भारतीय अतंरिक्ष अनुसधान संगठन (ISRO) ने कहा है कि एनवीएस-02 अंतरिक्ष यान पर लगे थ्रस्टर्स के नाकाम रहने से उपग्रह को वांछित कक्षा में स्थापित करने के प्रयासों को झटका लगा है।
इस उपग्रह को जीएसएलवी-एमके 2 रॉकेट से श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से 29 जनवरी को प्रक्षेपित किया गया था। अंतरिक्ष-आधारित नेविगेशन सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण यह उपग्रह इसरो का 100वां प्रक्षेपण था। यह उपग्रह एक अण्डाकार भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा-जीटीओ में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है, जो नेविगेशन प्रणाली के लिए उपयुक्त नहीं है।
जीएसएलवी रॉकेट द्वारा उपग्रह को कक्ष में स्थापित करने के बाद, इस पर लगे सौर पैनल सफलतापूर्वक तैनात किए गए, लेकिन बिजली उत्पादन नाम मात्र रहा। इसरो ने कहा है कि ग्राउंड स्टेशन के साथ संचार स्थापित हो गया है। समाचार कक्ष से शक्ति सिंह।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment