रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली से माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) और माउंट कंचनजंगा (8,586 मीटर) के लिए अभियानों को हरी झंडी दिखाई। भारतीय सेना के माउंट एवरेस्ट अभियान में 34 पर्वतारोही शामिल हैं और यह दल पारंपरिक साउथ कोल रूट का अनुसरण करेगा जिसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी करेंगे। संयुक्त भारत-नेपाल अभियान का उद्देश्य माउंट कंचनजंगा पर चढ़ना है। इसमें भारतीय सेना के 12 पर्वतारोही और नेपाली सेना के छह पर्वतारोही शामिल होंगे। इसका नेतृत्व भारतीय सेना के कर्नल सरफराज सिंह करेंगे।
इसके अलावा, माउंट एवरेस्ट पर एक संयुक्त एनसीसी अभियान का नेतृत्व कर्नल अमित बिष्ट करेंगे। इस दल में पांच छात्रा कैडेट, पांच छात्र कैडेट, चार अधिकारी और 11 स्थायी प्रशिक्षक कर्मचारी शामिल हैं। इस महीने शुरू होने वाले इन अभियानों का लक्ष्य मई 2025 तक अपने-अपने शिखरों पर पहुंचना है।
रक्षा मंत्री ने पर्वतारोहियों से बातचीत कर उनके साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अभियान युवाओं को प्रेरित करेंगे और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्वतारोहण में भारत के नेतृत्व को प्रदर्शित करेंगे।
इन अभियानों को सशस्त्र बलों के असाधारण कौशल, लचीलेपन और अदम्य भावना को प्रदर्शित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनसे भावी पीढ़ियों को साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता की भावना के साथ अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
भारतीय सेना द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, भारत में नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर पी. शर्मा, नेपाल का एक प्रतिनिधिमंडल और अन्य वरिष्ठ नागरिक एवं सैन्य अधिकारी शामिल हुए।
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