केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विश्व हर क्षेत्र में भारत से अपेक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत फ्रांस के साथ 25 वर्षों की अपनी रणनीतिक साझीदारी और 75 वर्षों की मित्रता को बहुत सम्मान देता है। उन्होंने कहा कि फ्रांस रक्षा, अर्थव्यवस्था, निवेशों आदि में पसंदीदा साझीदार है और 25 वर्षों की यह यात्रा वास्तव में भारत की प्रगति की यात्रा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत इस साझीदारी को सुदृढ़ बनाने की इच्छा रखता है। पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच वास्तव में एक जीवित सेतु के रूप में काम कर रहा फ्रांस में भारत का जीवंत समुदाय निरंतर एक ऐसे मार्ग पर चलेगा जिससे प्रोद्योगिकी, निवेश, पर्यटन आदि में फ्रांस के साथ भारत का रिश्ता और भी प्रगाढ़ बनेगा।
पीयूष गोयल ने कल फ्रांस के पेरिस में प्रवासी भारतीयों के साथ एक परस्पर बातचीत के दौरान फ्रांस की भूमि पर भारत की विकास गाथा का वर्णन किया और बताया कि किस प्रकार भारत, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व के तहत वैश्विक मंत्र पर एक उज्ज्वल स्थान के रूप में उभर कर सामने आ रहा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि 1947 में, जब भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई, इसने विश्व में अपना स्थान फिर से प्राप्त करना आरंभ कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत इस वर्ष फ्रांस के साथ 25 वर्षों की साझीदारी तथा भारत की आजादी के 75वें वर्ष का समारोह मना रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि जहां यह पिछले 75 वर्षों में अर्जित की गई सभी अच्छी चीजों पर चिंतन मनन करने का एक महान क्षण है, यह हममें से प्रत्येक के लिए अभिनव विचारों को प्रदर्शित करने का भी एक महान अवसर है कि किस प्रकार हमारे देश को भविष्य में प्रगति करनी चाहिए।
पीयूष गोयल ने उन बदलावों को दर्ज किया जो सरकार के पिछले 9 वर्षों के दौरान घटित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर रहा है कि देश के प्रत्येक व्यक्ति, विशेष रूप से जो समाज के सबसे निचले पायदान पर हैं, की मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान दिया जाए। पीयूष गोयल ने कहा कि सभी के लिए आवास, स्वास्थ्य देखभाल, भोजन, वस्त्र, आश्रय आदि के प्रावधन का सरकार द्वारा सभी स्तरों पर मजबूती से पालन किया गया है। उन्होंने जनजातीय समुदायों की सहायता करने एवं उन्हें सशक्त बनाने में समुदाय के नेताओं एवं एकल विद्यालय द्वारा निभाई जा रही भूमिका की सराहना की।
उन्होंने कहा कि 2014 तक आधे भारत में शौचालयों की कमी थी, सरकारें आईं और चली गईं लेकिन कहीं न कहीं उस संवेदनशीलता का अभाव था कि हमारी माताएं, हमारी बहनें और हमारी बेटियां बेहतर सम्मान की हकदार हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा से जो सम्मान और गरिमा प्राप्त होती है, उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महसूस किया और स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश भर में शौचालयों का निर्माण किया गया जिससे कि आज किसी भी बहन को उसके घर पर इस सुविधा के न रहने के अपमान का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिए, सरकार ने देश में लगभग प्रत्येक घर में रसोई गैस कनेक्शन सुनिश्चित किया है जिससे कि महिलाओं को कोयले या लकड़ी जैसे भोजन पकाने के पारंपरिर्क इंधन से निकलने वाले हानिकारक धुंएं से बचाया जा सके।
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने लगभग 500 मिलियन लोगों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य देखभाल स्कीम आयुष्मान भारत भी लांच की है। उन्होंने उदार शिक्षा को बढ़ावा देने वाली नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, जल जीवन मिशन आदि जैसी सरकार द्वारा आरंभ की गई कुछ अन्य पहलों का भी उल्लेख किया। पीयूष गोयल ने कहा कि ये पहलें पूरे देश के काम करने के तरीके में सुधार ला रही हैं और भारत को एक विकसित देश बनने की दिशा में ले जा रही हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि कोविड-19 महामारी की चुनौतीपूर्ण अवधि के दौरान, सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए गंभीर प्रयास किए कि देश के प्रत्येक व्यक्ति को भोजन, जल आदि उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि कोविड को रोकने के लिए विश्व के सबसे सख्त लॉकडाऊन के बावजूद भारत सरकार द्वारा सभी भारतीयों की देखभाल करने के तरीके की विश्व के अन्य देशों ने सराहना की।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पिछले 9 वर्षों में आरंभ किए गए ये प्रयास मूलभूत निर्माण इकाइयों (बिल्डिंग ब्लौक्स) और सक्षमकताओं के रूप में काम करते हैं जिन्होंने हमारे लोगों के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्ता उपलब्ध कराने तथा एक बेहतर भविष्य की ओर देखने वाले आकांक्षी युवा भारतीयों के राष्ट्र के निर्माण करने के लिए इस नई युग की प्रौद्योगिकी के साथ काम करने के लिए भारत को तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय के कौशलों तथा प्रतिभा के साथ सशक्त बनाने और मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति किए जाने के साथ, भारत के युवा जिन्होंने अपने स्मार्ट फोन पर विश्व भर की प्रगति को देखा है, और भी बड़ा और बेहतर अर्जित करने के लिए काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं के श्रम बल में शामिल होने और विनिर्माण तथा सेवा सेक्टरों में तेज गति से आगे बढ़ने के साथ साथ कार्य सिद्धांतों के मूल के रूप में स्थिरता को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ते हुए भारत एक विकसित देश बनने के सही मार्ग पर है।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत शेष विश्व को विशाल अवसर प्रस्तुत करता है और भारत के समग्र निर्यात का 2022-23 में 765 बिलियन डॉलर तक बढ़ जाना एक नए भारत का एक उदाहरण है जो शेष विश्व को सार्मथ्य, क्षमता और आत्मविश्वास से भरपूर एक नए भारत का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों का प्रत्येक सदस्य भारत का एक राजदूत है।
पीयूष गोयल ने कहा कि फ्रांस में भारतीय समुदाय 2047 तक भारत को एक विकसित देश देखने के प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित अमृत काल की इस यात्रा में योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को अनिवार्य रूप से मित्र और सम्मानित देशों के समूह में अपना सही स्थान प्राप्त करना चाहिए क्योंकि जैसाकि प्रधानमंत्री ने कहा है, ‘ यही समय है, यही सही समय है । ‘
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