प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक सशक्तिकरण देखा जा रहा है और 2047 तक देश को एक विकसित देश बनाने की नींव तैयार की जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 19 जून, 2023 को उत्तराखंड के देहरादून में ‘स्वर्णिम भविष्य’ पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं। राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा उठाये गए कदमों ने देश का समग्र विकास, सामाजिक सद्भाव सुनिश्चित किया है और लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ फिर से जोड़ा है।
रक्षा मंत्री ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ भारत की दृढ़ता से किया गया संघर्ष और लोगों में भारतीय विरासत, परंपराओं तथा मूल्यों के प्रति गौरव की भावना भरते हुए औपनिवेशिक मानसिकता से छुटकारा पाने के उपायों के अतिरिक्त प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और जम्मू एवं कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए सहित कुछ ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख किया।
राजनाथ सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के साथ पक्के घरों के निर्माण सहित महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाये गए कदमों और यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं को उनके पुरुष समकक्षों के समान अवसर उपलब्ध हों, पर भी प्रकाश डाला।
सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने के लिए किए गए निर्णयों की चर्चा करते हुए, उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूलों में नामांकन के लिए लड़कियों के लिए द्वार खोल दिए गए हैं और महिला अधिकारियों को सियाचिन ग्लैशियर जैसी दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र तथा जंगी जहाजों पर भी तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश को महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाने और उन्हें पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सैन्य और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भारत के स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार एक ऐसे भारत का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है जो रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर है और उसके पास अत्याधुनिक हथियार तथा तकनीकियां हों। उन्होंने यह सुनिश्चित किए जाने के प्रयासों को रेखांकित किया कि अगर युवा रक्षा वैज्ञानिकों के रूप में अपनी मातृभूमि की सेवा करना चाहें तो देश में उनके पास प्रचुर अवसर उपलब्ध हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘हमने नए आईआईटी और एनआईटी की स्थापना की है तथा सीटों की संख्या में भी बढोतरी हुई है। इसके अतिरिक्त, हमने रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवोन्मेषण (आईडेक्स) पहल तथा प्रौद्योगिकी विकास फंड ( टीडीएफ ) के लिए नवोन्मेषणों के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में विचार आमंत्रित किए हैं जिनका लक्ष्य स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देना है। इन कदमों तथा कई अन्य सुधारों के कारण, भारत शीघ्र ही एक आयातक देश से पूरी तरह एक अग्रणी रक्षा निर्यातक देश बन जाने की राह पर अग्रसर है। हम एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर रहे है जो क्षेत्रीय और वैश्विक शांति का ध्वजवाहक है और उसी के साथ-साथ बुरी नजर डालने की कोशिश करने वाले अपने शत्रुओं को मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता भी रखता है।
रक्षा मंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को महज एक पर्यवेक्षक की भूमिका से जोर देकर अपनी बात कहने वाले देश की छवि में रूपांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि जहां भारत क्रय शक्ति समानता के मामले में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, 2027 तक यह नाममात्र जीडीपी के लिहाज से भी तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने लोगों को अपने देश की परंपरा और संस्कृति से जोड़ते हुए जीडीपी के मामले में भारत को अग्रणी स्थान पर लाने के सरकार के विजन को भी रेखांकित किया।
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