चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने 24 मई, 2024 को बेंगलुरु में एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट (एएसटीई) और एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल (एएफटीपीएस) का दौरा किया। इस अवसर पर उन्हें एक औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद जनरल अनिल चौहान ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की, जो उड़ान परीक्षण के दौरान भारतीय परीक्षण दल और वैज्ञानिकों द्वारा दिये गए सर्वोच्च बलिदान का सम्मान प्रकट करता है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को इस दौरे के एक हिस्से के रूप में भारतीय वायुसेना के इन अद्वितीय संस्थानों की संगठनात्मक भूमिकाओं के पहलुओं के साथ-साथ एएसटीई में चल रहे परीक्षणों एवं एएफटीपीएस की उड़ान परीक्षण प्रशिक्षण गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें आत्मनिर्भर भारत और प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे के हिस्से के रूप में प्रमुख स्वदेशी परियोजनाओं के प्रदर्शन के साथ एएसटीई और एएफटीपीएस में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में बताया गया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने अच्छी तरह से संग्रहीत एएसटीई संग्रहालय का भी दौरा किया, जिसमें एएसटीई और एएफटीपीएस की पांच दशक लंबी यात्रा के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मील के पत्थर को दर्शाने वाली कलाकृतियां दर्शाई गई हैं।
जनरल अनिल चौहान ने एएफटीपीएस में आयोजित 46वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स के समापन समारोह की अध्यक्षता की। कुल 17 विद्यार्थियों ने स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इस कार्यक्रम को एएसटीई द्वारा पारंपरिक सुरंजन दास डिनर के रूप में आयोजित किया गया था, जहां न केवल स्नातक छात्रों बल्कि उनके जीवनसाथियों को भी योग्यता का प्रमाण पत्र दिया गया। विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए पांच विद्यार्थियों को ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया। जिन छात्रों को सम्मानित किया गया, उनमें स्क्वाड्रन लीडर ए बेरवाल को सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पायलट हेतु सुरंजन दास ट्रॉफी, स्क्वाड्रन लीडर कपिल यादव को सर्वश्रेष्ठ उड़ान मूल्यांकन के लिए सीएएस ट्रॉफी, स्क्वाड्रन लीडर वी सुप्रिया – सर्वश्रेष्ठ एफटीई हेतु महाराजा हनुमंत सिंहजी स्वॉर्ड, स्क्वाड्रन लीडर रजनीश राय – जमीनी विषयों में सर्वश्रेष्ठ के लिए कपिल भार्गव ट्रॉफी और लेफ्टिनेंट कमांडर गौरव त्यागी – सबसे आशाजनक एफटीई और उड़ान मूल्यांकन के लिए डनलप ट्रॉफी प्रदान की गई।
इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के एओसी-इन-सी प्रशिक्षण कमान और परीक्षण दल के पूर्व सदस्य भी उपस्थित थे। शैक्षणिक अवलोकन और पाठ्यक्रम के अंत की रिपोर्ट एएफटीपीएस के ऑफिसर कमांडिंग द्वारा प्रस्तुत की गई, जिन्होंने तीनों सेनाओं, भारतीय तटरक्षक, एचएएल, डीआरडीओ तथा मित्र देशों के अधिकारियों को उड़ान परीक्षण प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए वास्तव में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में संस्थान द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने अपने समापन भाषण में इस विशिष्ट क्षेत्र में प्रशिक्षण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने तथा राष्ट्रीय सैन्य विमानन वातावरण के उन्नयन सहित भारतीय वायु सेना के क्षमता निर्माण व आधुनिकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए कमांडेंट एएसटीई और एएफटीपीएस के सभी कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने परिचालन तैयारियों के लिए गुणवत्ता व सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से पेशेवर क्षमता के महत्व पर जोर देते हुए स्नातक अधिकारियों को बधाई दी और परीक्षण दल के रूप में अपनी यात्रा में उच्च पेशेवर क्षमता हासिल करने हेतु कड़ी मेहनत जारी रखने के लिए उनकी प्रशंसा की।
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