वस्त्र मंत्रालय ने नवाचार और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी वस्त्र में स्टार्टअप को स्वीकृति दे दी है, जो इस उद्योग के भविष्य को आकार देगा। यह बात वस्त्र मंत्रालय में सचिव रचना शाह ने आज दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एन.टी.टी.एम.) की अधिकार प्राप्त कार्यक्रम समिति (ई.पी.सी.) की 7वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया।
तकनीकी वस्त्र (जी.आर.ई.ए.टी.) में आकांक्षी नवप्रवर्तकों में अनुसंधान और उद्यमिता के लिए एन.टी.टी.एम. का अनुदान तकनीकी वस्त्र के क्षेत्र में युवा नवप्रवर्तकों, वैज्ञानिकों/प्रौद्योगिकीविदों और स्टार्टअप उद्यमों को अपने विचारों को वाणिज्यिक प्रौद्योगिकियों/उत्पादों में मूर्त रूप देने के लिए और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि जी.आर.ई.ए.टी. तकनीकी वस्त्रों के लिए कार्यात्मक प्रोटोटाइप या उनकी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए व्यक्तिगत उद्यमियों या स्टार्ट-अप का समर्थन करता है।
इस अधिकार प्राप्त कार्यक्रम समिति (ई.पी.सी.) ने ग्रेट योजना के तहत 7 स्टार्टअप प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। केन्द्र सरकार प्रति स्टार्टअप 50 लाख रुपये की अधिकतम निधि सहायता प्रदान कर रही है। अब तक, एन.टी.टी.एम. के तहत 8 स्टार्टअप प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, जो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रगति को बढ़ावा देते हुए, जैसे स्थिरता, संयोजन, उच्च प्रदर्शन वाले वस्त्र, मेडिटेक और स्मार्ट वस्त्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
कुछ स्टार्ट-अप जिन्हें ई.पी.सी. द्वारा अनुमोदित किया गया था और जो भारत में प्रौद्योगिकी-उन्मुख विनिर्माण को बढ़ावा देने में एक लंबा रास्ता तय कर सकते हैं, वे हैं ‘सैन्य अनुप्रयोगों के लिए ब्रेडेड कंपोजिट का विकास और निर्माण, रेडमोन इंटीग्रेटेड आई.एफ.एफ. एंटीना, डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने के लिए कंपोजिट से बने सर्जिकल स्टिमुलेशन मॉडल, ऊर्जा उत्पादन और संवेदन के लिए नैनो-फाइबर युक्त वस्त्र’।
इसके अतिरिक्त, ई.पी.सी. ने आई.आई.टी. गुवाहाटी को तकनीकी वस्त्रों में नए पेपर/विषय शुरू करने और अपने सिविल अभियांत्रिकी विभाग में प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने के लिए लगभग 6 करोड़ 40 लाख रुपये के अनुदान को स्वीकृति दी है। यह अनुदान एन.टी. टी.एम. के ‘तकनीकी वस्त्रों में शैक्षणिक संस्थानों को सक्षम बनाने के लिए सामान्य दिशानिर्देश-निजी और सार्वजनिक संस्थानों के लिए’ के अंतर्गत प्रदान किया गया है।
अपनी प्रयोगशाला अवसंरचना को बेहतर और तकनीकी वस्त्रों, विशेष रूप से भू-वस्त्रों में अपनी क्षमताओं का विस्तार करके, पूर्वोत्तर क्षेत्र का एक प्रमुख संस्थान, आई.आई.टी. गुवाहाटी, इस क्षेत्र की अनूठी भौगोलिक और पर्यावरणीय स्थितियों को संबोधित करने के लिए बेहतर ढंग से सुसज्जित होगा। यह अनुदान इस संस्थान को तकनीकी परामर्श और आवश्यक सहायता प्रदान करके एन.ई.आर. के विकास में एक प्रमुख सक्षमकर्ता बनने के लिए उत्प्रेरित करेगा।
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