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उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर उत्तरी क्षेत्र के राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों के साथ समीक्षा बैठक की

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) का लॉजिस्टिक्स प्रभाग राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों में पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए साप्ताहिक बैठकों का आयोजन करता है। इन बैठकों में राष्ट्रीय मास्टर प्लान का उपयोग करके परिसम्पत्तियों का मानचित्रण और परियोजना निर्माण में प्रगति का आकलन करने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नोडल अधिकारी एवं प्रतिनिधि चर्चा में शामिल होते हैं।

कल वर्चुअल माध्यम से डीपीआईआईटी की विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) सुमिता डावरा की अध्यक्षता में उत्तरी क्षेत्र के राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों के लिए एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड जैसे राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की। उन्होंने राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों द्वारा किए गए अच्छे कार्यों की प्रशंसा करते हुए बैठक की शुरुआत की और उनसे सामने आए उपयोग के मामलों पर प्रस्तुतियों का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान, विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) ने उत्तरी क्षेत्र के राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों को क्षेत्र के विकास के लिए पीएम गतिशक्ति एसएमपी (राज्य मास्टर प्लान) का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। क्षेत्र विकास योजना के लिए सामाजिक, अवसंरचना और लॉजिस्टिक संबंधी अंतर की पहचान करने के लिए राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों द्वारा एक स्वॉट (शक्तियों, कमजोरियों, अवसरों, खतरों) विश्लेषण आयोजित किया जा सकता है। पहाड़ी इलाकों के कारण अधिकांश उत्तरी राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों द्वारा सामना की जाने वाली शुरू से लेकर आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी की चुनौती को अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं का निर्माण करने के लिए पीएम गतिशक्ति एनएमपी का उपयोग करके दूर किया जाता है। इससे व्यापार करने में आसानी, जीवनयापन में आसानी और सेवा प्रदान करने में आसानी से संबंधित लाभ होंगे, जिससे व्यापार निवेश और पर्यटन में काफी वृद्धि होगी।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभागीय स्तर पर बाधाओं को दूर करने के ‘संपूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केंद्र-शासित प्रदेश लद्दाख जैसे उत्तरी राज्यों के ‘वाइब्रेंट विलेज’ को विकसित करने में भी लाभ होगा।

विशेष सचिव ने इस बात को रेखांकित किया कि, पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार, एनएमपी सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, क्षेत्र के विकास की सुविधा और सेवा प्रदान करने के लिए सबसे दूरस्थ क्षेत्र में शुरू से लेकर आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी की पेशकश करेगा।

राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों को एसएमपी के उपयोग के लाभों के बारे में अधिक जागरूकता के लिए राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों के साथ पीएम गतिशक्ति पर संवाद आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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