला अस्पताल (30 आयुष बिस्तरों सहित) होगा और इसमें 100 एमबीबीएस सीटें और 60 नर्सिंग सीटें होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि एम्स देवघर स्वास्थ्य और कल्याण में सरकार के निवेश का सबसे अच्छा उदाहरण है।
राजेश भूषण, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, प्रो. (डॉ.) एन.के. अरोड़ा, अध्यक्ष, एम्स देवघर, प्रो. (डॉ.) सौरभ वार्ष्णेय, कार्यकारी निदेशक और सीईओ, एम्स देवघर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More
RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment