पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में, ग्रेटर नोएडा में भारत पेट्रोलियम के अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) डिवीजन में मीडिया के साथ जुड़े का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बीपीसीएल की कॉर्पोरेट संस्थाओं के कार्यकारी निदेशक पी.एस. रवि, बीपीसीएल (आरएंडडी) के मुख्य महाप्रबंधक बीएल नेवालकर, बीपीसीएल (आरएंडडी) मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी आर.के. वूलापल्ली और बीपीसीएल (जनसंपर्क एंव ब्रांडिंग) के मुख्य महाप्रबंधक एस.ए. अख्तर ने पत्र सूचना कार्यालय के अपर महानिदेशक राजीव कुमार जैन की उपस्थिति में मीडिया को संबोधित किया।
बीपीसीएल ने अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं, प्रमुख उत्पादों और रणनीतिक लक्षित क्षेत्रों के साथ अभिनव, संवहनीय और पर्यावरण अनुकूल तकनीकी समाधानों के माध्यम से अपने व्यवसाय के विकास में योगदान दिया है। स्वयं को एक शोध केंद्र के रूप में स्थापित किया है। जो दुनिया भर के प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करता है।
बीपीसीएल के अनुसंधान और विकास की उपलब्धियां इसके प्रभावशाली ट्रैक रिकॉर्ड में परिलक्षित होती हैं। इन वर्षों में, डिवीजन ने उल्लेखनीय पड़ाव हासिल किए हैं, बीपीसीएल ने अत्याधुनिक नवाचारों के लिए 164 पेटेंट दर्ज किए हैं, इनमें से 87 पेटेंट अन्य देशों में दिए गए, 17 तकनीकों/उत्पादों का व्यवसायीकरण किया गया और 230 से अधिक वैज्ञानिक पेपर और पुस्तक-अध्याय शामिल हैं। उल्लेखनीय नवाचारों में चावल के भूसे से निर्मित 2जी बायो-रिफाइनरी राख, कम्पोस्टेबल बायोमैटेरियल्स और सुपरएब्जॉर्बेंट पॉलीमर (एसएपी) उत्पादों से “ग्रीन सिलिका” का विकास शामिल है।
भारत पेट्रोलियम के संवहनीयता एजेंडे और नेट जीरो मिशन के साथ जुड़ते हुए बीपीसीएल के अनुसंधान और विकास इकाई ने उत्सर्जन को कम करने के लिए डीजल-इथेनॉल मिश्रण जैसी पहल की है। डिवीजन की डिजिटल प्रगति और प्रसिद्ध संस्थानों के साथ सहयोग ने ज्ञान अर्थव्यवस्था और नवाचार संस्कृति को बढ़ावा दिया है।
भारत में वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा क्रांति विषय पर माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए मंत्री आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में बीपीसीएल अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास पहल के माध्यम से प्रौद्योगिकी और संवहनीयता की सीमाओं का उल्लेखनीय रूप से विस्तार किया है। प्रधानमंत्री ने कहा थी कि मैं उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रयास करने, भारत के ऊर्जा परिदृश्य में महत्वपूर्ण योगदान देने और नवाचार में एक वैश्विक नेता के रूप में हमारी स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए बीपीसीएल को शुभकामनाएं देता हूं।
बीपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जी. कृष्णकुमार ने कहा कि जीवन को सक्रिय स्फूर्तिदायक बनाए रखने के साथ हमारा मुख्य उद्देश्य प्रतिभा, नवाचार और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है और हमेशा ग्राहकों की पहली पसंद बनना है। हमारी अनुसंधान और विकास टीम ने रचनात्मकता के माध्यम से अत्याधुनिक तकनीकों, नवीन उत्पादों और प्रक्रियाओं की लंबी सूची विकसित की है, इसने न केवल हमारे लाभाशं में वृद्धि हुई है बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता मिली है।
वर्चुअल माध्यम से मीडिया को संबोधित करते हुए, बीपीसीएल के निदेशक (रिफाइनरीज) संजय खन्ना ने कहा कि रिफाइनर अक्सर कच्चे तेल के मिश्रण को संसाधित करते हैं, जिसके लिए वास्तविक समय के आधार पर सटीक परख उपलब्ध नहीं होती है। कच्चे तेल की गुणवत्ता में बदलाव के साथ-साथ विश्वसनीय जानकारी की कमी समय के अनुकूलन कार्य को असंभव नहीं तो बेहद चुनौतीपूर्ण बना देती है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस एवं आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से संबद्ध पत्र सूचना कार्यालय में अपर महानिदेशक राजीव कुमार जैन ने कहा कि मीडिया ने पूरी क्षमता के साथ इस कार्य से जुड़ कर मीडिया क्नेक्ट कार्यक्रम को सफल बनाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय देश में ऊर्जा पहुंच, दक्षता, स्थिरता और सुरक्षा के लिए अन्वेषण और उत्पादन गतिविधियों में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बीपीसीएल की अनुसंधान और विकास इकाई ने डिजिटल स्पेस में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसने दो नवीन तकनीकों का विकास किया है – क्रूड अनुकूलता के लिए K मॉडल और तेल और गैस क्षेत्र में क्रूड अनुरूपता के लिए BPMARRK® तेल और गैस क्षेत्र में उपलब्धि को हासिल करने वाली बीपीसीएल वैश्विक स्तर पर एकमात्र कंपनी है। हाल ही में रिफाइनरी सॉफ्टवेयर व्यवसाय में विश्व में अग्रणी मैसर्स एस्पेन टेक्नोलॉजी इंक यूएसए के साथ रिफाइनरी सॉफ़्टवेयर इकाइयों के वास्तविक समय की निगरानी और अनुकूलन के समाधान के लिए एक समझौता किया गया था।
गैस के लिए भारत की आयात निर्भरता को दूर करने के लिए बीपीसीएल आर एंड डी एक ऊर्जा-कुशल पीएनजी बर्नर के विकास पर काम कर रहा है। विशेष रूप से बीपीसीएल आर एंड डी ने सफलतापूर्वक 70 प्रतिशत की दक्षता के साथ एक पीएनजी बर्नर विकसित किया है। यह 55 प्रतिशत से अधिक की दक्षता को पार कर गया है। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान ऊर्जा कुशल पीएनजी स्टोव को रोल आउट करने की योजना है इससे आयात निर्भरता में कमी आएगी।
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