देश भर के नागरिक अब ‘संवेदन 2021 – भारत के लिए सेंसिंग सॉल्यूशंस’ नामक एक राष्ट्रीय हैकथॉन के माध्यम से एलओटी सेंसर बोर्ड का उपयोग करके सामाजिक हित की भारत-विशिष्ट समस्याओं का समाधान निकालने में भाग ले सकते हैं।
इस ग्रैंड चैलेंज प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण 1 जुलाई, 2021 से प्रारंभ हो गए हैं और ये भारत में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुले हैं। इसका आयोजन संयुक्त रूप से आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन (आईआईटीएम-पीटीएफ) और सोनी इंडिया सॉफ्टवेयर सेंटर के द्वारा किया जा रहा है, और यह सोनी सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस कॉरपोरेशन के एसपीआरईएसईएनएसईटीएम बोर्ड पर आधारित है, जिसका उपयोग प्रतिभागी इस चुनौती के लिए कर सकते हैं। आईआईटीएम-पीटीएफ नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (सीपीएस) के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा समर्थित सेंसर, नेटवर्किंग, एक्ट्यूएटर्स और कंट्रोल सिस्टम (एसएनएसीएस) क्षेत्र का एक प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (टीआईएच) है।
इस हैकथॉन में भाग लेने के लिए देश भर के नागरिकों का आह्वान करते हुए, भारत सरकार के डीएसटी सचिव, प्रो आशुतोष शर्मा ने कहा, “भविष्य संचार, कंप्यूटिंग, सूचना और डेटा एकत्र करने, मशीन सेंसिंग, स्वायत्त निर्णय और कार्य और नियंत्रण के साथ-साथ भौतिक प्रणालियों के एक मज़बूत अभिसरण से जुड़ा है।इस प्रकार सभी प्रकार के सेंसर साइबर-भौतिक प्रणालियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
ग्रैंड चैलेंज के लिए अधिकतम तीन सदस्यों वाली टीम पंजीकरण करा सकती है, यह हैकथॉन तीन चरणों क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में होगा। क्वार्टर फाइनल के लिए कुल 75 सुझावों का चयन किया जाएगा, और उनमें से 25 सर्वश्रेष्ठ सुझावों को सेमीफाइनल के लिए चुना जाएगा।
प्रत्येक फाइनलिस्ट के लिए पुरस्कार के साथ सात फाइनलिस्ट होंगे। सर्वश्रेष्ठ टीमों को 3 लाख के पुरस्कार दिए जाएंगे। पुरस्कार राशि के अलावा, विजेता आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा एक उद्यमशीलता सहायता योजना के लिए भी पात्र होंगे। इसके अलावा, प्रत्येक क्वार्टर फाइनलिस्ट को सोनी सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस कॉर्पोरेशन द्वारा आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के माध्यम से एक एसपीआरईएसईएनएसईटीएम बोर्ड निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।
‘संवेदन 2021’ के विशिष्ठ पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए, आईआईटी मद्रास के कंप्यूटर विज्ञान और अभियांत्रिकी विभाग के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. वी. कामकोटी ने कहा, “आईआईटीएम-पीटीएफ न केवल इस क्षेत्र में देश भर में नवीन समाधानों और प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए प्रतिबद्ध है अपितु यह सेंसर-आधारित समाधानों के साथ-साथ सफल स्टार्ट-अप को एक मंच प्रदान करता है जो राष्ट्रीय महत्व की सामाजिक समस्याओं का हल निकाल सके। इसके अलावा अभिनव प्रयासों को सक्षम बनाने के लिए उपलब्ध समाधान मंचों में से एक है। आईआईटीएम-पीटीएफ की शीर्ष टीम को एक वर्ष के लिए एंटरप्रेन्योर-इन-रेसिडेंस स्कॉलरशिप देने की योजना है, जिससे वे इसे एक स्टार्ट-अप के रूप में विकसित कर सकेंगे।”
आईआईटी मद्रास के साथ इस सहयोग पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, सोनी इंडिया सॉफ्टवेयर सेंटर के प्रबंध निदेशक, मासायुकी टोरियमी ने कहा, “हम सोनी की अग्रणी तकनीक के उपयोग के साथ भारत की उत्कृष्ट सॉफ्टवेयर अभियांत्रिकी, संसाधन और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों को शामिल करने वाले पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से भारत की समस्याओं और चुनौतियों के समाधान में योगदान करने में सक्षम होने पर अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि अधिक से अधिक लोग इस परियोजना में भाग लेने के इस अनूठे अवसर का लाभ उठाएंगे और ऐसे नवीन सुझावों के साथ आएंगे जो अमेजिंग इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगे।”
भारत और अमेरिका अपने रिश्तों में नई गर्मजोशी भरने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.… Read More
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी एक्शन मोड में हैं. उनकी सरकार में बुलडोजर की… Read More
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद धड़ाधड़ फैसले हो रहे हैं. इसमें… Read More
उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल… Read More
सुप्रीम कोर्ट में राजा चौधरी नाम के वकील ने एक याचिका दायर की है, जिसमें… Read More
मोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) और युगांडा में इबोला के संदिग्ध प्रकोपों के चलते विश्व… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment