भारतीय सशस्त्र सेनाओं के वर्तमान रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने सेवारत कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए 01 दिसंबर, 2023 को पुणे स्थित सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय में एक विशेष प्रकोष्ठ टेली-मानस सेल का उद्घाटन किया। यह प्रकोष्ठ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की टेली-मेंटल हेल्थ असिस्टेंस एंड नेटवर्किंग अक्रॉस स्टेट्स (टेली मानस) पहल के विस्तार के रूप में कार्य करेगा। यह टेली मानस प्रकोष्ठ पूरे देश में सशस्त्र बलों के सभी लाभार्थियों के लिए एक केंद्रीय मनोवैज्ञानिक हेल्पलाइन सेवा के रूप में अपनी सेवाएं देगा।
इस विशेष प्रकोष्ठ का उद्घाटन डीजीएएफएमएस लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह, एएफएमसी निदेशक और कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नरेंद्र कोटवाल, एनआईएमएचएएनएस की निदेशक डॉ. प्रतिमा मूर्ति, रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव मयंक तिवारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा पिछले वर्ष शुरू की गई पहल ‘टेली मानस’ को शानदार प्रतिक्रिया मिली है, अब तक इसे देश भर में 4,60,000 से अधिक कॉल प्राप्त हो चुकी हैं। यह सेवा 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 51 सक्रिय टेली मानस सेल के साथ, अब 20 भाषाओं में प्रतिदिन 1,300 से अधिक कॉल पर प्रतिक्रिया देती है, जो भारत में एक व्यापक डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क के निर्माण की दिशा में लगातार होती प्रगतिशील प्रवृत्ति को दर्शाती है।
भारतीय सेना के समक्ष आने वाले अद्वितीय तनाव कारकों को समझते हुए, अब सशस्त्र बलों में टेली-मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता महसूस की गई है। सामरिक व संघर्षपूर्ण वातावरण, सांस्कृतिक चुनौतियां और क्षेत्रीय संघर्षों से संबंधित विशिष्ट तनावों के लिए सशस्त्र बलों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के उद्देश्य एक विशेष दृष्टिकोण की जरूरत हो रही थी।
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक (डीजीएएफएमएस) ने इस आवश्यकता के प्रत्युत्तर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दिए जा रहे निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग के साथ पुणे स्थित सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय में एएफएमएस टेली-मानस सेल स्थापित करने की पहल की है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किए गए।
सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय में एएफएमएस टेली-मानस प्रकोष्ठ मनोवैज्ञानिक परामर्शदाताओं द्वारा संचालित होगा और यह 24×7 उपलब्ध रहेगा। संकट में फंसे हुए सशस्त्र बल के जवान देश में कहीं से भी टोल-फ्री नंबर 14416 पर कॉल कर सकते हैं और इसकी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह सेवा सशस्त्र बलों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल हेतु भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तत्पर है।
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