67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: अभिनेता रजनीकांत को प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया

67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: अभिनेता रजनीकांत को प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने नई दिल्‍ली में विशेष समारोह में 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किये। प्रख्‍यात अभिनेता सुपर स्टार रजनीकांत को भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी मलयालम फिल्म ‘मरक्कर अरबीकादिलिंते सिंघम’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का तथा संजय पूरन सिंह चौहान को हिंदी फिल्म ‘बहत्तर हुरैन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार दिया गया। अभिनेता मनोज बाजपेयी को हिंदी फिल्म ‘भोंसले’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार और धनुष को तमिल फिल्म ‘असुरन’ के लिए पुरस्कार दिया गया। कंगना रनौत को उनकी फिल्म ‘मणिकर्णिका-द क्वीन ऑफ झांसी’ और ‘पंगा’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्‍कार मिला। तमिल फिल्म ‘सुपर डीलक्स’ के लिए विजया सेतुपति को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता और पल्लवी जोशी को हिंदी फिल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया।

बी. प्राक को हिंदी फिल्म ‘केसरी’ के गाने “तेरी मिट्टी” के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक का पुरस्कार मिलेगा। सावनी रवींद्र को मराठी फिल्म ‘बार्डो’ के गीत “रण पेटला” के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का पुरस्कार दिया गया। डी. इम्मान को तमिल फिल्म ‘विश्वसम’ में उनके गीतों के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रबुद्ध बनर्जी को बांग्ला फिल्म ‘ज्येष्ठपुत्र’ में पार्श्व संगीत के लिए पुरस्कार मिला। मलयालम फिल्म ‘कोलांबी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार प्रभा वर्मा को दिया गया। तेलुगु फिल्म ‘महर्षि’ के लिए राजू सुंदरम को सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी का पुरस्कार मिला। सिक्किम को सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य का पुरस्कार मिलेगा। सर्वश्रेष्ठ गैर फीचर फिल्म का पुरस्कार हेमंत गाबा की फिल्म ‘एन इंजीनियर्ड ड्रीम’ को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार सोहिनी चट्टोपाध्याय को दिया गया। गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म ‘राधा’ को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ कला और संस्कृति फिल्म का पुरस्कार उड़िया गैर-फीचर फिल्म ‘श्रीक्षेत्र रु सहिजाता’ को दिया गया। गैर-फीचर फिल्मों के लिए सर्वश्रेष्ठ कथन का पुरस्कार सर डेविड एटनबरो द्वारा ‘वाइल्ड कर्नाटक’ (अंग्रेजी) को दिया गया। गैर-फीचर फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का पुरस्कार बिशाखज्योति द्वारा ‘क्रांति दर्शी गुरुजी- अहेड ऑफ टाइम्स’ (हिंदी) को दिया गया। सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक का पुरस्कार संजय सूरी द्वारा लिखित ‘ए गांधीयन अफेयर: इंडियाज क्यूरियस पोर्ट्रेट ऑफ लव इन सिनेमा’ को दिया गया।

इस अवसर पर बोलते हुए, उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की फिल्मों को पुरस्कार जीतते हुए देखकर खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि फिल्में जलवायु परिवर्तन सहित हमारे समय के प्रासंगिक मुद्दों से निपटती हैं।

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रतिष्ठित दादा भाई फाल्‍के पुरस्‍कार प्राप्‍त करने वाले अभिनेता रजनीकांत को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि इन पांच दशकों में रजनीकांत संस्‍था बन गए। उन्‍होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन ही नहीं बल्कि समाज को महत्‍वपूर्ण संदेश देने में भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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