भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने क्लैरिएंट पिगमेंट्स बिजनेस और ह्यूबैक बिजनेस के प्रस्तावित विलय को मंजूरी दी, जिसके परिणामस्वरूप अस्तित्व में आने वाले संयुक्त व्यवसाय को संभालने वाली इकाई की कमान एसके कैपिटल पार्टनर्स, एलपी के हाथों में होगी, जबकि ह्यूबैक होल्डिंग जीएमबीएच और क्लैरिएंट एजी के पास अल्पमत हिस्सेदारी होगी।
प्रस्तावित विलय में भारत सहित विभिन्न देशों में कलरेंट्स इंटरनेशनल, कलरेंट्स सॉल्यूशंस और उनकी सहायक कंपनियों द्वारा संचालित कार्बनिक पिगमेंट, पिगमेंट प्रिपरेशन और रंगों के उत्पादन और/या व्यवसायीकरण के व्यवसाय (क्लेरिएंट पिगमेंट्स बिजनेस) और भारत सहित विभिन्न देशों में ह्यूबैक एवं इसकी सहायक कंपनियों द्वारा संचालित जंग संरक्षण पिगमेंट के साथ-साथ कार्बनिक और अकार्बनिक रंग पिगमेंट, हाईब्रिड पिगमेंट और पिगमेंट प्रिपरेशन के उत्पादन, निर्माण और व्यापार के व्यवसाय (ह्यूबैक बिजनेस) का विलय शामिल है। इस विलय को कुछ इस तरह से मंजूरी दी गई है कि विलय के परिणामस्वरूप अस्तित्व में आने वाले संयुक्त व्यवसाय को संभालने वाली इकाई की कमान अप्रत्यक्ष रूप से एसकेसीपी के हाथों में होगी, जबकि ह्यूबैक और क्लैरिएंट के पास अल्पमत हिस्सेदारी होगी।
क्लैरिएंट विभिन्न अनुप्रयोगों (एप्लिकेशंस) और उद्योगों में उपयोग किए जाने वाले विशेष रसायनों के उत्पादन एवं वितरण में संलग्न है। क्लेरिएंट विश्व स्तर पर इन छह मुख्य व्यवसायों में संलग्न या कार्यरत है: (i) एडिटिव्स; (ii) उत्प्रेरक; (iii) कार्यात्मक खनिज; (iv) औद्योगिक एवं उपभोक्ता विशिष्टताएं; (v) तेल एवं खनन सेवाएं; और (vi) पिगमेंट।
भारत में क्लेरिएंट ने चार सहायक कंपनियों और एक संयुक्त उद्यम के माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रखी है, जिनमें क्लेरिएंट इंडिया लिमिटेड, क्लेरिएंट केमिकल्स इंडिया लिमिटेड, सूद-केमी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, क्लेरिएंट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और क्लेरिएंट आईजीएल स्पेशलिटी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
ह्यूबैक जंग संरक्षण पिगमेंट के साथ-साथ कार्बनिक एवं अकार्बनिक रंग पिगमेंट, और पिगमेंट प्रिपरेशन की निर्माता कंपनी है। ह्यूबैक अपने उत्पादों को पेंट, प्लास्टिक, स्याही और भवन निर्माण उद्योगों के साथ-साथ अन्य अनुप्रयोगों (एप्लिकेशंस) में उपयोग के लिए आपूर्ति करती है।
भारत में ह्यूबैक ने दो सहायक कंपनियों और एक संयुक्त उद्यम के माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रखी है, जिनमें ह्यूबैक कलर प्राइवेट लिमिटेड, ह्यूबैक पिगमेंट प्राइवेट लिमिटेड और ह्यूबैक टोयो जेवी शामिल हैं।
लक्स बिडको दरअसल एसकेसीआई वी (एसकेसीपी की एक सहयोगी) के पूर्ण स्वामित्व वाली अप्रत्यक्ष सहायक कंपनी है जिसका गठन प्रस्तावित विलय के लिए किया गया है। एसकेसीपी एक निजी निवेश फर्म है जो विशेष सामग्री, रसायनों और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्रों पर केंद्रित है।
भारत में एसकेसीपी अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से अकार्बनिक पिगमेंट, पिगमेंट प्रिपरेशन और रंगों के उत्पादन और/या बिक्री के व्यवसाय में संलग्न है।
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