केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने मुख्य आयुक्त निधि खरे की अध्यक्षता में उपभोक्ताओं को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एसिड की खरीदारी के प्रति सचेत करने के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (‘अधिनियम’) की धारा 18(2)(जे) के तहत सुरक्षा नोटिस जारी किया है।
भारत में उपभोक्ता हितों का प्रहरी होने के नाते सीसीपीए को ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर अत्यधिक संक्षारक एसिड की बिक्री का पता चला है। खतरनाक एसिड की इतनी मुक्त और आसानी से सुलभ तरीके से उपलब्धता उपभोक्ताओं और आम जनता के लिए खतरनाक और असुरक्षित हो सकती है।
उपभोक्ता सुरक्षा इस अधिनियम की प्रस्तावना में शामिल उद्देश्यों में से एक है। अधिनियम की धारा 2(9) के तहत परिभाषित ‘उपभोक्ता अधिकारों’ में जीवन और संपत्ति के लिए खतरनाक वस्तुओं, उत्पादों या सेवाओं के विपणन के खिलाफ सुरक्षा का अधिकार और वस्तुओं, उत्पादों या सेवाओं की गुणवत्ता, मात्रा, क्षमता, शुद्धता, मानक और कीमत, जैसा भी मामला हो, के बारे में सूचित होने का अधिकार शामिल है, ताकि उपभोक्ता को अनुचित व्यापार की प्रणालियों से बचाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने लक्ष्मी बनाम भारत संघ [डब्ल्यू.पी. (सीआरएल.) संख्या 129/2006] के मामले में एसिड और अन्य संक्षारक पदार्थों की बिक्री के संबंध में निर्देश जारी किए हैं जिनका अनुपालन करना आवश्यक है। निर्देशों के अनुसरण में, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने 30 अगस्त, 2013 को सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को ‘लोगों पर एसिड हमलों को रोकने और बचे लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए किए जाने वाले उपायों’ पर दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें अन्य बातों के अलावा एसिड की बिक्री को विनियमित करने के लिए निम्नलिखित कार्रवाई भी शामिल हैं-
एसिड/संक्षारक पदार्थों की काउंटर पर बिक्री पर प्रतिबंध, जब तक कि विक्रेता एसिड की बिक्री को रिकॉर्ड करने वाली एक लॉगबुक/रजिस्टर नहीं रखता है, जिसमें उस व्यक्ति (व्यक्तियों) का विवरण होगा जिसे एसिड बेचा जाता है और बेची गई मात्रा का विवरण होगा। लॉग/रजिस्टर में उस व्यक्ति का पता भी शामिल होगा जिसे इसे बेचा गया है।
बिक्री तभी की जाएगी जब खरीदार सरकार द्वारा जारी एक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करेगा जिसमें व्यक्ति का पता भी होगा और यह प्रमाणित होगा कि उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है।
लॉगबुक/रजिस्टर में एसिड खरीदने का कारण/उद्देश्य भी निर्दिष्ट होना चाहिए।
विक्रेता द्वारा एसिड के सभी स्टॉक की घोषणा संबंधित उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के पास 15 दिनों के भीतर की जानी चाहिए और एसिड के अघोषित स्टॉक के मामले में, स्टॉक को जब्त करने और ऐसे विक्रेता 50,000/- रुपए तक जुर्माना लगाने का अधिकार संबंधित एसडीएम के पास होगा।
संबंधित एसडीएम उपरोक्त किसी भी निर्देश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर 50,000/- रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है। शैक्षणिक संस्थान, अनुसंधान प्रयोगशालाएं, अस्पताल, सरकारी विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विभाग, जिन्हें एसिड/संक्षारक रखने और भंडारण करने की आवश्यकता होती है, उन्हें एसिड के उपयोग का एक रजिस्टर मेंटेन रखना होगा और इसे संबंधित एसडीएम के पास दायर किया जाएगा।
किसी व्यक्ति को अपने परिसर में एसिड रखने और सुरक्षित रखने के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा। एसिड को इस व्यक्ति की देखरेख में संग्रहीत किया जाएगा और प्रयोगशालाओं/भंडारण के स्थान जहां एसिड का उपयोग किया जाता है, छात्रों/कर्मियों की अनिवार्य जांच की जाएगी।
यह देखा गया है कि न तो सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने की कोई आवश्यकता है, न ही ऐसा कोई तरीका है जिसमें ऑर्डर देने से पहले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा एसिड खरीदने का उद्देश्य दर्ज किया जाता है। इसके अलावा, ऐसी कोई वास्तविक व्यवस्था नहीं है जिसके द्वारा ऑर्डर देने से पहले खरीदार की आयु का सत्यापन किया जाता है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इस तरह से एसिड की खरीद को सक्षम करना भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय और गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसके परिणामस्वरूप, संक्षारक एसिड की बिक्री एक बटन के मात्र क्लिक से संभव हो जाती है। खरीदारी के इस तरह के असत्यापित तरीके से उपभोक्ताओं और आम जनता को बड़े पैमाने पर असुरक्षित छोड़ दिया जा रहा है, यह देखते हुए कि उत्पाद त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचाने में सक्षम है।
उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमावली, 2020 की धारा 4 (3) के अनुसार, कोई भी ई-कॉमर्स इकाई कोई भी अनुचित व्यापार व्यवहार नहीं अपनाएगी, चाहे वह अपने प्लेटफॉर्म पर व्यापार के दौरान हो या अन्य रूप में।
बिक्री के नियम के विरुद्ध ऐसे तरीके से बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं और जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सीसीपीए ने सुरक्षा नोटिस जारी कर सभी ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों से तत्काल उचित प्रणाली को शामिल करने का आग्रह किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अनिवार्य आवश्यकताओं के उल्लंघन में उनके प्लेटफार्मों पर एसिड नहीं खरीदा जाता है। संबंधित राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित नियमों और उनके अभाव के मामले में, 30 अगस्त, 2013 को गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों का अनुपालन किया जा सकता है। ऐसे उपायों में शामिल हो सकते हैं: –
एसिड बेचने वाले विक्रेता को शामिल करने से पहले, ऐसे विक्रेता से ऐसे एसिड की बिक्री को विनियमित करने वाली प्रत्येक अनिवार्य शर्त के उचित अनुपालन पर एक अलग शपथपत्र लें।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि 18 वर्ष से कम उम्र का कोई भी व्यक्ति ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एसिड नहीं खरीदता है, सरकार द्वारा जारी एक फोटो आईडी अपलोड करने की आवश्यकता को अनिवार्य करें।
खरीद प्रक्रिया के दौरान एक सेक्शन शामिल करें जहां खरीदार को एसिड खरीदने के लिए विशिष्ट कारण/उद्देश्य बताना होगा।
सुरक्षा नोटिस सभी उपभोक्ताओं को उपरोक्त उल्लिखित बिक्री के लिए अनिवार्य आवश्यकताओं का पालन किए बिना ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एसिड खरीदने के प्रति आगाह करता है।
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