Categories: News-Headlines

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सड़क सुरक्षा और सड़क निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बीआरओ के दो उत्कृष्टता केंद्रों का उद्घाटन किया

राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली के सीमा सड़क भवन में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा स्थापित उत्कृष्टता केंद्रों को देश को समर्पित किया। इन केन्द्रों की स्थापना सड़क सुरक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करने के साथ-साथ सड़कों, पुलों, हवाई क्षेत्रों और सुरंगों के निर्माण में वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए की गई है। सड़क सुरक्षा और जागरूकता केंद्र (सीओईआरएसए) का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण के साझाकरण के माध्यम से सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता पैदा करना और बहुमूल्य जीवन बचाने के तरीके सुझाना है।

सड़कों, पुलों, वायु क्षेत्रों और सुरंगों (सीओईआरबीएटी) के लिए उत्कृष्टता केंद्र लगभग 60,000 किलोमीटर सड़कों, 56,000 मीटर पुलों, 19 हवाई अड्डों और देश के पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भाग में चार सुरंगों के विकास में वर्षों में प्राप्त ज्ञान को संस्थागत बनाने पर केंद्रित है।

इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने में बीआरओ के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे बहुमूल्य जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सड़क दुर्घटनाओं को एक मूक महामारी बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा नीति, मोटर वाहन अधिनियम 2020 जैसी अनेक शुरुआत की हैं और इस समस्या से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट की पहचान की है और इन केंद्रों की स्थापना इस दिशा में एक और कदम है।

रक्षा मंत्री ने सुदूर क्षेत्रों में सड़कों, सुरंगों और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के द्वारा अपनी स्थापना के बाद से राष्ट्र की प्रगति में बीआरओ द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कठिन मौसम की स्थिति में अथक परिश्रम करने के लिए बीआरओ के प्रयासों की प्रशंसा की। कनेक्टिविटी को राष्ट्र की प्रगति का एक अनिवार्य घटक बताते हुए उन्होंने कहा कि बीआरओ सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने ‘अटल सुरंग, रोहतांग’, कैलाश मानसरोवर रोड और जोजिला दर्रे के अत्याधुनिक निर्माण सहित बीआरओ की हालिया उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने नवीन सोच वाले नारों और साइनबोर्ड के माध्यम से सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए बीआरओ की सराहना की।

राजनाथ सिंह ने बीआरओ के विकास के लिए सरकार द्वारा किए गए विभिन्न उपायों को भी सूचीबद्ध किया। इनमें बीआरओ के बजट में वृद्धि, कर्मियों के लिए ऊंचाई वाले स्थानों पर पहने जाने वाले विशेष कपड़ों को मंजूरी देने के साथ-साथ संगठन का मनोबल बढ़ाने के लिए कैडर रिव्यू शामिल हैं। उन्होंने रक्षा मंत्रालय के निरंतर साथ का आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार देश के दूर-दराज के क्षेत्रों की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है । उन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बीआरओ कर्मियों को भी याद किया।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने बीआरओ कर्मियों की कार्य दक्षता, उनके मानव संसाधन प्रबंधन, भर्ती प्रबंधन, नामांकन और कार्य प्रबंधन को अनुकूलित करने के लिए विकसित किए गए चार सॉफ्टवेयर भी लॉन्च किए। बीआरओ ने कार्बन फुटप्रिन्ट को कम करने को ध्यान में रखते हुए कागजी कार्रवाई को कम करने के लिए सॉफ्टवेयर बनाया है। राजनाथ सिंह ने सॉफ्टवेयर के विकास को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और डिजिटल इंडिया अभियानों का एक बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर से संगठन की कार्यकुशलता में और सुधार होगा, इसका आधुनिकीकरण होगा और समय की बचत होगी ।

इस अवसर पर कंचन उगरसंडी द्वारा लद्दाख के उमलिंग ला दर्रे और वापसी तक पहली बार सोलो महिला मोटरसाइकिल अभियान को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रक्षा मंत्री ने कंचन उगरसंडी को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि वह सफलता की नवीन ऊंचाइयां छूती हुई सामने आएंगी और नए कीर्तिमान स्थापित करके कार्य पूरा करेंगी।

इससे पहले सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने राजनाथ सिंह को हाल के वर्षों में बीआरओ की पहलों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने रक्षा मंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तैयार आत्मनिर्भर भारत अभियान की संकल्पना को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान में जारी और भविष्य की परियोजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने रक्षा मंत्री को दूर-दराज के क्षेत्रों में कोविड-19 और आजादी का अमृत महोत्सव से संबंधित बीआरओ द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की भी जानकारी दी। सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक ने कहा कि बीआरओ राष्ट्र की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और संगठन की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक बदलाव लाएगा।

इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

Leave a Comment

Recent Posts

कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं।

शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ… Read More

5 hours ago

RUHS CUET 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवार अब स्कोरकार्ड और मेरिट लिस्ट देखकर एडमिशन प्रक्रिया की तैयारी कर सकते हैं।

RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS)… Read More

5 hours ago

This website uses cookies.