एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर्ज धोखाधड़ी के मामले में आरोपियों के नाम लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि भारतीय स्टेट बैंक के अनुसार एबीजी शिपयार्ड का खाता 2013 में फंसे कर्ज की श्रेणी में बदल गया था। बैंक की शिकायत के अनुसार फंसे कर्ज का मूल्य 22 हजार 842 करोड़ रुपये है और अधिकांश वितरण आईसीआईसीआई बैंक के नेतृत्व में 28 बैंकों के संघ द्वारा 2005 और 2012 के बीच किया गया था। इस संघ में एसबीआई भी शामिल था। सीबीआई ने कहा कि एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड ने अपने संबंधित पक्षों को भारी हस्तांतरण किया। यह भी आरोप है कि जिस उद्देश्य के लिए ऋण लिया गया, कंपनी ने उसमें इस्तेमाल न करके विदेश में अपनी सहायक कंपनी में भारी निवेश किया। सीबीआई ने कहा कि 2018 में किए गए फोरेंसिक ऑडिट के आधार पर अप्रैल 2019 और मार्च 2020 के बीच कई बैंकों ने खाते को धोखाधड़ी खाता घोषित कर किया। एसबीआई ने 2020 में सीबीआई को शिकायत की।
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