Categories: News-Headlines

श्री अन्न (मिलेट) का जितना उपयोग बढ़ेगा, छोटे किसानों को उतना ज्यादा होगा फायदा: कृषि मंत्री तोमर

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि श्री अन्न (मिलेट) आज की जरूरत है, क्योंकि ये पोषक तत्वों से भरपूर होते है। वर्तमान परिवेश में घर हो या बाहर हमारे पास भोजन तो उपलब्ध है, लेकिन उसमें जरूरत के हिसाब से पोषक तत्वों की कमी है। पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा भोजन में रहे, इसके लिए थाली में श्री अन्न होना जरूरी है। कृषि मंत्री तोमर ने यह बात जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय नेशनल मिलेट कांफ्रेंस के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही।

कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि हम जानते हैं कि दुनिया में मिलेट विशिष्ट उत्पादन के रूप में उत्पादित होता रहा है। समय के साथ मिलेट का भोजन की थाली में स्थान कम होता गया और इसकी प्रतिस्पर्धा समाप्त हो गई। मिलेट को पुनः बढ़ावा मिले और इसका उपयोग बढ़े, इसे लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। भारत की अगुवाई में वर्ष 2023 को पूरी दुनिया मिलेट ईयर के रूप में मना रही है। 18 मार्च को नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इसे विधिवत लांच करेंगे। इसके अलावा, इस वर्ष देशभर के लगभग 50 शहरों में जी-20 की बैठकें आयोजित होना हैं, जिनमें विदेशों के लगभग दो लाख लोग भारत आएंगे। प्रधानमंत्री के निर्देशन में जी-20 की बैठकों के माध्यम से भी मिलेट के प्रचार-प्रसार की योजना तैयार की गई है। जी-20 के सभी कार्यक्रमों में, भोजन में मिलेट को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि जब ये लोग अपने देश लौटे तो यहां से भोजन का अच्छा स्वाद लेकर जाएं और दुनियाभर में भारतीय श्री अन्न को नई पहचान मिलें। इसका लाभ हमारे किसानों व देश को मिलेगा।

कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि मिलेट फसल वर्षा आधारित होती है, जिसे कम खर्च व कम पानी में उगा सकते है। गरीब किसान बंजर धरती में इसका उत्पादन कर सकते है। मिलेट का उपयोग जितना बढ़ेगा, भोजन में उतने पोषक तत्व मिलेंगे, जिसका फायदा लोगों को होगा। मिलेट का उपयोग दुनिया में बढ़ेगा तो प्रोसेसिंग बढ़ेगी, निर्यात बढ़ेगा, जिसका लाभ छोटे किसानों को होगा और उनकी माली हालत सुधारने में सफलता मिलेगी। यह मिलेट ईयर इस दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। देश में इस पर रिसर्च बढ़ाने के लिए तीन राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र हरियाणा, हैदराबाद व बेंगलुरू में स्थापित किए गए है, जिनके जरिए काफी काम हो रहा है। कृषि क्षेत्र में करीब 2000 स्टार्टअप काम कर रहे हैं, जिनमें अधिकांश मिलेट से संबंधित हैं। हमारे देश से 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के कृषि उत्पादों का निर्यात हुआ, जिनमें अधिकांश हिस्सा आर्गनिक व मिलेट का है। उन्होंने कहा कि म.प्र. में कृषि को बढ़ावा देने व सोया राज्य बनाने में जवाहरलाल नेहरू कृषि वि.वि. की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मिलेट की जो किस्में विलुप्त हो रही हैं, उन पर भी वि.वि. काम कर रहा है, जिसे और बढ़ाने की जरूरत है। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा, म.प्र. के कृषि मंत्री कमल पटेल, कुलपति प्रो. प्रमोद कुमार मिश्रा आदि भी मौजूद थे।

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

13 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

16 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

17 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

17 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

2 days ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.