परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल – एईपीसी) के अध्यक्ष नरेन गोयनका ने निर्यात परिषद (ईसी) के अन्य सदस्यों के साथ आज परिधान भवन (अपैरल हाउस), गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और प्रदर्शकों की उपस्थिति में अपनेक्स्ट इंडिया 2023 के पहले संस्करण का उद्घाटन किया। यह पहल रिवर्स बायर-सेलर मीट की एक श्रृंखला के रूप में “अपनेक्स्ट इंडिया” के नाम से जापान में शुरू हुई थी और अब जिसका आयोजन 10 और 11 फरवरी 2023 को किया जा रहा है। अपनेक्स्ट इंडिया का आयोजन एईपीसी द्वारा किया जाता है और इसे वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बाजार पहुंच पहल (एमएआई) योजना के अंतर्गत समर्थन दिया जाता है।
कारोबारी कंपनियों और खुदरा श्रृंखला/बिक्री केंद्र सहित 84 प्रमुख जापानी खरीदार 112 विविध विषम भारतीय प्रदर्शकों से अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत में हैं, जो जापानी अभिरुचियों को दर्शाते हुए सिले सिलाए परिधानों (आरएमजी) की विविध श्रेणियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
बदलते बाजार की गतिशीलता पर प्रकाश डालते हुए परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल-एईपीसी) के अध्यक्ष, नरेन गोयनका ने कहा कि “हम जापान में एक मजबूत व्यापार अवसर प्राप्त कर रहे हैं जो इस तथ्य से परिलक्षित होता है कि जापान के लिए एक प्रमुख परिधान आपूर्तिकर्ता रहे चीन द्वारा पिछले 5 वर्षों में गिरावट देखी जा रही है और इससे भारत को महत्वपूर्ण लाभ हो रहा है। दोनों देशों में परिधान उद्योग ने भारत और जापान के बीच हुए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के बाद से चीन और तुर्की के लिए लगभग 9 प्रतिशत के व्यापार के मुकाबले भारतीय सिले सिलाए परिधानों (आरएमजी) के लिए शुल्क मुक्त पहुंच का लाभ उठाते हुए इस व्यापार को और बढ़ाने के लिए कमर कस ली है।
भारतीय परिधान उद्योग जिसे विश्व में कपास, जूट, रेशम और ऊन की सबसे बड़ी कच्ची सामग्री की उपलब्धता का आशीर्वाद मिला हुआ है और जिसे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कताई और बुनाई क्षमता का भी समर्थन प्राप्त है। यह उद्योग को 95 प्रतिशत घरेलू मूल्यवर्धन का ऐसा अवसर देता है जिससे भारत पूरे विश्व को खेत से लेकर फैशन तक एक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला समाधान उपलब्ध करवान में सक्षम हो जाता है और इसलिए हमारे खरीदारों तक पहुंचने के लिए कम समय में प्रतिस्पर्धी बढ़त के रूप में अपना विस्तार कर पाता है। एईपीसी के अध्यक्ष ने आगे कहा कि पारंपरिक परिधानों में स्वयं को स्थापित करने के बाद भारतीय परिधान उद्योग ने अब मैन मेड फाइबर (एमएमएफ) वाले परिधानों के नए क्षेत्रों में विविधता लाने के लिए आगे बढ़ा लिया है।
समूह चर्चा में अपने संबोधन में नरेन गोयनका ने कहा कि “जापान दुनिया में रेडीमेड परिधानों का चौथा सबसे बड़ा आयातक है और वहां आरएमजी क्षेत्र में एक विशाल अप्रयुक्त व्यापार क्षमता के साथ ही जापानी बाजार में पहुंच भी शुल्क मुक्त हैI यही कारण है कि भारत को अब भारत-जापान व्यापार के निर्माण पर बड़े पैमाने पर और आक्रामक रूप से ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भारत सरकार उतपादन से जुडी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लेकर आ रही है जिसमें प्रमुख रूप से रेडी मेड गारमेंट (आरएमजी) शामिल होंगे। नरेन गोयनका ने कहा कि इस पीएलआई योजना का पात्र होने के लिए बहुत सरल मानदंड होगा और जो क्षमता निर्माण के मुद्दे को बहुत सीमा तक संबोधित करेगा।
