हरियाणा के गुरुग्राम में एक 11 साल के बच्चे को एच5एनएक्स का पहला मानव मामला सामने आया है। जून 2021 में बाल रोग विभाग, एम्स, दिल्ली में बच्चे को एएमएल का पता चला था। एएमएल के लिए हुई इंडक्शन थेरेपी के तुरंत बाद उसे बुखार, खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। एएमएल के साथ फेब्राइल न्यूट्रोपेनिया, निमोनिया होने का पता चला जो एआरडीएस में तब्दील हो गया। उसे 2 जुलाई 2021 को एम्स, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया। बच्चे के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया और 12 जुलाई 2021 को उसकी मौत हो गई।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग एम्स ने 7 और 11 जुलाई 2021 को हुए श्वसन पैनल परीक्षण के लिए ब्रोन्कोएलेवोलर लैवेज (बीएएल) प्राप्त किया। सैंपल में इन्फ्लुएंजा ए और इन्फ्लुएंजा बी दोनों पॉजिटिव आया। सार्स कोव-2 और अन्य श्वसन संबंधी वायरस निगेटिव थे। इन्फ्लुएंजा ए की सबटाइपिंग में एच1एन1 और एच3एन2 के लिए परिणाम निर्णायक नहीं रहा। ऐसे में 13 जुलाई 2021 को सैंपल एनआईवी भेजे गए।
एनआईवी में, रियल टाइम पीसीआर द्वारा इन्फ्लुएंजा ए और इन्फ्लुएंजा बी के साथ-साथ इन्फ्लुएंजा ए सीजनल (एच1एन1, एच1एन1 पीडीएम09 और एच3एन2), नॉन-सीजनल एवियन उपप्रकार (एच5, एच7, एच9 और एच10) के लिए दोनों नमूनों का टेस्ट किया गया। परिणाम से पता चला कि सैंपल ए/एच5 और टाइप बी विक्टोरिया वंश के लिए पॉजिटिव है। संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण और वायरस आइसोलेशन प्रक्रिया में है।
एनसीडीसी, दिल्ली को शुक्रवार 16 जुलाई 2021 को एम्स दिल्ली से एनआईवी पुणे की एक प्रयोगशाला रिपोर्ट के साथ सूचना मिली। मामले में महामारी संबंधी जांच शुरू करने के लिए आईडीएसपी राज्य निगरानी इकाई (एसएसयू) हरियाणा को जानकारी भेजी गई। इसकी सूचना पशुपालन विभाग को भी दी गई। महामारी विज्ञानियों और माइक्रोबायोलॉजिस्टों को शामिल कर एनसीडीसी की एक टीम का गठन किया गया और टीम ने महामारी संबंधी आकलन के लिए फौरन एम्स, नई दिल्ली और गुरुग्राम का दौरा किया। राज्य का स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारी भी जांच में शामिल हो गए हैं।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टरों और नर्सों की टीम की 16 जुलाई 2021 से निगरानी की जा रही है ताकि इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी का पता लगाया जा सके। अब तक किसी में भी लक्षण नहीं दिखे हैं। संपर्क में आने वाले लोग और परिवार के सदस्य, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सभी निगरानी में हैं। संपर्क में आए किसी भी करीबी में कोई लक्षण नहीं मिले हैं। अस्पताल और मरीज के निवास स्थान के क्षेत्र में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की गई, जिससे किसी भी रोगसूचक मामले की पहचान हो सके। लोगों को सलाह दी गई कि वे किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने या पता चलने पर स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करें। फिलहाल क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति में लक्षण पता नहीं चले हैं।
पशुपालन विभाग को क्षेत्र में बर्ड फ्लू का कोई संदिग्ध मामला नहीं मिला है और एहतियात के तौर पर 10 किमी क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, पशुपालन विभाग और राज्य सरकार की निगरानी इकाई को शामिल करते हुए एनसीडीसी की ओर से महामारी संबंधी जांच चल रही है और उचित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय किए गए हैं।
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