त्योहारों के इस मौसम के दौरान, रेलवे स्टेशनों और गाड़ियों में यात्रियों की संख्या में कई गुना वृद्धि देखी जा रही है। इस बढ़ी हुई भीड़ के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए, भारतीय रेल ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने व अनुशासित करने के लिए कई उपाय किए हैं।
बरती जा रही विभिन्न सावधानियां इस प्रकार हैं:
जहां तक संभव हो, ट्रेनों को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्लेटफॉर्म संख्या की जानकारी पहले ही देने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म संख्या में कोई बदलाव नहीं किए जायेंगे। विशेष गाड़ियों सहित सभी रैक को प्रस्थान के निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले प्लेटफार्म पर लगाया जाएगा।
गाड़ियों के बारे में पूछताछ एवं उद्घोषणा की उचित प्रणाली सुनिश्चित की जा रही है। गाड़ियों की जानकारी देने वाले सभी सूचना बोर्ड सक्रिय स्थिति में होंगे और ताजा जानकारी दिखायेंगे।
एस्केलेटर के लिए कर्मियों की तैनाती।
एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए नियमित निगरानी की जा रही है।
रेलवे स्टेशन के निकट स्थित रेलवे अस्पतालों, रेलवे औषधालयों को रेलवे स्टेशन पर किसी भी संभावित अप्रिय घटना की स्थिति में तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
मिनी नियंत्रण कक्ष:
टर्मिनल स्टेशनों पर संचालन, वाणिज्यिक, यांत्रिक, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, आरपीएफ और चिकित्सा के नामित कर्मचारियों के साथ (06.00 बजे से लेकर 24.00 बजे के दौरान) मिनी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं। इन पूरी तरह सुसज्जित मिनी-कंट्रोल रूम में टेलीफोन, ट्रेन की जानकारी, पैनल रूम कनेक्टिविटी, प्लेटफॉर्म और सर्कुलेटिंग एरिया का सीसीटीवी फीड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
व्यस्त समय के दौरान समग्र पर्यवेक्षण और समन्वय के लिए अधिकारियों को स्टेशनों पर विशेष ड्यूटी अधिकारी (एसडीओ) के रूप में तैनात किया गया है।
अतिरिक्त यात्री प्रतीक्षा क्षेत्र एवं सुविधाएं:
टर्मिनल स्टेशनों पर सर्कुलेटिंग एरिया में 500 से अधिक यात्रियों की क्षमता वाले टेंट की व्यवस्था की जा रही है। अस्थायी प्रतीक्षा क्षेत्र, मोबाइल शौचालय, टेंट क्षेत्र के सामने अतिरिक्त पानी के नल, अतिरिक्त आरक्षण काउंटर एवं यूटीएस बुकिंग काउंटर, पूछताछ काउंटर, ट्रेन की जानकारी के लिए बड़े आकार के एलसीडी स्क्रीन एवं सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, भोजन एवं नाश्ते के लिए स्टाल और आरपीएफ हेल्प डेस्क काउंटर की व्यवस्था की गई है।
चिकित्सा सुविधाएं:
06.00 बजे से लेकर 24.00 बजे के दौरान चिकित्सकों की तैनाती की गई है। टर्मिनल स्टेशनों के साथ-साथ सभी प्रमुख स्टेशनों पर चौबीसों घंटे अल्प सूचना पर चिकित्सक उपलब्ध हैं। स्टेशनों पर पैरा-मेडिकल स्टाफ, पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के साथ प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र का प्रावधान किया गया है। प्रमुख स्टेशनों पर एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती :
भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त वाणिज्यिक कर्मचारियों, आरपीएफ एवं आरपीएसएफ, जीआरपी कर्मियों, सिविल डिफेन्स के स्वयंसेवकों और स्काउट एवं गाइडों की तैनाती की गई है।
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