एईपीसी के उपाध्यक्ष सुधीर सेखरी ने अपने संबोधन में कहा कि, “जापानी कंपनियों के परिधानों के स्रोत के आधार के रूप में दो प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हैं : सोर्सिंग की लागत एवं लचीलेपन के साथ उसकी उपयोग क्षमता । भारतीय आपूर्तिकर्ता 300 नगों के छोटे आकार के कस्टमाइज्ड ऑर्डर से लेकर एक ही तरह के 3 लाख नगों तक के बड़े आदेश दोनों को ही पूरा कर सकते हैं। कोविड-19 के बावजूद जापान में परिधान आयात में पिछले 3 वर्षों में सकारात्मक वृद्धि देखी गई है जो भारत के परिधान उद्योग को एक बड़ा अवसर प्रदान करती है।
एईपीसी में मेलों एवं प्रदर्शनियों के अध्यक्ष अशोक जी रजनी ने कहा कि “अपनेक्स्ट इंडिया” भारतीय निर्यातक समुदाय और दुनिया भर के खरीदारों के बीच साझेदारी के सेतु निर्माण हेतु तत्पर है और जिनकी शुरुआत जापान से होती है। रिवर्स बायर-सेलर मीट का यह जापान केंद्रित 2023 संस्करण रुचि रखने वाले परिधान और फैशन एक्सेसरीज निर्यातकों का ऐसा आतिथ्य कर रहा है जो उन्हें जापानी ब्रांडों और खरीदारों के साथ जुड़ने के लिए एक मंच प्रदान करता है। हम इस आयोजन के माध्यम से जापानी ब्रांडों को भारत से अधिक निर्मित किए जाने की योजना बनाने में सक्षम बनाने के लिए तत्पर हैं।
अपनेक्स्ट इंडिया 2023 के यह दो दिन प्रौद्योगिकी और स्थिरता के क्षेत्र में स्टार्ट – अप्स के लिए थीम पैवेलियन का भी आयोजन करेंगे और ये दोनों ही बहुत ही ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिनमें भारतीय परिधान उद्योग तेजी से परिवर्तन कर रहा है। इसके अतिरिक्त यह प्रदर्शन पैनल चर्चाओं की श्रृंखला का भी साक्षी होगा जहां विशेषज्ञ, उद्योग जगत के नेता और शिक्षाविद भविष्य के लिए तैयार होने वाले उद्योग के लिए क्षमता निर्माण के साथ–साथ व्यापार दृष्टिकोण, पर्यावरणीय सामाजिक एवं प्रशासनिक (ईएसजी) अनुपालन और उभरती प्रौद्योगिकियों पर विचार-विमर्श करेंगे।
कोइजुमी अपैरल कम्पनी सहित कुछ प्रतिष्ठित जापानी ब्रांड प्रतिष्ठान, मारुबेनी इंटेक्स, एक्स प्लस कम्पनी लिमिटेड, एआईएस कम्पनी लिमिटेड, इंडेप कम्पनी लिमिटेड, औबे कम्पनी लिमिटेड, सुमितोमो कॉर्पोरेशन क्यूशू कम्पनी लिमिटेड, ओयोशिमा एंड कंपनीलिमिटेड, यागी , मुजी, अमीना कलेक्शन कम्पनी लिमिटेड, यूनाइटेड एरोज लिमिटेड, कोनाका, निसेनकेन गुणवत्ता मूल्यांकन केंद्र आदि इस प्रदर्शन के लिए आए हैं। भारतीय आरएमजी कंपनियां इस आयोजन में गर्मियों और सर्दियों के संग्रह सहित परिधान की विभिन्न श्रेणियों का प्रदर्शन कर रही हैं।
जापान ने नवम्बर 2022 तक 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के रेडीमेड कपड़ों का आयात किया और भारत ने 0.9 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ जापान को 0.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर के रेडीमेड कपड़ों का निर्यात किया जो यह दर्शाता है कि भारतीय परिधान निर्माताओं और जापान के लिए के रेडीमेड परिधानों के उनके आयातकों के बीच अपने अंतर को पाटने तथा भारत-जापान परिधान व्यापार एवं वस्त्रों के लिए एक नया अध्याय लिखने हेतु बहुत अधिक संभावनाएं हैं।
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