भारत और वियतनाम ने संयुक्त राष्ट्र समुद्र विधि समझौता सम्मेलन-यूएनसीएलओएस के महत्व पर जोर देते हुए यथास्थिति को बदलने वाली एकतरफा कार्रवाइयों और धमकियों को खारिज किया है और किसी भी विवाद का हल अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आज नई दिल्ली में वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री तो लाम के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक की। बैठक में, दोनों नेताओं ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने और क्षेत्र तथा विश्व में शांति, समृद्धि और स्थिरता बनाए रखने के लिए रणनीतिक, सुरक्षा और रक्षा संबंधों में सुधार के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देश वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण में सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमत हुए । दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखने और सुदृढ करने के महत्व की फिर पुष्टि की। दोनों पक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हाल के घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
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