संसद ने आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज विधेयक को मंजूरी दे दी। लोकसभा में यह विधेयक पिछले साल दिसंबर में ही पारित हो चुका है। विधेयक का उद्देश्य आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में संशोधन और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-एनडीएमए तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-एसडीएमए के कामकाज को कुशल बनाना है।
विधेयक में एनडीएमए और एसडीएमए को राष्ट्रीय कार्यकारी समिति और राज्य कार्यकारी समिति के बजाय राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर पर आपदा योजना तैयार करने का अधिकार दिया गया है। विधेयक में राज्य सरकारों को राज्य की राजधानियों और नगर निगम वाले शहरों में अलग से एक शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गठित करने का भी अधिकार दिया गया है। विधेयक में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर आपदा डेटाबेस बनाने का प्रावधान है।
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आपदाओं के आकार और पैमाने में बदलाव हुआ है और प्रतिक्रियाओं को भी उसी अनुसार बदलना होगा। उन्होंने कहा कि विधेयक का उद्देश्य सक्रिय रूप से आपदा जोखिम को कम करना है। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मैनुअल निगरानी से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित रियल टाइम निगरानी की ओर बढ़ना है। उन्होंने कहा कि विधेयक के माध्यम से सरकार एक बहुआयामी प्रतिक्रिया प्रणाली तैयार करना चाहती है, जिससे समाज और नागरिक भी शामिल हों। विपक्ष के केंद्रीकरण के आरोप पर अमित शाह ने कहा कि विधेयक के तहत सबसे बड़ी शक्ति जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को दी गई है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन समवर्ती सूची में है और यह केंद्र और राज्य दोनों का विषय है।
इससे पहले, चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के नीरज डांगी ने कहा कि विधेयक में पीएम केयर्स फंड या इसके इस्तेमाल के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। उनकी इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने विरोध जताया।
भाजपा के बृजलाल ने कहा कि आपदा प्रबंधन की मुख्य जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आपदाओं के मामले में राज्यों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराती है। बृजलाल ने कहा कि आपदा संभावित क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल-एनडीआरएफ बटालियन स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 23 जून, 2023 को 19 राज्यों में राज्य आपदा मोचन बल-एसडीआरएफ बटालियन की स्थापना के लिए छह हजार 194 करोड़ रुपये दिए हैं।तृणमूल कांग्रेस-टीएमसी की रीताब्रत बनर्जी ने एनडीए शासित केंद्र सरकार पर विपक्ष शासित राज्यों का फंड रोकने का आरोप लगाया।
एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल ने हर स्तर पर आपदा तैयारियों को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
केरल का उदाहरण देते हुए सीपीआई-एम के ए.ए.रहीम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित राज्यों को बहुत कम धनराशि आवंटित कर रही है। सीपीआई सांसद संदोष कुमार पी. ने विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने का सुझाव दिया।
National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More
RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment