विशाखापत्तनम बंदरगाह पर अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, वीपीए अध्यक्ष डॉ. एम. अंगामुथु, आईएएस, एवं अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य लोगों की उपस्थिति में किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल, जो अब परिचालन के लिए तैयार है, भारत के पूर्वी तट पर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय क्रूज़ पर्यटन दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में काम करेगा। यह विश्व स्तरीय सुविधा आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों को लाभान्वित करते हुए पर्यटकों को एक परिवर्तनकारी अनुभव प्रदान करने का वादा करती है।
यह दूरदर्शी परियोजना पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के एक प्रस्ताव के जवाब में शुरू की गई थी। पर्यटन मंत्रालय द्वारा पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान केंद्रीय एजेंसियों को सहायता योजना के तहत विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट (वीपीटी) द्वारा विशाखापत्तनम बंदरगाह के बाहरी बंदरगाह में चैनल बर्थ पर क्रूज़-कम कार्गो टर्मिनल के विकास के लिए आंशिक वित्त पोषण को मंजूरी दी गयी थी।
विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट (वीपीटी) द्वारा प्रदान की गई कुल अनुमोदित परियोजना की लागत 77 करोड़ रूपये थी। इसमें से, पर्यटन मंत्रालय ने 50 प्रतिशत फंडिंग की प्रतिबद्धता जताई, जो कि 38.50 करोड़ रू के बराबर है, इसके अलावा शेष व्यय विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट (वीपीटी) द्वारा अपने आंतरिक संसाधनों से पूरा किया जाना है।
उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 38.50 करोड़ रू की फंडिंग में से 29.91 करोड़ रू की प्रभावशाली राशि, जो स्वीकृत फंडिंग का 77.6 प्रतिशत है, पहले ही जारी की जा चुकी है और विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट (वीपीटी) द्वारा इसका पूरी तरह से उपयोग किया जा चुका है।
क्रूज़ टर्मिनल बिल्डिंग 4,580.46 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें भूतल और पहली मंजिल दोनों शामिल हैं।
क्रूज़ टर्मिनल बिल्डिंग आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें लाउंज, कस्टम्स, आव्रजन, संगरोध काउंटर, सामान प्रबंधन सुविधाएं, स्कैनिंग, कॉनकोर्स, रेस्तरां, मनोरंजन, खरीदारी, स्वास्थ्य और व्यापार प्रदर्शनियां, मनी एक्सचेंज आउटलेट, सीसीटीवी कवरेज और पर्याप्त पार्किंग स्थल आदि शामिल हैं।
क्रूज़ टर्मिनल की विशेषताएं:
180 मीटर लंबाई वाली बर्थ है।
चार मूरिंग डॉल्फ़िन है, प्रत्येक तरफ दो, कुल लंबाई 300 मीटर तक फैली हुई है।
2,000 वर्ग मीटर में फैला एक टर्मिनल भवन, जो सभी आवश्यक सुविधाओं से परिपूर्ण है।
सात बसों, 70 कारों और 40 दोपहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग हेतु स्थान।
आसान पहुंच की सुविधा के लिए उत्कृष्ट सड़क कनेक्टिविटी।
अंतर्राष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल नवंबर से मार्च के महीनों के दौरान क्रूज़ टर्मिनल के रूप में काम करेगा, जो कि दुनिया भर के यात्रियों की जरूरतों को पूरा करेगा। इसके अलावा, अप्रैल से अक्टूबर के शेष महीनों के दौरान, बर्थ का उपयोग तटीय कार्गो संचालन के लिए किया जाएगा।
यह ऐतिहासिक परियोजना पर्यटन विकास, बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह पर्यटन मंत्रालय और बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के बीच सहयोगात्मक प्रयासों के प्रमाण के रूप में खड़ा है, जो भारत की पर्यटन क्षमता और आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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