केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भारत में एफडीआई पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढता़ रहा है। सीआईआई-केआईटीए द्वारा आयोजित भारत-कोरिया व्यवसाय साझीदारी फोरम के 4 चौथे संस्करण को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा,’आज हम निवेशों के लिए एक आकर्षक और पसंदीदा गंतव्य बन चुके हैं।’
पीयूष गोयल ने रक्षा एवं रिटेल जैसे नए क्षेत्रों में निवेश करने के लिए दक्षिण कोरिया के उद्यमियों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, ‘हमें ऑटोमोबाइल, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़े के उत्पादों, धातु, खनन, रसायन तथा स्टील जैसे हमारे पारंपरिक क्षेत्रों के जरिये भी अपनी पूरक शक्तियों की सहायता करने और साथ ही रक्षा, ई-कॉमर्स तथा रिटेल में नए उभरते अवसरों को देखने की आवश्यकता है।’
पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को राष्ट्रपति मून की ‘नई दक्षिणी नीति’ से सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि ‘कोरिया की कई कंपनियों ने उन अवसरों का लाभ उठाया है जिसे भारत ने कुशल श्रमबल, निम्न लागत विनिर्माण तथा सरकारी सहायता, जो सरकार भारत की कंपनियों को उपलब्ध कराती है, के प्रतिस्पर्धी तथा तुलनात्मक लाभों का उपयोग करते हुए विश्व को ‘मेक इन इंडिया’ के लिए प्रस्तुत किया है।’
पीयूष गोयल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने अपनी अनुकूलता, दुनिया की सेवा करने की हमारी क्षमता, दुनिया भर की कंपनियों के लिए एक भरोसमंद साझीदार बनने के अपने सामार्थ्य का प्रदर्शन किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि आज हमें व्यापक रूप से दुनिया की फार्मेसी के रूप में जाना जाता है जिसने सभी महाद्वीपों में दवाएं तथा टीके उपलब्ध कराये हैं। पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि हमारी योजना अगले वर्ष 5 अरब टीके बनाने तथा टीकाकरण के बाद दुनिया भर में लोगों की हिफाजत और सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था फिर से मजबूत स्थिति में लौट रही है और हम संभवतः दुनिया भर में सबसे तेज गति की विकास दर के साक्षी बनेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा निर्यात सर्वकालिक ऊंचाई पर है…. विनिर्माण पक्ष तथा सेवाओं, दोनों पर हमारा पीएमआई अब तक के सर्वश्रेष्ठ स्तर पर है। हम आत्मनिर्भर भारत, एक आत्म विश्वास तथा स्व निर्भर भारत …के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी शक्तियों का लाभ उठा रहे हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने उद्योग तथा सेवा क्षेत्र की सहायता करने के लिए कई नीतिगत कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास एक बहुत जीवंत उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन कार्यक्रम है जिसमें कई कोरियाई कंपनियों ने भी भागीदारी की है। हमने अभी हाल में ही एक राष्ट्रीय सिंगल विंडो लांच की है, जो एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की परियोजनाओं के साथ एक राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन है और बुनियादी ढांचा से जुड़ी कंपनियों के लिए अवसर उपलब्ध कराती है। हमने नए निवेशों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देते हुए कंपनी करों को दुनिया भर में सबसे कम कर दिया है, अपनी विदेशी निवेश व्यवस्था को उदार बनाया है तथा भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की सहायता के लिए कई अन्य उपाय किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार या पांच वर्षों में भारत में लगभग 70 यूनिकॉर्न हो गए हैं, जिनमें से लगभग आधे कोविड महामारी के अंतिम वर्ष में ही हुए हैं।
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