उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की लॉजिस्टिक डिवीजन ने क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) के साथ मिलकर कल 27 केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों (सीटीआई) और 34 राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों (एटीआई) के साथ एक वेबिनार की मेजबानी की। इस वेबिनार का उद्देश्य इन सभी संस्थानों में प्रशिक्षित किए जा रहे लोक सेवकों को पीएम गतिशक्ति दृष्टिकोण पर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को संस्थागत और नियमित करने के तरीके और साधन खोजना था। वेबिनार में पीएम गति शक्ति के औचित्य और अवधारणा को विस्तार से बताने के साथ-साथ इसके नवीन उपयोगों को भी प्रदर्शित किया गया।
वेबिनार में तीन सत्र शामिल थे। सत्र 1 में बीआईएसएजी-एन द्वारा पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के प्रदर्शन के माध्यम से पीएम गतिशक्ति दृष्टिकोण को उजागर करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। सत्र 2 में पीएम गतिशक्ति का उपयोग करके समग्र बुनियादी ढांचे की योजना के लिए मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई प्रथाओं का प्रदर्शन किया गया, जिसमें रेल मंत्रालय द्वारा पीएम गति शक्ति को अपनाए जाने का चित्रण किया गया। सत्र 3 में पीएम गति शक्ति के सिद्धांतों पर लोक सेवकों के लिए क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया, जिसमें सभी क्षेत्रों में सरकारी कामकाज के लिए ‘संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण की कल्पना की गई और सीटीआई और एटीआई के पाठ्यक्रम में पीएम गति शक्ति को एकीकृत करने के तरीकों और साधनों की कल्पना की गई।
वेबिनार में बीआईएसएजी-एन, सीबीसी सहित देश में स्थित 27 केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों (सीटीआई), लगभग 34 राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों (एटीआई) के वरिष्ठतम अधिकारियों और नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप मंत्रालयों के 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
डीपीआईआईटी में सचिव राजेश कुमार सिंह ने ‘संपूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने वाले पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आज के प्रशासकों और लोक सेवकों के लिए देश में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण में पीएम गति शक्ति दृष्टिकोण की अवधारणा और उपयोग को समझने और जिलों, विशेष रूप से योजना के लिए आकांक्षी जिलों में इसका उपयोग किए जाने और सीटीआई की भूमिका पर जोर दिया और राज्य एटीआई इस प्रयास में भूमिका निभा सकते हैं।
डीपीआईआईटी में विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) सुमिता डावरा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन के अनुरूप, पिछले दशक में आर्थिक विकास में भारत द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति और इस विजन को हासिल करने में पीएम गति शक्ति के सिद्धांतों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
डीपीआईआईटी में विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) ने मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स के लिए व्यापक योजना के लिए जीआईएस-सक्षम प्लेटफॉर्म पीएम गतिशक्ति की अवधारणा और उपयोग को भी स्पष्ट किया, जिससे क्षेत्र विकास दृष्टिकोण (एरिया डेवलपमेंट एप्रोच) योजना का प्रभावी कार्यान्वयन हो सके। उन्होंने पीएम गति शक्ति दृष्टिकोण के कुछ नवीन उपयोग के मामलों के साथ-साथ इससे होने वाले लाभों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किए जाने वाले डिटेल रूट सर्वे (डीआरएस) में 46 रिपोर्ट तैयार करने में 6 से 9 महीने लगते थे। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक डिटेल रूट सर्वे (ईडीआरएस) के माध्यम से एनएमपी के साथ, अब एक डिजिटल क्लिप की मदद से कुछ घंटों में रिपोर्ट बनाई जाती हैं। इससे प्रक्रिया सरल और तेज हो जाती है।
रेल मंत्रालय ने एनएमपी पर 13,000 किलोमीटर से अधिक की योजना बनाई है और फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) को पूरा करने में तेज गति दर्ज की है। एनएमपी के उपयोग के साथ, रेलवे द्वारा वित्त वर्ष 2022 में कुल 427 फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) किए गए, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह संख्या 57 रही थी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नॉर्थ-ईस्ट गैस ग्रिड (एनईजीजी) के तहत 5 पाइपलाइनों को मिलाने की योजना बनाई, जिसके परिणामस्वरूप 42 किमी की कुल लंबाई कम हो गई। इससे 169 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
एनएमपी पर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए पुणे बेंगलुरु एक्सप्रेसवे, भद्रक-विजयनगरम (कलिंगनगर) तीसरी लाइन रेल परियोजना, ट्यूना-टेकरा (कांडला) में नए टर्मिनल से कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाओं की योजना भी बनाई गई थी।
गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्य सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं की योजना बना रहे हैं; उत्तर प्रदेश में यूपी पहुंच टूल के माध्यम से असेवित बस्तियों में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के लिए योजना बनाना, फूड एंड सिविल सप्लाई एनालिसिस टूल के माध्यम से गेहूं की पैदावार वाले क्षेत्रों से खरीद केंद्रों की दूरी का विश्लेषण आदि कार्य किए जा रहे हैं।
बीआईएसएजी-एन महानिदेशक विनय ठाकुर ने बुनियादी ढांचे की समग्र योजना के लिए इस विश्लेषणात्मक टूल की अवधारणा और डेटाबेस संचालन पर ध्यान केंद्रित करके पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान प्लेटफॉर्म के पीछे की तकनीक का खुलासा किया। उन्होंने यह भी बताया कि असम के गोलपारा की वंचित बस्तियों में 4जी मोबाइल कवरेज की योजना बनाने के लिए एनएमपी का उपयोग कैसे किया गया।
गति शक्ति, रेल मंत्रालय में ईडी कमलेश गोसाईं ने रेलवे के क्षेत्र में पीएम गतिशक्ति एनएमपी प्लेटफॉर्म की सफलता की कहानियों के बारे में बताया। उन्होंने तरंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड ब्रॉड गेज नई रेलवे लाइन की पूर्व-संरेखण प्रक्रिया की योजना के उपयोग के माध्यम से पीएम गतिशक्ति एनएमपी प्लेटफॉर्म के संभावित लाभों पर प्रकाश डाला, जो 7 दिनों में पूरा हो गया था। अन्यथा, इसमें लगभग 6 महीने लगते।
क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) के अध्यक्ष आदिल जैनुलभाई और सीबीसी में सदस्य प्रशासन प्रवीण परदेशी ने पीएम गतिशक्ति का उपयोग करके संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण में प्रशिक्षण पर अपने विचार साझा किए और महत्व को स्पष्ट और सीटीआई एवं एटीआई के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में पीएम गतिशक्ति मॉड्यूल शुरू करने के महत्व और प्रासंगिकता को स्पष्ट किया। साथ ही, इस संबंध में आगे बढ़ने के तरीके पर प्रकाश डाला।
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