प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इनोवेशन हैंडशेक के माध्यम से नवाचार इकोसिस्टम को बढ़ाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत गणराज्य के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) के मसौदे को मंजूरी दे दी।
अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो की 8-10 मार्च के बीच यात्रा के दौरान 10 मार्च 2023 को 5वीं भारत-अमेरिका वाणिज्य वार्ता आयोजित की गई थी। बैठक में आपूर्ति श्रृंखला सहनीयता, जलवायु और स्वच्छ प्रौद्योगिकी सहयोग, समावेशी डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने तथा विशेष रूप से एसएमई और स्टार्ट-अप के सन्दर्भ में महामारी के बाद आर्थिक सुधार के लिए सुविधा प्रदान करने पर रणनीतिक फोकस के साथ वाणिज्यिक वार्ता फिर से शुरू की गयी। इसमें वाणिज्यिक वार्ता के तहत प्रतिभा, नवाचार और समावेशी विकास (टीआईआईजी) पर एक नए कार्य समूह का शुभारंभ शामिल था। यह रेखांकित किया गया कि यह कार्य समूह आईसीईटी के लक्ष्यों की दिशा में काम करने वाले स्टार्ट-अप के प्रयासों; विशेष रूप से सहयोग के लिए विशिष्ट नियामक बाधाओं की पहचान करने और संयुक्त गतिविधियों के लिए विशिष्ट विचारों के माध्यम से स्टार्ट-अप पर ध्यान केंद्रित करने के साथ हमारे नवाचार इकोसिस्टम के बीच अधिक संपर्क को बढ़ावा देने का भी समर्थन करेगा।
जून 2023 में राष्ट्रपति बिडेन और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जारी संयुक्त वक्तव्य में “इनोवेशन हैंडशेक” स्थापित करने के प्रयासों का स्वागत किया गया, जो दोनों पक्षों के ऊर्जावान स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़ेगा, सहयोग के लिए विशिष्ट नियामक बाधाओं का समाधान करेगा और विशेष रूप से महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों (सीईटी) के क्षेत्र में नवाचार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि को बढ़ावा देगा। इनोवेशन हैंडशेक के तहत सहयोग को औपचारिक रूप देने और मार्गदर्शन को लागू करने के लिए, 14 नवंबर, 2023 को सैन फ्रांसिस्को, यूएसए में इनोवेशन हैंडशेक पर भारत और अमेरिका के बीच एक जी2जी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
सहयोग के दायरे में भारत-अमेरिका इनोवेशन हैंडशेक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला, निजी क्षेत्र के साथ गोलमेज सम्मेलन, हैकथॉन और “ओपन इनोवेशन” कार्यक्रम, सूचना साझाकरण और अन्य गतिविधियां शामिल होंगी। एमओयू ने 2024 की शुरुआत में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में होने वाले दो इनोवेशन हैंडशेक कार्यक्रमों के लिए आधार तैयार किया, जिसमें एक निवेश मंच शामिल भी है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी और भारतीय स्टार्टअप कंपनियों को उनके अभिनव विचारों और उत्पादों को बाजार में लाने में मदद करना है। इनमें सिलिकॉन वैली में एक “हैकथॉन” का आयोजन भी शामिल है; जहां अमेरिकी और भारतीय स्टार्टअप वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने में मदद के लिए विचारों और प्रौद्योगिकियों को सामने रखेंगे।
यह समझौता ज्ञापन उच्च तकनीकी क्षेत्र में वाणिज्यिक अवसरों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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