राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा – हमारी वास्‍तविक सफलता बाबा साहेब भीमराव आम्‍बेडकर के सिद्धांतों और विचारों पर आधारित है

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा – हमारी वास्‍तविक सफलता बाबा साहेब भीमराव आम्‍बेडकर के सिद्धांतों और विचारों पर आधारित है

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि हमारी वास्‍तविक सफलता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों और विचारों पर आधारित राष्‍ट्र और समाज का विकास करने में है। राष्‍ट्रपति आज लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर सांस्‍कृतिक केन्‍द्र की आधारशिला रखे जाने से संबंधित एक समारोह में बोल रहे थे। उन्‍होंने कहा कि बाबा साहेब समानता पर जोर देते रहते थे और भवतु सब मंगलम यानि सभी का कल्‍याण, की बात करते थे और वर्तमान सरकार इन्‍हीं सिद्धांतों पर कार्य कर रही है।

बाबासाहब के ‘विजन’ में चार बातें सबसे महत्वपूर्ण रहीं हैं। ये चार बातें हैं – ‘नैतिकता’, ‘समता’, ‘आत्म-सम्मान’ और ‘भारतीयता’। इन चारों आदर्शों तथा जीवन मूल्यों की झलक बाबासाहब के चिंतन एवं कार्यों में दिखाई देती है।

— President of India (@rashtrapatibhvn) June 29, 2021

भिक्षुओं द्वारा जो प्रस्तुत गायन एवं पाठ रखा गया उसमें बार-बार वो कहते थे भवतु सब मंगलम। बाबा साहब कहते थे कि लोकतंत्र में हर सरकार का ये दायित्व है, उसका कर्तव्य है, उसका जो एक मिशन होना चाहिए वो यही होना चाहिए भवतु सब मंगलम, अर्थात उनकी प्रजा की सबकी भलाई। मुझे खुशी है कि वर्तमान सरकार भवतु सब मंगलम का जो मूल पाठ है, मूल उद्देश्य है उसको साकार कर रही है।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि बाबा साहेब ने अपने पूरे जीवन में एक समान समाज के लिए कार्य किया और वे केवल हमारे संविधान निर्माता ही नहीं थे बल्कि उन्‍होंने बैंकिंग, सिंचाई, श्रम, प्रबंधन और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में भी योगदान किया।

भारत सरकार द्वारा बाबासाहब से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों को तीर्थ-स्थलों के रूप में विकसित किया गया है। महू में उनकी जन्म-भूमि, नागपुर में दीक्षा-भूमि, दिल्ली में परिनिर्वाण-स्थल, मुंबई में चैत्य-भूमि तथा लंदन में ‘आंबेडकर मेमोरियल होम’ को तीर्थ-स्थलों की श्रेणी में रखा गया है।

— President of India (@rashtrapatibhvn) June 29, 2021

लखनऊ सिटी के बारे में बात करते हुए राष्‍ट्रपति ने कहा कि बाबा साहेब का लखनऊ के साथ एक विशेष लगाव था और इसीलिए यह उनकी स्‍नेहभूमि थी। आंबेडकर स्‍मारक और संस्‍कृति केन्‍द्र का निर्माण लखनऊ में ही किया जायेगा। राष्‍ट्रपति कोविंद ने कहा कि केन्‍द्र सरकार ने बाबा साहेब से जुड़े सभी स्‍थानों का विकास किया है।

लखनऊ को बाबा साहब की कभी-कभी स्नेह भूमि भी कहा जाता है। बाबा साहब के लिए गुरू समान बोधानंद जी और उन्हें दीक्षा प्रदान करने वाले भदंत प्रज्ञानंद जी दोनों का निवास लखनऊ में ही था और बाबा साहब बराबर आते थे, उनसे विचार-विमर्श होता था। भारत सरकार द्वारा बाबा साहब से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों को तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया गया। महु उनकी जन्मभूमि, नागपुर में दीक्षा भूमि, दिल्ली में परिनिर्वान स्थल, मुंबई में चैत भूमि तथा लंदन में आंबेडकर मेमोरियल होम को तीर्थ स्थलों की श्रेणी में रखा गया है।

राष्‍ट्रपति उत्‍तर प्रदेश की पांच दिन की यात्रा पूरी करने के बाद विशेष विमान से नई दिल्‍ली लौट आये हैं।

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