सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यूपीआई से भुगतान और लेनदेन सेवाओं पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने कई ट्वीट संदेश में कहा कि यूपीआई आम लोगों के लिये सुविधाजनक और अर्थव्यवस्था में उत्पादकता की दृष्टि से लाभकारी जनहित डिजिटल सेवा है। वित्त मंत्रालय ने उन खबरों को देखते हुए स्पष्टीकरण दिया है जिनमें यूपीआई पर शुल्क लगाने की संभावना व्यक्त की गई है। मंत्रालय ने कहा है कि सेवा प्रदाताओं की लागत से जुड़ी चिंताओं का हल दूसरे तरीके से निकाला जाएगा। मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने पिछले वर्ष डिजिटल भुगतान व्यवस्था के लिये वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया था, इसे इस वर्ष भी जारी रखने की घोषणा की गयी है ताकि इसके उपयोग और आर्थिक रूप से लाभप्रद ऐसे आसान माध्यमों को बढ़ावा मिले।
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