मुंबई में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने कल नकली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) के कारोबार से जुड़े अपराधी अब्दुल कादिर को दोषी ठहराया और उसे सात साल के कठोर कारावास और 1000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मूल रूप से यह मामला अक्टूबर 2018 में ठाणे जिले के भिवंडी तालुक पुलिस थाने दर्ज किया गया था।
इस मामले के पांच आरोपियों- रेहान अब्बास शेख, शफहद मुख्तार अंसारी, अनीस इकलाक शेख, किशोर नामदेव फुलर और रोहित नागेंद्र सिंह के कब्जे से लगभग 4.5 लाख रुपये मूल्य की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की गई थी।
यह सभी मुंबई के निवासी हैं। एनआईए ने चार दिसम्बर, 2018 को मामला फिर से दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच में चार और लोगों- समीर मंडल, साबिर अली, अब्दुल कादिर और मोहम्मद शादाब खान की भूमिका सामने आई। एनआईए ने जनवरी 2019 में आरोप पत्र दायर किया और बाद में, सितंबर 2019 और इस साल अप्रैल में पूरक आरोप पत्र दायर किए।
National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More
RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment