इस साल बजट में, उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत भुगतान और विदेश यात्रा से संबंधित प्रोग्राम पैकेज पर स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की प्रणाली में कुछ बदलावों की घोषणा की गई थी। ये बदलाव 1 जुलाई 2023 से प्रभावी होने थे। मार्च में यह भी घोषणा की गई थी कि क्रेडिट कार्ड से होने वाले भुगतान को एलआरएस के तहत लाया जाएगा। इस संदर्भ में अनेक टिप्पणियां और सुझाव प्राप्त हुए, जिन पर सावधानीपूर्वक विचार किया गया है।
टिप्पणियों और सुझावों के जवाब में, उपयुक्त बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। सबसे पहले, यह निर्णय लिया गया है कि एलआरएस के तहत सभी उद्देश्यों के लिए और विदेशी यात्रा से संबंधित टूर पैकेज के लिए, भुगतान का तरीका चाहे कोई भी हो, 7 लाख रुपये प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष तक की राशि के लिए टीसीएस की दर में कोई बदलाव नहीं होगा। संशोधित टीसीएस दरों के कार्यान्वयन और एलआरएस में क्रेडिट कार्ड भुगतान को शामिल करने के लिए और अधिक समय देने का भी निर्णय लिया गया है। बदलावों का विवरण नीचे दिया गया है।
आयकर अधिनियम, 1961 (“अधिनियम”) की धारा 206सी की उप-धारा (1जी) (i) उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के माध्यम से विदेशी प्रेषण और (ii) विदेश यात्रा से संबंधित प्रोग्राम पैकेज की बिक्री के मामले में स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) का प्रावधान करती है।
वित्तीय अधिनियम 2023 के माध्यम से अधिनियम की धारा 206सी की उपधारा (1जी) में सुधार किया गया है। इन संशोधनों में, अन्य मुद्दों के अलावा एलआरएस के अंतर्गत भेजी हुई रकम के साथ-साथ विदेशी टूर प्रोग्राम पैकेज की खरीद के लिए टीसीएस की दर 5% से बढ़ाकर 20% कर दी गई है और एलआरएस पर टीसीएस प्रारंभ करने के लिए 7 लाख रुपये की सीमा हटा दी गई। ये दोनों परिवर्तन उस स्थिति में लागू नहीं होंगे जब भेजी हुई रकम शिक्षा या चिकित्सा उद्देश्य के लिए दी जा रही हो। ये संशोधन 1 जुलाई 2023 से प्रभावी होने थे।
सरकार ने एलआरएस के तहत विदेशी मुद्रा की निकासी के अन्य माध्यमों की तुलना में क्रेडिट कार्ड के लिए डिफरेंशियल ट्रीटमेंट को हटाने के उद्देश्य से 16 मई 2023 को एक ई-गजट अधिसूचना के माध्यम से विदेशी मुद्रा प्रबंधन (चालू खाता लेनदेन) (संशोधन) नियम, 2023 को अधिसूचित किया था।
विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा करने के बाद और उनसे प्राप्त हुई टिप्पणियों एवं सुझावों को ध्यान में रखते हुए, निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं:
i) सरकार ने बैंकों और कार्ड नेटवर्कों को अपेक्षित सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित समाधान लेकर आने के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से 16 मई 2023 की ई-गजट अधिसूचना के कार्यान्वयन को स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसका अर्थ अब यह होगा कि विदेश में रहते हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लेनदेन को एलआरएस के रूप में नहीं गिना जाएगा और यही कारण है कि ऐसा भुगतान टीसीएस के अधीन नहीं होगा। 19 मई 2023 की प्रेस विज्ञप्ति को निरस्त किया जाता है।
ii) खंड में प्रति व्यक्ति प्रति वित्तीय वर्ष 7 लाख रुपये की सीमा (i) धारा 206सी की उप-धारा (1जी) को एलआरएस भुगतान की सभी श्रेणियों पर, भुगतान के सभी तरीकों के माध्यम से, इसके उद्देश्य की परवाह किए बिना, टीसीएस के लिए बहाल किया जाएगा: इस प्रकार, एलआरएस के तहत पहले 7 लाख रुपये की धनराशि को भेजनें के लिए कोई टीसीएस नहीं लागू होगा। इस 7 लाख रुपये की सीमा से अलग हटकर टीसीएस की दर इस प्रकार होगी
ए) 0.5% (यदि शिक्षा के उद्देश्य से धन का वित्तपोषण शिक्षा ऋण द्वारा किया जाता है);
बी) 5% (शिक्षा अथवा चिकित्सा उपचार के लिए भेजी गई रकम के मामले में);
सी) अन्य के लिए 20%
उप-धारा (1जी) के खंड (ii) के तहत विदेशी टूर कार्यक्रम पैकेज की खरीद के लिए; टीसीएस, पहले 7 लाख रुपये प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष के लिए, 5% की दर से लागू होना जारी रहेगा; 20% की दर केवल इस सीमा से अधिक व्यय पर लागू होगी।
iii) बढ़ी हुई टीसीएस दरें 1 अक्टूबर, 2023 से लागू होंगी: टीसीएस दरों में वृद्धि; जिसे 1 जुलाई, 2023 से लागू किया जाना था, अब उपरोक्त (ii) में संशोधन के साथ 1 अक्टूबर, 2023 से लागू होगी। 30 सितंबर, 2023 तक, पिछली दरें (वित्त अधिनियम 2023 द्वारा संशोधन से पहले) लागू रहेंगी।
पिछली और नई टीसीएस दरों का सारांश इस प्रकार है:
भुगतान की प्रकृति(1)
वित्त अधिनियम, 2023 से पहले की दर(2)
नई दर 1 अक्टूबर 2023 से प्रभावी (3)
ऋण द्वारा वित्त पोषित शिक्षा के लिए एलआरएस
7 लाख रुपये तक शून्य7 लाख रुपये से अधिक 0.5%
7 लाख रुपये तक शून्य7 लाख रुपये से अधिक 5%
चिकित्सा उपचार/शिक्षा के लिए एलआरएस (ऋण द्वारा वित्तपोषित के अलावा)
7 लाख रुपये तक शून्य7 लाख रुपये से अधिक 5%
7 लाख रुपये तक शून्य7 लाख रुपये से अधिक 5%
अन्य प्रयोजनों के लिए एलआरएस
7 लाख रुपये तक शून्य7 लाख रुपये से अधिक 5%
7 लाख रुपये तक शून्य7 लाख रुपये से अधिक 5%
विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की खरीद
5% (कोई सीमा नहीं)
7 लाख रुपये तक 5%, उसके बाद 20%
(ii) पहले 7 लाख रुपये के लिए उप-धारा (1जी) के खंड (i) के अंतर्गत एलआरएस के तहत व्यय पर कोई टीसीएस लागू नहीं होगा, उद्देश्य चाहे जो भी हो।
नियमों (विदेशी मुद्रा प्रबंधन (चालू खाता लेनदेन नियम), 2000) में आवश्यक परिवर्तन अलग से जारी किए जा रहे हैं।
इस संबंध में विधायी संशोधन उचित समय पर प्रस्तावित किया जाएगा। इस प्रावधान को लागू करने से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए परिपत्र और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) जारी किए जाएंगे।
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